Breaking News :
>>दिग्गज फुटबॉलर पेड्रो रोड्रिग्ज ने फुटबॉल को कहा अलविदा, 39 की उम्र में खत्म किया शानदार सफर>>नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष शपथ अभियान अब 18 अक्टूबर तक>>बागपत के खेकड़ा बाजार में एक परचून की दुकान में लगी भीषण आग, दो की मौत>>सुबह मुनक्का खाना कितना फायदेमंद? जानें इसके पोषक तत्व और सेवन का सही तरीका>>जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी>>8 अक्टूबर से शुरू होगा मतदाता पंजीकरण का विशेष अभियान>>पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, हल्द्वानी में निकली मशाल सेवा ज्योति यात्रा>>मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए नैनीताल में विशेष अभियान>>संस्कृत ग्रामों में सालभर नियमित रूप से आयोजित हों संस्कृत आधारित गतिविधियां – मुख्यमंत्री>>आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक>>प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री>>कम तेल में बनाएं कुरकुरे तवा ब्रेड रोल, शाम की चाय से बच्चों के टिफिन तक रहेगा परफेक्ट स्नैक>>गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें- मुख्य सचिव>>पौड़ी में ‘गढ़देवा 2026-27’ का आगाज, 15 विकासखंडों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा>>बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना से चालीस छोटे बडे़ गांव होंगे लाभान्वित- महाराज>>राजधानी में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस नाराज, मुख्य सचिव आनंद वर्धन को सौंपा मांग पत्र>>पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार, चार की मौत>>फ्रांस में भड़का छात्रों का आंदोलन, 2 लाख से ज्यादा लोग उतरे सड़कों पर>>यशपाल शर्मा की ‘धूड़’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>दिनभर मोबाइल-लैपटॉप देखने वालों सावधान! आंखों में थकान, जलन और धुंधलेपन से बचने के लिए अपनाएं ये 7 तरीके
उत्तराखण्डताज़ा खबरेंविशेष

पर्यावरण प्रेमी पंडित आदित्य सेमल्टी की प्रेरणादायी पहल : अब तक लगा चुके हैं सैकड़ों पौधे

  • पर्यावरण प्रेमी पंडित आदित्य सेमल्टी के प्रकृति प्रेम का है हर कोई है मुरीद

आकाश ज्ञान वाटिका, 4 अगस्त 2021, शनिवार, देहरादून। आपने नेताओं को पर्यावरण बचाने, पौधे लगाने का संदेश देते तो खूब सुना और देखा होगा, लेकिन हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसे पंडितजी की कहानी, जो केवल संदेश ही नहीं देता, बल्कि पौधे बचाने और लगाने के लिए पिछले कई वर्षों से काम कर रहा हैं।

अगर आपके यहाँ विवाह है और आप इन पंडितजी की सेवा चाहते है तो दक्षिणा देने से पहले आपको प्रकृति से प्यार करना सीखना होगा।

जीं हाँ, बात थोड़ी अजीब है, लेकिन यह सत्य है देहरादून शहर के लोअर नेहरू ग्राम में रहने वाले एक पंडितजी इन दिनों शहर ही नहीं, बल्कि जिले के बाहर भी नाम कमा रहे है। वह भी सिर्फ अपने पंडित के ज्ञान की वजह से नहीं, बल्कि पर्यावरण प्रेम को वजह से।

हम बात कर रहे हैं सिद्ध पीठ माँ चंद्रबदनी धाम के पुरोहित और भैरव धाम समिति के अध्यक्ष पंडित आदित्य सेमल्टी की। जिनके पर्यावरण प्रेम की चर्चायें देहरादून से टिहरी तक हैं।

पंडित आदित्य सेमल्टी का कहना है कि मैं खुद और अपनी टीम के साथ-साथ ग्रामीणों के साथ मिलकर सैकड़ों पौधे लगवा चुका हूँ। पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं वह जहाँ भी जाते हैं, वहाँ पौधे लगाते हैं और स्थानीय लोगों को उनकी सार संभाल का संकल्प दिलवाते हैं।

वह कहते हैं सभी लोगों को विरासत में उनके परिवार से कुछ न कुछ मिलता है। उन्हें विरासत में पौधे ही मिले हैं ।

पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं कि वे धार्मिक अनुष्ठानों से पहले यजमानों को पौधारोपण करवाते है।

उन्हें यजमान की दक्षिणा से ज्यादा पौधरोपण से मतलब होता है। वह कहते हैं पौधे मनुष्य के दोष दूर करने में भी उपयोगी साबित होते है। पेड़-पौधो का हमारे शास्त्र में जो महत्व है, उन्हें अब लोग नकारने लगे हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण का उद्वेश्य लेकर चला हूँ जो सफल होने लगा है।

पंडित आदित्य सेमल्टी कहते हैं की वह छोटे पौधों से ज्यादा बड़े पौधों को लगाते हैं क्यों कि उनको जानवर नुकसान कम पहुँचाते हैं। साथ ही वह फलदार व छायादार वृक्षों को ज्यादा महत्व देते हैं।

पौधे लगाकर सुख-दु:ख की स्थायी याद बनाते पौधे

पंडित आदित्य सेमल्टी किसी की शादी, बर्थ डे पार्टी की खुशी में शामिल होने जाते या फिर किसी बुजूर्ग के निधन पर शोक जताने। वहाँ पर पौधा जरूर देकर आते हैं।

उनका मानना है कि किसी भी खुशी के मौके को चिर स्थायी बनाने के लिए हम फोटो खिंचवाते हैं, वीडियोग्राफी करते हैं, लेकिन यदि उस खुशी के मौके पर एक पौधा लगाकर उसकी सार संभाल करें तो कुछ सालों बाद उसकी याद खुद के दिल के साथ-साथ लोगों को उसकी छांव सुकून देती है।

वहीं बुजूर्गों को हम जाने के बाद याद करते हैं और उनकी याद में काफी कुछ करने की सोचते हैं। यदि उनकी याद में एक पौधा लगाकर उसी से बुजूर्ग की यादें जोड़ दी जाए तो वह पौधा जब पेड़ होता है वो एक बुजूर्ग की तरह हमारे और पूरे परिवार के साथ-साथ हर व्यक्ति के स्वास्थ्य का ध्यान रखता है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!