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स्वास्थ

टॉयलेट में फोन चलाना बढ़ा रहा 46% तक पाइल्स का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में स्मार्टफोन लोगों की दिनचर्या का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। यही कारण है कि कई लोग टॉयलेट पर भी फोन लेकर बैठ जाते हैं—जहाँ वे मिनटों का काम घंटों तक खींच देते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह seemingly harmless आदत अब स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। अमेरिका स्थित बेथ इजराइल डिकॉनेस मेडिकल सेंटर द्वारा की गई एक नई स्टडी ने बताया कि टॉयलेट सीट पर बैठकर स्मार्टफोन चलाना पाइल्स (हेमोरॉयड्स) के बढ़ते मामलों का बड़ा कारण बन रहा है।

पाइल्स एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे दर्द, खुजली और कभी-कभी रक्तस्राव तक हो सकता है। शोध के अनुसार, अकेले अमेरिका में हर साल करीब 40 लाख लोग इस समस्या के कारण डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। नई स्टडी में पाया गया कि स्मार्टफोन उपयोग की वजह से लोग टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा देर बैठे रहते हैं, जिससे गुदा क्षेत्र पर लगातार दबाव पड़ता है और जोखिम बढ़ जाता है—विशेषकर युवा वर्ग में।

स्टडी का निष्कर्ष: स्मार्टफोन यूजर्स में 46% तक बढ़ा खतरा

125 वयस्कों पर किए गए सर्वे में यह सामने आया कि 66% प्रतिभागी टॉयलेट पर फोन इस्तेमाल करते हैं। इन लोगों में पाइल्स का खतरा उन लोगों की तुलना में 46% अधिक पाया गया जो टॉयलेट में फोन नहीं ले जाते। यह विश्लेषण उम्र, फाइबर सेवन और शारीरिक गतिविधि जैसे कारकों को ध्यान में रखकर किया गया।

समस्या फोन नहीं, टॉयलेट पर बढ़ता समय

अध्ययन के अनुसार, असली समस्या है—अनावश्यक रूप से टॉयलेट पर लंबे समय तक बैठना। विशेषज्ञों का कहना है कि फोन स्क्रॉल करते-करते व्यक्ति यह भूल जाता है कि वह टॉयलेट पर बैठा है। इससे गुदा क्षेत्र के ऊतकों और नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जो पाइल्स जैसी समस्या को जन्म देता है।

सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग बनी मुख्य वजह

सर्वे में प्रतिभागियों ने बताया कि टॉयलेट पर किए जाने वाले कामों में सबसे आम हैं:

सोशल मीडिया स्क्रॉल करना

न्यूज़ या आर्टिकल पढ़ना

ये आदतें अनजाने में टॉयलेट टाइम को कई गुना बढ़ा देती हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। स्टडी के शोधकर्ता बताते हैं कि यह परिणाम भविष्य में चिकित्सकीय सलाह और बचाव उपाय तय करने में मददगार होंगे।

कैसे बचें इस जोखिम से—विशेषज्ञों की सलाह

टॉयलेट पर 5–10 मिनट से ज्यादा न बैठें

फोन को बाथरूम में न ले जाएं

डाइट में फाइबर और पानी की मात्रा बढ़ाएं

नियमित व्यायाम करें

कब्ज से बचने की कोशिश करें

इन उपायों से टॉयलेट पर समय स्वतः कम होगा और पाइल्स का खतरा भी काफी घटेगा।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ अध्ययन पर आधारित है।

(साभार)

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Ghanshyam Chandra

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