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सेहत के बारे में बहुत कुछ बताते हैं दाँत, इन 5 संकेतों को न करें नजर अंदाज

आकाश ज्ञान वाटिका, 06 जुलाई 2023, गुरूवार, देहरादून। दाँतों में संवेदनशीलता, नसों में संक्रमण और मसूड़ों की बीमारी आदि दर्दनाक समस्याएं पैदा कर सकती हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दांतों की समस्याएं शरीर में होने वाली किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती हैं ? मौखिक स्वच्छता का ध्यान रखने से न केवल दाँत स्वस्थ रहते हैं, बल्कि हमें समग्र रूप से स्वस्थ रहने में भी मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि दांत सेहत के बारे में क्या-क्या बताते हैं।

दाँतों का किटकिटाना हो सकता है स्लीप एपनिया का संकेत
स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसके कारण व्यक्ति को सोते वक्त सांस लेने में मुश्किल होती है और उसकी रात में बार-बार नींद खुलती है। इसके सामान्य लक्षणों में खर्राटे लेना, दाँत किटकिटाना और सोते समय सांस लेने में हांफना शामिल हैं। अगर इसके उपचार पर ध्यान न दिया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर, लीवर की समस्याएं और यहां तक कि मनोभ्रंश जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

पीले मसूड़े हो सकते हैं एनीमिया का लक्षण
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जो आयरन की कमी या फिर शरीर के लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं करने के कारण होती है। इससे आप काफी कमजोर और थका हुआ महसूस कर सकते हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में पुरुषों की तुलना में एनीमिया का खतरा अधिक होता है क्योंकि वे अधिक आयरन खो देती हैं। एनीमिया के अलावा कई अन्य चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी मसूड़े के ऊतकों का रंग हल्का गुलाबी-सफेद हो सकता है।

दांतों का खराब होना किडनी की बीमारी का भी हो सकता है संकेत
जब किसी को किडनी की बीमारी होती है तो उसे मुंह में समस्या हो सकती है। इसके कारण मुंह में घाव होना, चीजों के स्वाद में बदलाव महसूस होना और पर्याप्त लार नहीं बनने के कारण मुंह सूखना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। जब मुंह सूख जाता है तो यह अधिक अम्लीय हो जाता है, जिससे दांतों में गंभीर सडऩ हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप दांत खराब हो सकते हैं।

एचआईवी का लक्षण है ओरल थ्रश
मुंह में फंगल होने की समस्या को चिकित्सक भाषा में ओरल थ्रश कहा जाता है। यह एक तरह का संक्रमण है, जो कैंडिडा नामक फंगस के कारण होता है और इसके कारण मुंह के अंदर घाव और खाना निगलने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यह संक्रमण एचआईवी से ग्रस्त लोगों में होना सामान्य माना जाता है, इसलिए अगर आपके मुंह में फंगल हो तो इसे हल्के में ना लेकर डॉक्टर से संपर्क करें।

ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत हो सकता है दांतों का ढीला होना
हो सकता है कि कुछ लोगों को इस बात का पता न हो, लेकिन हमारे दांतों के आसपास की हड्डी उन्हें सहारा देने के लिए नींव का काम करती है। ऐसे में अगर किसी भी कारणवश ऑस्टियोपोरोसिस होता है तो इसका दाँतों की पकड़ पर बुरा असर पड़ता है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की बीमारी है, जिसके कारण हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि एक सामान्य छींक आने से कूल्हे, रीढ़ और कलाई में फ्रैक्चर हो सकता है।

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Ghanshyam Chandra

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