Breaking News :
>>सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा की सौगात>>न्यूज़ पोर्टल के विज्ञापन रेट पर पुनर्विचार की माँग, संचालकों ने महानिदेशक सूचना से लगाई गुहार>>उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने उठाया डिजिटल मीडिया की विज्ञापन दरों का मुद्दा>>बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो प्लेटफार्म सील>>राखी लेकर एसएसपी दून से मिलने पहुंचीं नन्हीं बालिकाएं, बांधी राखी और लिया सुरक्षा का भरोसा>>राज्य सहकारी नीति-2026 को कैबिनेट से मिली मंजूरी>>मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रक्षाबंधन व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान>>आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी- मुख्यमंत्री>>मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री>>पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी>>सशक्त बहना उत्सव में दिखा सरकार और मातृशक्ति के बीच विश्वास और आत्मीयता का रिश्ता>>सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर>>इमरान हाशमी की ‘गन मास्टर जी 9’ का टीजर जारी>>एनीमिया में किशमिश कितनी फायदेमंद? जानिए कब डाइट से मिलेगा लाभ और कब जरूरी है इलाज>>मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर, डीएम ने ईआरओ और बीएलओ को दिए सख्त निर्देश>>त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त, मिठाई की दुकानों और डेयरी पर ताबड़तोड़ छापेमारी>>उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून समेत चार जिलों में येलो अलर्ट>>लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश>>धामी सरकार का विकास पर फोकस, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक आवास विभाग की समीक्षा>>नवीन आढ़त बाजार का निर्माण पूरा, सितंबर तक प्लॉट आवंटन के निर्देश
स्वास्थ

उत्तराखंड में नहीं थम रहा स्वाइन फ्लू का कहर, पांच और मरीजों में पुष्टि

देहरादून। स्वाइन फ्लू का वायरस एक के बाद एक लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। देहरादून व आसपास के इलाकों में यह वायरस न सिर्फ तेजी से पैर पसार रहा है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो रहा है।

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से अब तक सात मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ मरीज स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 15 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।

इधर, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में हुई मरीजों की मौत का स्वास्थ्य विभाग ने डेथ ऑडिट शुरू कर दिया है। छह सदस्यीय टीम इन मरीजों की मौत के वास्तविक कारणों की पड़ताल कर रही है।

वर्तमान में स्वाइन फ्लू से पीड़ित तीन मरीज सिनर्जी अस्पताल, एक श्री महंत इंदिरेश अस्पताल और दो मरीज मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। स्वाइन फ्लू से पीडि़त मरीजों में दो मरीज सहारनपुर के रहने वाले भी हैं, जो यहां उपचार के लिए आए हुए हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते कहर से स्वास्थ्य महकमा भी हलकान है। इतना जरूर कि विभाग ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की है।

दून अस्पताल में स्वाइन फ्लू का संदिग्ध भर्ती

रुड़की निवासी स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध मरीज दून अस्पताल में भर्ती हुआ है। बताया जा रहा है कि मरीज को खांसी, सांस फूलना और चक्कर आने व तेज बुखार की शिकायत पर परिजन दून अस्पताल लेकर आए।

स्वाइन फ्लू को लेकर हरकत में विभाग

स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में इन्टीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस कार्यक्रम (आइडीएसपी) के तहत सभी जनपदों के जिला सर्विलांस अधिकारियों, एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं माइक्रोबायलॉजिस्ट को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उपचार एवं प्रबंधन को प्रमुखता से अमल में लाने के लिए कहा गया।

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आरके पांडे ने सभी जनपदों के चिकित्सालयों में आईसोलेशन वार्ड चिन्हित करने, आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जन जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि वह अपने स्तर से जनता मे यह संदेश दें कि राजकीय चिकित्सालयों में एच-वन एन-वन इन्फ्लूएंजा का उपचार उपलब्ध है। ताकि मरीजों को निजी चिकित्सालयों का रुख ना करना पड़े।

निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल ने बताया गया कि एच-वन एन-वन इन्फ्लूएंजा से कोई मृत्यु रिपोर्ट होती है तो उसका डेथ ऑडिट अवश्य किया जाए। ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सके। इसके बाद ही मृत्यु के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

आइडीएसपी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वाइन फ्लू के बारे मे आम जनमानस को जागरूक करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि एच-वन एन-वन एक सीजनल इन्फ्लूएंजा की तरह है जिसका उपचार लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!