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अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मानवधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने बालिकाओं को किया जागरूक

आकाश ज्ञान वाटिका, देहरादून, 10 दिसंबर 2019 (मंगलवार)। आज अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के शुभ अवसर पर मानवधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने तिलक रोड स्थित श्री महावीर जैन कन्या इंटर कॉलेज में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार को रोकने हेतु और बालिकाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय महामंत्री श्री नरेश चंद्र जैन ने शिरकत की। उन्होंने वहाँ पर शिक्षा ग्रहण कर रही बालिकाओं को अपने आपको स्वयं भी सशक्त बनाने एवं समाज में ऐसे लोगों का डटकर मुकाबला करने के लिए और अपने आत्मसम्मान से लड़ने के लिए जागरूक किया। इस मौके पर डॉ मुकुल शर्मा कैरियर काउंसलर एवं क्लिनिकल साइकोलॉजी ने बच्चियों को अपने भविष्य के लिए कार्य करने और अपने आपको समाज में खड़ा करने के लिए और लोगों से डटकर मुकाबला करने के बारे में बताया। इस मौके पर श्रीमती बीना जैन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज हमारा समाज पढ़ा लिखा समाज है लेकिन कुछ लोगों की वजह से आज समाज दूषित हो रहा है। जिस प्रकार आए दिन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की जो घटनाएं सुनने आई हैं यह एक मानसिक रोग को दर्शाता है, ये वो लोग हैं जो महिलाओं को कुछ नहीं समझते हैं।

  • करियर काउंसलर एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मुकुल शर्मा जी ने जागरूक कर उनके उज्जवल भविष्य को सुदृढ़ बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए।
  • कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती मधु जैन ने किया और प्रतिभाशाली छात्रों को संस्था के प्रशस्ति पत्र और गोल्ड मेडल से पुरस्कृत किया।

इस मौके पर मानवाधिकार एवं समाजिक संगठन की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती मधु जैन ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बालिकाओं को आत्मरक्षा और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी और कहा कि अगर कभी भी आप लोग सामने ऐसा असुरक्षित/गलत समय आ जाये तो ऐसे गलत लोगों का लड़कर मुकाबला करें और डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सभी पुरुषों से निवेदन किया कि प्रत्येक पुरुष किसी का पिता, किसी का भाई, किसी का पति और किसी का बेटा आदि जरूर होता है तो हमेशा महिलाओं को सम्मान की दृष्टि से देखें और उसका सम्मान करें।
इस मौके मानवाधिकार एवं सामाजिक जय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सचिन जैन, राकेश जैन, मंजू जैन, सूनील जैन, डॉक्टर संजीव जैन, स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती कांता रावत, गीता वर्मा, श्रीमती रजनी शर्मा, कविता जैन, श्रीमती मंजू रावत, श्रीमती नीलिमा, श्रीमती बबीता बहुगुणा, श्रीमती नीलम बुड़ाकोटी, श्रीमती नीलिमा उनियाल, श्रीमती बीना आदि लोग उपस्तिथ रहे।

मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। दुनिया भर में हर साल 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। इस साल के अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की थीम है ‘स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स’ (Stand Up For Human Rights).
मानव अधिकारों से अभिप्राय “मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव हकदार हैं। अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं के उदाहरण के रूप में जिनकी गणना की जाती है, उनमें नागरिक और राजनैतिक अधिकार सम्मिलित हैं जैसे कि जीवन और आजाद रहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के साथ ही साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार, भोजन का अधिकार काम करने का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार आदि।
मानव अधिकार से तात्पर्य उन सभी अधिकारों से है जो व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं। यह सभी अधिकार भारतीय संविधान के भाग-तीन में मूलभूत अधिकारों के नाम से वर्णित किए गए हैं और न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय है, जि‍सकी ‘भारतीय संविधान’ न केवल गारंटी देता है, बल्कि इसका उल्लंघन करने वालों को अदालत सजा भी देती है। वैसे तो भारत में 28 सितंबर, 1993 से मानव अधिकार कानून अमल में लाया गया था और 12 अक्टूबर, 1993 में ‘राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग’ का गठन किया गया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर 1948 को घोषणा पत्र को मान्यता दिए जाने पर 10 दिसंबर का दिन मानवाधि‍कार दिवस के लिए निश्चित किया गया।

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Ghanshyam Chandra

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