Breaking News :
>>‘हाउस ऑफ़ स्वाशा’ की सह-संस्थापिका स्वाति खंडूरी डिमरी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से की शिष्टाचार भेंट>>आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश>>पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने दी बधाई>>अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारत को बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या हुए बाहर>>काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद>>‘अल्फा’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में छाई आलिया भट्ट>>मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत>>प्रदेश में कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 नए वाहन दिए जाएंगे>>SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित>>अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील>>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुँच रहे बीएलओ>>देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू>>मोदी सरकार के 12 साल : मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बाँटे नियुक्ति पत्र>>कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुँचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही>>देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा>>फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज>>फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
उत्तर-प्रदेशताज़ा खबरें

लोगों ने भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रहे शहीद शहीद अभिनव चौधरी को नम आखों के साथ दी अंतिम विदाई

आकाश ज्ञान वाटिका, 22 मई 2021, शनिवार, मेरठ। भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रहे मेरठ के अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे मेरठ के गंगा नगर स्थित गंगा सागर कॉलोनी में उनके घर पहुंचा। पार्थिव शरीर को देखते ही पूरी कॉलोनी के साथ गंगानगर के आसपास के लोग भी घर तक पहुंच गए। परिवार में जहां रोना शुरू हुआ वही बाहर भी खड़े लोगों का दिल जोर-जोर से धड़का और आंसुओं के सैलाब आंखों से बह चलें। वायु सेना की टीम ने परिवार के साथ ही करीबी रिश्तेदारों व अन्य लोगों को भी घर में अंतिम दर्शन कराया। अंतिम दर्शन के दौरान शहीद अभिनव के कुछ स्वजनों की तबीयत भी बिगड़ गई। ताऊ को चक्कर आ गया और ताई भी बेसुध होकर पड़ गई। पिता सत्येंद्र चौधरी, माता सत्य, बहन मुद्रिका और पत्नी सोनिका का रो रो कर बुरा हाल था। पिता को संभालते हुए अभिनव की बहन मुद्रिका व सोनिका की छोटी बहन मोनिका उनके आसपास ही रहे। शहीद अभिनव के अंतिम दर्शन कर निकलते हुए लोगों के आंखों में आंसू और चेहरे पर भारी मन का भाव साफ दिखाई दे रहा था।

अंतिम दर्शन के दौरान स्वजनों के मन के उदगार निकले। पिता बेटे तो बहन भाई और आसपास के लोग भी उस बच्चे कि आवाज एक बार सुनने को आतुर थे जिसे देख देख कर वह अपने बच्चों को भी प्रेरित किया करते थे। बेटे तू कहां चला गया, भैया ऐसे क्यों छोड़ गए, बेटा एक बार तो आजा, तेरी आवाज ही सुनाई दे जाए। ऐसे कई उदगार थे जो स्वजनों और आसपास के लोगों के मन से अंतिम दर्शन के दौरान निकल रहे थे। रोने के साथ ही सभी एक दूसरे को संभाल भी रहे थे। पत्नी को अभिनव की बहन व स्वजनों ने संभालने की कोशिश की।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंची आसपास की महिलाओं ने कहा कि ऐसा भी कभी होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। अभिनव कोई निशानी भी ना छोड़ गया। परिवार आगे बढ़ाने वाला भी कोई नहीं रहा। दरअसल महिलाओं में यह चर्चा इसलिए भी थी कि 17 महीने की शादी में अभिनव और पत्नी सोनिका पिछले सितंबर से अब तक ही साथ रहे थे। संभव है कि जीवन में उनकी कुछ अलग योजनाएं रही होंगी। अभिनव के अभी कोई कोई संतान नहीं है। महिलाओं में यह चर्चा इसलिए भी ज्यादा दिखी कि उनके आंखों के सामने पाला बढ़ा नौजवान बिना किसी निशानी के आगे बढ़ गया।

शहीद अभिनव चौधरी के पार्थिव शरीर को सेना की ट्रक में लाया गया और उसी ट्रक में गांव की ओर लेकर निकले। पिता सत्येंद्र चौधरी को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दूसरी गाड़ी में लाने की तैयारी थी, लेकिन पिता ने वायुसेना अफसरों से कहा कि वह बेटे के साथ ही जाएंगे। उन्होंने कहा मुझे बेटे के साथ ही जाना है और परिवार का जो भी सदस्य साथ चलना चाहे उसे भी साथ ही जाने दीजिए। नौजवान बेटा खोने के गम में ट्रक के सफर को उन्होंने अनदेखा ही किया। शहीद अभिनव के पिता सत्येंद्र चौधरी, पत्नी सोनिका उज्जवल, छोटी बहन मुद्रिका और सोनिका की छोटी बहन मोनिका पार्थिव शरीर के साथ ही मेरठ से बागपत के पुसार गांव के लिए रवाना हुए। इस दौरान मोनिका जहां अभिनव के पिता को संभाल रही थी वहीं दूसरी ओर मुद्रिका भाभी सोनिका को संभालने की कोशिश करती दिखी।

शहीद अभिनव चौधरी की स्कूली शिक्षा राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून से हुई थी। शहीद बेटे के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने पर वह बेटे की उसी टीशर्ट में दिखे जिसमें उनके कॉलेज का नाम लिखा हुआ था। शहीद होने का सम्मान अलग होता है लेकिन नौजवान बेटे के जाने का गम पिता सत्येंद्र उनकी यादों के साथ ही जोड़ कर रखना चाहते थे। संभव है इसीलिए उन्होंने आज वही टीशर्ट पहनी थी जो संभवत अभिनव ने ही उन्हें प्रदान की होगी।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!