Breaking News :
>>लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश>>धामी सरकार का विकास पर फोकस, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक आवास विभाग की समीक्षा>>नवीन आढ़त बाजार का निर्माण पूरा, सितंबर तक प्लॉट आवंटन के निर्देश>>त्योहारी सीजन से पहले मिठाई-डेयरी दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कई खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल>>जनता मिलन कार्यक्रम में 26 शिकायतें प्राप्त, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश>>छात्रा से मारपीट के मामले में अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त, डीएम ने दिए सख्त निर्देश>>समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 140 फरियादियों की शिकायतें, कई मामलों का मौके पर किया निस्तारण>>अगले वर्ष से रक्षाबंधन के 15 दिन पूर्व शुरू होगा ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’- मुख्यमंत्री>>रक्षाबंधन पूर्व कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया प्रतिभाग>>पर्वतीय गांवों में स्वास्थ्य-शिक्षा मजबूत होगी तो रुकेगा पलायन- दिनेश अग्रवाल>>पौड़ी में जनता मिलन में 50 शिकायतों की सुनवाई, डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश>>राज्य स्थापना दिवस तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखें — मुख्यमंत्री>>जनसुनवाई में 20 शिकायतें प्राप्त, अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण>>चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर शिकंजा, पौड़ी में 11 टीमों ने की छापेमारी>>ऑनलाइन प्राप्त खतौनी को विभाग अस्वीकार न करें – जिलाधिकारी>>विकासनगर में चोरी की बाइक 24 घंटे में बरामद, आरोपी गिरफ्तार>>हरिद्वार पुलिस की महिला खिलाड़ियों का जलवा, कुश्ती-आर्म रेस्लिंग में जीते 9 पदक>>कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में पूरा होगा PNG नेटवर्क, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश>>बार-बार थकान और सुस्ती को न समझें सामान्य, हो सकता है इस बीमारी का संकेत>>आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

मौत को बेहद करीब से देखने वाले श्रमिकों ने कहा, ‘एक मिनट की भी देरी होती तो हम जीवित नहीं बचते’

आकाश ज्ञान वाटिका, 10 फ़रवरी 2021, बुधवार। तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के निर्माणाधीन बैराज के ऊपर काम कर रहे श्रमिकों ने मौत को बेहद करीब से देखा। अगर एक मिनट की भी देर हुई होती तो यहां काम करने वाले 37 श्रमिक काल के गाल में समा चुके होते। इन सभी श्रमिकों ने रस्सों के सहारे पहाड़ी पर चढ़कर जान बचाई। लेकिन, बैराज के निचले हिस्से में काम कर रहे उनके 27 साथी पलक झपकते ही सैलाब में बह गए।

रविवार को परियोजना के बैराज पर 64 श्रमिक कार्य कर रहे थे। इनमें लखीमपुर-खीरी (उत्तर प्रदेश) के 29 व छपरा (बिहार) के 35 श्रमिक शामिल हैं। सुबह 10:30 बजे के आसपास नदी के ऊपर की ओर से पहाड़ टूटने जैसी गडग़ड़ाहट गूंजी। इस भयंकर आवाज को सुनकर बैराज के ऊपर काम करने वाले सभी 37 श्रमिक सतर्क हो गए और पहाड़ी की ओर भागने लगे। रस्सों के सहारे बिना एक पल गंवाए वो कुछ ही मिनट में पहाड़ी पर चढ़ गए। लेकिन, इनके जो 27 साथी बैराज के निचले हिस्से में काम कर रहे थे, जान बचाने में असफल रहे।

मौत को बेहद करीब से देखने वाले लखीमपुर-खीरी के कृष्णा राय कहते हैं, ‘मुझे हमेशा अफसोस रहेगा कि मैं अपने साथियों की मदद के लिए प्रयास भी नहीं कर पाया।’ राय के अनुसार उनकी टीम में 29 श्रमिक थे, जिनमें से 14 की जान बच गई और 15 सैलाब में बह गए। वे बैराज के पास 50 से अधिक श्रमिकों के दबे होने की बात कहते हैं। बैराज पर छपरा-बिहार के 35 श्रमिक भी काम कर रहे थे। इस टीम के सदस्य आरिफ खान कहते हैं, ‘मेरी जान इसलिए बच पाई, क्योंकि मैंने सैलाब को आते देख लिया था।’

बताया कि उनकी टीम के 23 सदस्य बैराज के ऊपर और 12 निचले हिस्से में कार्य कर रहे थे। इसी टीम के सदस्य मोती लाल शाह कहते हैं, ‘जो साथी मेरी आंखों के सामने मौत के मुंह में समा गए, वो सभी मेरे गांव व आसपास के रहने वाले थे। मैं भी अब घर वापस लौटना चाहता हूं। जीवन रहा तो रोटी का इंतजाम हो ही जाएगा।’ एक अन्य श्रमिक सुदीप राय कहते हैं, ‘सैलाब का वह मंजर अब भी आंखों को सूखने नहीं दे रहा। काश! मैं अपने साथियों के लिए कुछ कर पाता।’

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!