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विभिन्न तरह के फूलों एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है – “फूलों की घाटी”

मई के आखिरी सप्ताह से फूल खिलने शुरू हो जाते हैं

1 जून से पर्यटक कर सकेंगे फूलों और प्राकृतिक सौंदर्य दीदार

जुलाई-अगस्त में 300 से अधिक प्रजाति के खिलते हैं फूल

आकाश ज्ञान वाटिका, 26 मई 2022, बृहस्पतिवार, देहरादून/चमोली। “फूलों की घाटी” विभिन्न तरह के फूलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर अक्सर मई के आखिरी और जून के प्रथम सप्ताह से फूल खिलने शुरू हो जाते हैं। एक जून से घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी जायेगी। इस बार घाटी में दो सप्ताह पहले ही कई तरह के फूल खिल चुके हैं, जिसमें पोटैंटिला, वाइल्ड रोज, मोरया लोगी, फूलीया, प्रिमुला आदि फूल शामिल हैं। 87.50 वर्ग किमी० क्षेत्र में फैली घाटी उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यहाँ पर बर्फ पिघलने के बाद फूलों के पौधों में नई कोंपलें आने लगती हैं और इसके साथ ही उनमें फूल खिलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस बार भी सर्दियों में अच्छी बर्फबारी हुई थी, लेकिन तेज गर्मी पड़ने से बर्फ तेजी से पिघल गई है, जिससे चलते यहाँ समय से पहले फूल खिलने शुरू हो गए हैं।

जुलाई-अगस्त में 300 से अधिक प्रजाति के खिलते हैं फूल

फूलों की घाटी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बृज मोहन भारती का कहना है कि घाटी में इस वर्ष फूल खिलने का दौर दो सप्ताह पहले ही शुरू हो गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फ जल्द पिघलने के कारण ऐसा हो रहा है। अभी वहाँ कई तरह के फूल खिल चुके हैं। घाटी 1 जून 2022 से पर्यटकों के लिए खोल दी जायेगी। फूलों की घाटी जुलाई और अगस्त महीने में अपने चरम पर होती है। इस दौरान घाटी में 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। इसी समय यहाँ देश-विदेश के सबसे अधिक सैलानी फूलों का दीदार करने आते हैं। इन दो महीनों तक घाटी पर्यटकों से गुलजार रहती है।

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Ghanshyam Chandra

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