Breaking News :
>>रंगारंग प्रस्तुतियों और बॉलीवुड गायक वरुण जैन की शानदार परफॉर्मेंस के साथ ‘धरोहर-2026’ का भव्य समापन>>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद>>अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट>>जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश>>जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक>>त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा>>मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी>>मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि>>आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान>>रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एडवांस बुकिंग 150 करोड़ के पार>>उत्तरकाशी में बड़ा सड़क हादसा: 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, पांच की मौत>>रानीपोखरी में 8 से 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई>>कोहली की तूफानी पारी से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पहले वनडे में 5 विकेट से हराया>>उत्कृष्ट पुलिस विवेचना के लिए लोकेन्द्र बहुगुणा को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक>>मुख्यमंत्री ने 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह के विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित>>पेंशनरों की सुविधा और समस्याओं के समाधान के लिए नवंबर में होंगे विभिन्न कार्यक्रम>>केदारताल ट्रेक रेस्क्यू अभियान: तीन शव बरामद, बाकी लापता लोगों की तलाश जारी>>बूंखाल मेले की तैयारियों का संयुक्त मजिस्ट्रेट ने लिया जायजा, समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश>>देहरादून में पुलिस का व्यापक सत्यापन अभियान, 1000 से अधिक लोगों की जांच; 78 मकान मालिकों पर 7.80 लाख का जुर्माना>>एक साल में दो भीषण रेल हादसे, स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने अपने पद से दिया इस्तीफा
उत्तराखण्ड

स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं पहाड़ की महिलाएं, खुद रोजगार से जुड़कर दूसरों को भी दे रहीं काम

मुख्यमंत्री की पहल से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिल रहा प्रशिक्षण, ऋण और आजीविका का सहारा

पौड़ी। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाएं अब रोजगार के लिए गांव छोड़ने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं प्रशिक्षण, ऋण और सरकारी सहयोग का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। पौड़ी विकासखंड की कलावती देवी और ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी इसकी मिसाल बनी हैं।

खांड़यूंसैंण निवासी कलावती देवी मां भगवती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। हिमोत्थान सोसाइटी से मिले 20 हजार रुपये के अनुदान से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। इसके अलावा समूह की अन्य महिलाओं के साथ उन्होंने आरसेटी से 13 दिवसीय जूट बैग निर्माण का प्रशिक्षण भी लिया। फिलहाल वह सिलाई के साथ ब्यूटी पार्लर का संचालन कर रही हैं। उनके स्वरोजगार से एक अन्य महिला को भी रोजगार मिला है।

कलावती देवी ने बताया कि जल्द ही जूट बैग बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में उन्हें स्वरोजगार से करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है, जबकि 10 से 12 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। उनका कहना है कि स्वरोजगार शुरू करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

इसी तरह ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी भी स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ अपनी आय का जरिया तैयार कर रही हैं। डांडा नागराजा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रामेश्वरी देवी ने पुलिस लाइन के पास ग्राम दुकान शुरू की है। यहां वह मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी दाल, जैम, अचार, बद्री गाय का घी और स्थानीय सब्जियों समेत कई पहाड़ी उत्पाद बेच रही हैं। दुकान से उन्हें हर महीने करीब छह से सात हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है।

रामेश्वरी देवी के मुताबिक, वर्ष 2025 में एनआरएलएम, नाबार्ड और हिमोत्थान सोसाइटी के सहयोग से उन्होंने तीन लाख रुपये का सीसीएल ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने ग्राम दुकान की शुरुआत की। दुकान के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल रहा है और उनकी आय का स्थायी साधन भी तैयार हुआ है।

ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय बिष्ट ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण, ऋण और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

Loading

error: Content is protected !!