मुरादाबाद में मौसम का कहर, कहीं ओलावृष्टि तो कहीं गिरे पेड़, किसानों की फसलें बर्बाद

संभल में आंधी के दौरान सड़क पर पेड़ गिरने से ई-रिक्शा चालक की मौत
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रामपुर, संभल, अमरोहा और मुरादाबाद में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। रामपुर के बिलासपुर में ओले गिरने से खेतों और सड़कों पर सफेद चादर जैसी परत जम गई। वहीं, संभल में आंधी के दौरान सड़क पर पेड़ गिरने से ई-रिक्शा चालक की जान चली गई। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति भी घंटों बाधित रही।
संभल में पेड़ गिरने से ई-रिक्शा चालक की मौत
संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दर्दनाक हादसा हुआ। ई-रिक्शा चालक भोलू (53) कहीं जा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। धर्मशाला अड्डे के पास पाकड़ का एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से भोलू की मौत हो गई।
हादसे के बाद सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से पेड़ को हटवाया। इसके बाद यातायात को दोबारा सुचारु कराया गया।
रामपुर के बिलासपुर में भारी ओलावृष्टि, फसलों पर संकट
रामपुर जिले के बिलासपुर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। ओलावृष्टि के कारण नैनीताल रोड पर सफेद चादर जैसी परत दिखाई देने लगी। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा के मुताबिक, मौसम की मार से जिले में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान होने की संभावना है। हालांकि, पूरे जिले में बारिश और ओलावृष्टि का असर एक समान नहीं रहा। बिलासपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि अधिक होने के कारण यहां नुकसान की आशंका भी ज्यादा जताई जा रही है।
अमरोहा में खेतों में बिछी धान की फसल
अमरोहा जिले में भी शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के बाद बारिश हुई, जिससे खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई। अमरोहा शहर के अलावा डिडौली, नौगावां सादात और कैलसा क्षेत्र में ओलावृष्टि की भी खबर है।
धान की कटाई से ठीक पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि फसल गिरने और दानों को नुकसान पहुंचने से पैदावार प्रभावित हो सकती है। प्रभावित किसानों ने खेतों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और उसके अनुसार मुआवजा देने की मांग उठाई है।
मुरादाबाद में दिन में छाया अंधेरा, बिजली आपूर्ति ठप
मुरादाबाद में भी शुक्रवार दोपहर मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया। तेज हवाओं और बारिश के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से सड़कों और खेतों में पानी भर गया। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। लोगों को घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
धान के साथ गन्ना, बाजरा और सब्जियों को भी नुकसान की आशंका
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर तैयार धान की फसल पर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा गन्ना, बाजरा, अगेती आलू और हरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ठाकुरद्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. रवींद्र कुमार के अनुसार, शुक्रवार को हुई बारिश से बासमती धान की फसल को काफी क्षति पहुंची है।
किसानों के लिए यह मौसम इसलिए भी चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि कई क्षेत्रों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार है। ऐसे समय तेज हवा और बारिश से फसल गिरने पर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
तापमान गिरने से मौसम में बढ़ी ठंडक
आंधी और बारिश के बाद मंडल में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को ठंडक महसूस होने लगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे एक दिन पहले अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था।
नुकसान का आकलन करेंगी अधिकारियों और बीमा कंपनी की टीमें
मौसम की मार से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए फसलों के नुकसान का आकलन कराया जाएगा। उप निदेशक कृषि रविकांत ने बताया कि मंडल के प्रत्येक जिले में अधिकारियों और बीमा कंपनी की टीम नुकसान का जायजा लेगी। सभी जिलों को फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को कितने बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। किसानों की निगाहें प्रशासन की सर्वे प्रक्रिया और संभावित मुआवजे पर टिकी हैं।
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