Breaking News :
>>जनता दर्शन में 10 शिकायतों पर सुनवाई, अपर जिलाधिकारी ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश>>सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाह को महाराज ने बताया आधारहीन>>जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं- डीएम>>वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन>>19 साल के रितेश पाल ने जीता ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ सीजन 5 का खिताब>>‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नंदा की चौकी आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम>>दिल्ली-NCR की दुष्कर्म घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, निर्भया कांड की यादें हुईं ताजा>>कालिंदी ट्रेक पर फंसे 29 ट्रेकर्स का सफल रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचाया>>भारतीय दवा कंपनियों के लिए खुशखबरी, अमेरिका में इन दवाओं पर नहीं लगेगा टैरिफ>>एशियन गेम्स 2026- भारत-अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल रद्द, सेमीफाइनल में पहुंचा भारत>>सिंहस्थ 2028 की तैयारी में उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर तनाव, भारी पुलिसकर्मी तैनात, हाईकोर्ट में सुनवाई आज>>चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर 1500 यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया गौरीकुंड>>दिल्ली में प्रवासी बुद्धिजीवियों से CM धामी का संवाद, कहा- उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भागीदारी>>रेड-ऑरेंज अलर्ट पर मुख्य सचिव का बड़ा निर्देश, 24×7 अलर्ट मोड में रहें सभी विभाग>>परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति>>कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत>>जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कौशल एवं अप्रेंटिसशिप समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न>>देहरादून में पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित, 30 सितंबर से भरे जाएंगे नामांकन पत्र>>अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने बाड़ेछीना स्वास्थ्य केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कार्मिकों पर मांगा स्पष्टीकरण>>मौहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर हादसों की रोकथाम को तैनात रहेगी टास्क फोर्स; डीएम ने 24×7 पेट्रोलिंग एवं सघन चेकिंग के दिए निर्देश
उत्तराखण्ड

इस पार्क को चमकाने में घोटाला, इतने हजार में लगार्इ सिर्फ एक एलईडी लाइट

देहरादून: केंद्र सरकार की ‘अमृत योजना’ के डेढ़ करोड़ रुपये के बजट से गांधी पार्क में बनाए गए किड्स जोन में भारी वित्तीय अनिमितताओं के आरोप लगे हैं। हालात यह हैं कि नगर निगम अधिकारियों ने पार्क के लिए एक या दो हजार में नहीं बल्कि 28 हजार छह सौ रुपये में एक एलईडी लाइट खरीदी गई। यही नहीं, साधारण बेंच की खरीद भी 18 हजार रुपये में की गई। निवर्तमान पार्षद अजय सिंघल द्वारा किड्स जोन खर्च को लेकर सूचना के अधिकार में जानकारी मांगी तो नगर निगम अधिकारियों की कारगुजारियों से पर्दा उठा। जानकारी के मुताबिक 120 वॉट की 15 एलईडी की कुल कीमत 4,29,000 रुपये, जबकि पार्क में लगे एक कूड़ेदान की कीमत भी 7900 रुपये बताई गई है। पार्षदों ने दावा किया है कि पूर्व में शहर के लिए यही कूड़ेदान चार हजार में खरीदे गए थे।

अमृत योजना के तहत नगर निगम बोर्ड ने गांधी पार्क में दो चरणों में डेढ़ करोड़ रुपये यानी कुल तीन करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव पारित किया था। इसके अंतर्गत पहले डेढ़ करोड़ से किड्स जोन का काम शुरू हुआ। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए टॉय ट्रेन के साथ कई तरह के झूले व पार्क का सौंदर्यीकरण आदि का काम किया गया है।

निर्वतमान पार्षद अजय सिंघल ने बताया कि उन्होंने निगम से किड्स जोन पर आए कुल खर्च और खरीदे गए सामान की जानकारी मांगी थी। उनका आरोप है कि सभी सामान बाजारी भाव से ज्यादा में खरीदे गए हैं। लाइटों व कूड़ेदान के साथ ही पार्क में रोशनी के लिए लगाए गए 12 मीटर ऊंचे तीन हाई मास्ट पोल 1,65,000 रुपये में खरीदे गए। यानि 55,000 में एक पोल खरीदा गया। बिजली फीडर पर लगा एक पिलर 48000 का खरीदा जाना दर्शाया गया है। 10 कूड़ेदानों की कीमत 79,200 तो पार्क में लगाई गईं 37 बेंच की कीमत 18,000 प्रति बेंच के हिसाब से 6,66,000 रुपये बताई गई है।

अनियमितता के आरोप लगाकर निर्वतमान पार्षदों अजय सिंघल, अमिता सिंह, राजकुमार कक्कड़ ने अमृत योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष कठैत से मुलाकात कर सामान खरीद की जांच की मांग की। अजय सिंघल का आरोप है कि बाजारी कीमत से कहीं अधिक पर ये सामान खरीदे गए और निगम अधिकारियों ने इनके बिलों परीक्षण नहीं किया। आरोप है कि अधिशासी अभियंता को सभी बिलों व सामान की कीमत की जांच करनी होती है, लेकिन इसे दरकिनार किया गया। ऐसे में निगम अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की शिकायत शहरी विकास मंत्री और शासन में भी की गई है।

साढ़े 12 लाख की टॉय ट्रेन के शेड पर खर्च कर डाले 10 लाख 

सूचना के अधिकार में मिली जानकारी में टॉय ट्रेन को लेकर भी चौंकाने वाला सच सामने आया है। निगम अधिकारियों ने इस ट्रेन की कीमत 12,50,000 रुपये बताई है, जबकि इसके ऊपर लगाए गए टिन शेड पर 9,96,341 रुपए का खर्च आना बताया है।

पहले प्रोजेक्ट में ये हाल, आगे क्या होगा 

किड्स जोन अमृत योजना का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है, जो वजूद में आ चुका है। इसके अलावा अमृत योजना में ही गांधी पार्क में डेढ़ करोड़ रुपये से सौंदर्यीकरण का काम अलग से चल रहा। इसके साथ ही करीब 60 करोड़ रुपये से सीवरेज व ड्रेनेज के काम भी चल रहे हैं। निवर्तमान पार्षदों के आरोप हैं कि जब पहले प्रोजेक्ट में इतना गोलमाल किया गया तो शेष की स्थिति खुद आंकी जा सकती है।

निवर्तमान महापौर विनोद चमोली ने बताया कि नगर निगम ने पार्क के लिए बाकायदा टेंडर प्रक्रिया अपनाई। सामान ठेकेदार ने खरीदा। अगर इसकी खरीद में अनियमितता हुई है तो निगम अधिकारियों को परीक्षण जरूर करना चाहिए था। अगर परीक्षण को दरकिनार किया गया है तो यह गलत है। मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

नगर आयुक्त विजय जोगदंडे ने बताया कि मुझे अभी शिकायत नहीं मिली है। अनियमितता की शिकायत है तो इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!