Breaking News :
>>‘राइज एंड फॉल 2’ के विनर बने शहजाद पूनावाला, जीती ट्रॉफी और 35 लाख रुपये>>लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित>>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री धामी ने किया 62 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास>>अब बुजुर्गों तक सीमित नहीं घुटनों का दर्द, कम उम्र के लोग भी हो रहे प्रभावित; जानें इसके कारण और बचाव के तरीके>>दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में SDRF का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी, अब तक 07 शव बरामद>>जयपाल मालवीय ने रचा इतिहास, विश्व चैंपियनशिप में जीता रजत पदक>>मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी धनतेरस की शुभकामनाएं>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड फिल्म पुरस्कारों को दी मंजूरी>>बॉक्स ऑफिस पर ‘रामायण’ का धमाका, पहले दिन ही पार किया 60 करोड़ का आंकडा>>धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग>>लामबगड़ में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप और किआ कार की भिड़ंत में 7-8 लोग घायल>>रंगारंग प्रस्तुतियों और बॉलीवुड गायक वरुण जैन की शानदार परफॉर्मेंस के साथ ‘धरोहर-2026’ का भव्य समापन>>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद>>अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट>>जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश>>जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक>>त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा>>मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी>>मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि>>आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान
Articles

विपक्षी गठबंधन में क्या हो रहा है?

यह रहस्य है कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अंदर क्या हो रहा है। विपक्षी नेताओं की आखिरी बैठक 19 दिसंबर को हुई थी। उसके बाद साइडलाइंस की कुछ बैठकें हुई हैं। ‘इंडिया’ की आखिरी बैठक में तय किया गया था कि तीन हफ्ते में सीट बंटवारा फाइनल कर लिया जाएगा। ध्यान रहे तीन हफ्ते की यह डेडलाइन भी कई बार की विफलता के बाद तय हुई थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेंगलुरू में हुई दूसरी बैठक के समय यानी जुलाई से ही दबाव डाल रहे थे कि जल्दी सीट बंटवारा किया जाए। ममता ने तो 31 अक्टूबर की डेडलाइन दी थी। लेकिन तीन राज्यों के चुनाव की वजह से तीन महीने से ज्यादा समय तक ‘इंडिया’ को कोई बैठक ही नहीं हुई।

जब कांग्रेस हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में हारी तो आनन-फानन में मीटिंग की एक तारीख तय की, जिसे विपक्षी नेताओं ने खारिज कर दिया। उसके बाद 19 दिसंबर को बैठक हुई, जिसमें तीन हफ्ते की समय सीमा तय की गई। अब उस बैठक के तीन क्या पांच हफ्ते बीत चुके हैं और कहीं भी सीट बंटवारे की बात तय नहीं हुई है। कुछ राज्यों को लेकर शुरुआती बातचीत जरूर हुई है लेकिन फैसला कहीं हो पाया है। उलटे कई राज्यों में बातचीत में बाधा आ गई है, जिसके बाद वार्ता बंद हो गई है। आम आदमी पार्टी के साथ कई दौर की बातचीत हुई लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि पंजाब को लेकर कोई तालमेल नहीं होगा इसी तरह ममता बनर्जी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल छोड़ कर वे बाकी जगह तालमेल के लिए तैयार हैं तो सीपीएम ने कहा है कि केरल छोड़ कर बाकी जगह उसे तालमेल करना है। हालांकि इनमें से किसी के साथ अंतिम समझौता नहीं हुआ है।

इसी तरह 19 दिसंबर के बाद हुई एक वर्चुअल बैठक में एक और बहुत अहम फैसला हुआ था। सूत्रों के हवाले से ही खबर आई थी लेकिन खबर पक्की थी कि सभी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े को ‘इंडिया’ का अध्यक्ष बनाने की सहमति दे दी है। उस दिन नीतीश कुमार को लेकर कुछ विवाद भी हुआ और बाद में खुद नीतीश ने संयोजक बनने से मना कर दिया। लेकिन अध्यक्ष का नाम तय कर दिया था। फिर दो हफ्ता बीत जाने के बाद भी अभी तक आधिकारिक रूप से गठबंधन के अध्यक्ष के तौर पर खडग़े के नाम की घोषणा नहीं हुई है। सोचें, जब विपक्षी पार्टियों के नेता अपने गठबंधन का अध्यक्ष नहीं तय कर पा रहे हैं तो उससे नेतृत्व को लेकर आम लोगों में क्या मैसेज जा रहा होगा!

ऐसे ही विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने हर महीने एक बैठक करने का फैसला किया था। लेकिन साढ़े तीन महीने बाद हुई 19 दिसंबर की बैठक के बाद फिर एक महीने से ज्यादा हो गए लेकिन बैठक नहीं हुई है। मुंबई की बैठक में एक सितंबर को तय हुआ था कि विपक्ष की साझा रैली होगी। पिछले दिनों की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खडग़े के हवाले खबर आई थी कि आठ साझा रैलियां होंगी। लेकिन अभी तक एक भी रैली की घोषणा नहीं हुई है। मुंबई की बैठक के बाद भोपाल में साझा रैली प्रस्तावित थी, जिसे चुनाव की वजह से कमलनाथ ने रद्द कर दिया था। उसके बाद से विपक्ष के सभी नेताओं के एक मंच पर आने का इंतजार हो रहा है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!