Breaking News :
>>भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास>>भारत में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, 100 में 39 वयस्क प्रभावित; बच्चों में भी 35.4% अनुमान>>सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को एमडीडीए ने किया नमन>>एफबीआई के शिकंजे में अमेरिकी इंजीनियर, हूती विद्रोहियों को मदद देने का गंभीर आरोप>>अदाणी पोर्ट्स की कार्गो हैंडलिंग में जोरदार उछाल, सितंबर में 11% बढ़ा कारोबार>>डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, मैग्नीशियम की कमी पूरी करने में मिल सकती है मदद>>बिग बॉस 20 में मिड-वीक एविक्शन ने चौंकाया, रीति तिवारी हुई घर से बेघर>>जन्मदिन पर लवलीना ने रचा इतिहास, चीन की मुक्केबाज को 5-0 से हराकर जीता स्वर्ण पदक>>महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया भावपूर्ण स्मरण>>मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि>>देहरादून में श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई गांधी जयंती और शास्त्री जयंती>>2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा लोकतंत्र बचाओ सप्ताह जिला स्तर पर आयोजित होंगे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च>>भवाली में अंग्रेजी शराब की दुकान पर छापेमारी,ओवररेटिंग और रेट लिस्ट नहीं होने की शिकायत>>वीकेंड पर देहरादून-मसूरी-ऋषिकेश में बदलेगा ट्रैफिक प्लान, पुलिस ने जारी किया रूट डायवर्जन>>जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश>>शिक्षा विभाग को मिले 24 नये उप शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री डॉ रावत के अनुमोदन के उपरांत दूरस्थ क्षेत्रों दी गई प्रथम तैनाती>>मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम् कैंप’ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या हुई सम्मलित , कहा देश की युवा शक्ति है राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत>>जिलाधिकारी ने सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी में पहुंचकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह>>मुख्य सचिव ने की यूआईआईडीबी के प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा>>विधानसभा सत्र के समापन पर सुनील शर्मा का सरकार पर हमला, बोले- वादों पर खरा नहीं उतरी उमर सरकार
ताज़ा खबरेंविदेश

रानिल विक्रमसिंघे बने श्रीलंका के राष्ट्रपति

विरोध के बीच रानिल विक्रमसिंघे ने जीता चुनाव

आकाश ज्ञान वाटिका, 20 जुलाई 2022, बुधवार, नई दिल्ली/कोलंबो। आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहे पड़ोसी देश श्रीलंका को बुधवार को नया राष्ट्रपति मिल गया है। रानिल विक्रमसिंघे  को नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है। बुधवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की। रानिल विक्रमसिंघे को 134 सांसदों का समर्थन मिला है। उनके प्रतिद्वंदी दुल्लास अल्हाप्पेरुमा को 82 वोट ही मिले। राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे उम्मीदवार अनुरा कुमारा दिसानायके को सिर्फ तीन वोट ही मिले।

श्रीलंका के नवनियुक्त राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि देश बहुत मुश्किल स्थिति में है, हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 

राष्ट्रपति चुनाव के लिए कोलंबो में मतदान हुआ। मतदान के चलते सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की गई थी। बता दें कि गोटाबाया राजपक्षे के श्रीलंका से भागने के बाद विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी दी गई। फिर उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया। रानिल विक्रमसिंघे का कार्यकाल नवंबर 2024 में खत्म होगा। वे गोटाबाया राजपक्षे के बचे हुए कार्यकाल को पूरा करेंगे।

रानिल विक्रमसिंघे राजनीति का लंबा अनुभव है

राजनीति का लंबा अनुभव है। श्रीलंका के पांच बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। संसद में उनकी युनाइटेड नेशनल पार्टी का केवल एक ही सांसद है। रानिल राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार और वकील भी रह चुके हैं। 1977 में वो पहली बार आम चुनाव में विजयी होकर संसद सदस्‍य बने थे। वह 1993 में पहली बार पीएम बने थे। रानिल अभी अंतरिम राष्ट्रपति हैं।

दुल्लास श्रीलंका के सूचना प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वे मतारा जिले से सांसद है। 1994 में डुलास पहली बार पीपुल्‍स एलांइस से सांसद बने थे। वर्ष 2000, 2005, 2007, 2010, 2015 और 2020 में भी वो सांसद चुने गए। सिर्फ एक बार 2001 में उन्हें हार मिली थी। दुल्लास पीपुल्‍स एलांइस के अलावा वे यूपीएफए नेशनल, और एसएलपीपी में रह चुके हैं।

जनथ विमुक्ति पेरामुना पार्टी के सदस्‍य अनुरा सांसद हैं। साल 2000 में दिसानायके पहली बार सांसद चुने गए थे। 2004 में आम चुनाव में जीत के बाद उन्‍हें केंद्र सरकार में जगह मिली थी। वर्ष 2019 में नेशनल पीपुल्‍स पावर मूवमेंट ने उन्‍हें अपना राष्‍ट्रपति उम्मीदवार बनाया था।

गोटाबाया के देश छोड़ने के बाद कोलंबो में हालात बिगड़ गए थे

गौरतलब है कि 73 वर्षीय गोटाबाया राजपक्षे ने राष्ट्रपति रहते हुए श्रीलंका छोड़ मालदीव भाग गए थे। मालदीव से वो अपनी पत्नी संग सिंगापुर चले गए। सिंगापुर पहुंचते ही गोटाबाया ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। गोटाबाया के देश छोड़ने के बाद कोलंबो में हालात बिगड़ गए थे। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी हुई। झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!