Breaking News :
>>वसुंधरा ताल में स्थापित हुई पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियल झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती>>खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त>>FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद>>ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच>>देहरादून में मतदाता जागरूकता गतिविधियां तेज, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए निर्देश>>स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को ढाई करोड़ स्वीकृत>>विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर>>अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीवीआईपी की भूमिका की जांच की मांग, कांग्रेस ने गांधी पार्क में किया मौन सत्याग्रह>>प्रदेश में मौसम फिर लेगा करवट, बारिश के साथ बर्फबारी के आसार>>डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त होने पर महाराज ने दी शुभकामनाएं>>नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प, परेड ग्राउंड में लोगों को दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ>>देहरादून में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 100 से अधिक लोगों को शिकार बनाने का खुलासा>>भारतीय खिलाड़ियों का जलवा- आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ बने शुभमन गिल और शेफाली वर्मा>>सीओ अस्मिता ममगाईं ने किया कोतवाली कोटद्वार का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश>>चोट के चलते न्यूजीलैंड ए के खिलाफ शुरुआती दो मैच नहीं खेलेंगे ऋषभ पंत, इस खिलाड़ी को मिला मौका>>दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट की बदली तारीख, अब 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में सजेगी महफिल>>‘दृश्यम 3’ ने दुनियाभर में मचाया धमाल, 500 करोड़ के करीब पहुंचा वर्ल्डवाइड कलेक्शन>>सरस फूड फेस्टिवल बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सशक्त मंच>>महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सखी वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण, सहायता व्यवस्था की समीक्षा>>आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण को 30 करोड़ जारी
देश

भारत और नॉर्वे के सम्बन्धो में व्यापार और निवेश का काफी अहम महत्व – पीएम मोदी

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले हैदराबाद हाउस में अपने नार्वे के समकक्ष एर्ना सोलबर्ग का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच यहां वार्ता शुरू हो गई है।

वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्ष स्टॉकहोम में जब मैं प्रधानमंत्री सोल्बर्ग से मिला था, तो मैंने उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया था। मुझे प्रसन्नता है कि आज मुझे भारत में उनका स्वागत करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री सोल्बर्ग ने Sustainable Development Goals को पाने की दिशा में वैश्विक प्रयासों को काफी प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नॉर्वे के सम्बन्धो में व्यापार और निवेश का काफी अहम महत्व है।

इससे पहले भारत के अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन नार्वे की प्रधानमंत्री इरना सोलबर्ग राष्ट्रपति भवन पहुंची। वहां इनका औपचारिक स्वागत किया गया। सोलबर्ग ने कहा ‘मैं भारत में आने के लेकर काफी उत्साहित हूं। उम्मीद है कि हमारी महासागरों,सतत विकास और द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत के साथ अच्छी साझेदारी होगी। ‘ दोनों ने आखिरी बार अप्रैल 2018 में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में मुलाकात की थी। भारत और नॉर्वे के बीच काफी अच्छे संबंध हैं।

वे इस दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से आयोजित कूटनीति महाकुंभ रायसीना डायलॉग को संबोधित भी करेंगीं।बता दें कि सोमवार को उन्होंने कहा था कि नार्वे, भारत व पाकिस्तान के बीच भी रिश्ते को सुधारने को लेकर तैयार है।

नार्वे यूरोप के उस हिस्से में शामिल है जहां भारत ने हाल ही में अपने संबंधों को मजबूत बनाने की नई पहल शुरू की है। ऐसे में सोल्बर्ग की इस यात्र का बेहद उत्सुकता से इंतजार किया जा रहा था। लेकिन पहले ही दिन उन्होंने एक चैनल को साक्षात्कार में और बाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर अपनी बेबाक राय रख दी। उन्होंने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान को बातचीत का फैसला अपने स्तर पर ही करना है। लेकिन क्षेत्र में शांति की संभावना बनती है तो वह या कोई और देश मध्यस्थता कर सकता है।’

उनसे जब पूछा गया कि क्या कश्मीर का कोई सैन्य समाधान है तो उनका जवाब था,‘मैं नहीं समझती कि किसी भी हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई से स्थाई शांति स्थापित की जा सकती है। मैं सिर्फ कश्मीर की बात नहीं कर रही। हमारे सामने सीरिया का उदाहरण है जहां सैन्य कार्रवाई के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है। मेरा मानना है कि हर दो पड़ोसी देशों के बीच शांति होनी चाहिए ताकि वह स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा धन खर्च कर सकें न कि सैन्य तैयारियों पर।’सोल्बर्ग ने यह भी कहा कि, ‘नार्वे की नीति स्पष्ट है कि जब कोई मदद मांगता है तभी दी जाती है। हम अपनी तरफ से थोपने की कोशिश नहीं करते।’

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!