Breaking News :
>>कुमाऊं आयुक्त की जनसुनवाई में कई मामलों का मौके पर समाधान, अधिकारियों को सख्त निर्देश>>वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों के निस्तारण में लाएं तेजी- जिलाधिकारी>>महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें समस्त अधिकारी- रेखा आर्या>>ट्रंप ने रूस-ईरान पर नए प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का रास्ता खुला>>हरिपुर का पुनरुत्थान: आचार्य प्रवेश शर्मा की 4 साल की तपस्या लाई रंग>>कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, एडीजी ने दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश>>अंकिता भंडारी को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा: डॉ. हरक सिंह रावत>>निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोहली ने हरिद्वार में की आत्महत्या, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव>>बैजरों में लापता व्यक्ति की तलाश में SDRF का सर्च अभियान जारी, नहीं मिला सुराग>>राजस्व अर्जन बढ़ाने वाले सभी विभाग परियोजना से जुड़कर ले सकेंगे आवश्यक तकनीकी एवं अन्य सहयोग: मुख्य सचिव>>जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण से लौटते समय सीएम धामी ने अचानक रुकवाया काफिला, बच्चों और आमजन के साथ खिंचवाईं सेल्फी>>कूड़े के ढेर से ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ तक, धामी विजन ने बदल दी मियांवाला के जौहड़ की तस्वीर>>मुख्यमंत्री धामी ने मियांवाला में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का किया लोकार्पण>>03 कुमाऊं रेजीमेंट के रेजिंग-डे समारोह में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी>>पौड़ी में घेरबाड़ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, डीएम ने दिए निर्देश>>जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया विस्तृत निरीक्षण>>30 मिनट की वॉक से कम होगा वजन या नहीं? आइये जानते हैं क्या है पूरा सच>>पिथौरागढ़ में कारपेंटर ने घर की अलमारी तोड़कर उड़ाए 12 लाख के जेवर, गिरफ्तार>>देहरादून में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए लगेंगे चिन्हीकरण शिविर, मिलेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण>>प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने की “आंगन का मिलन”कार्यक्रम की समीक्षा
अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने रूस-ईरान पर नए प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का रास्ता खुला

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले नए कानून ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। 18 सितंबर 2026 को हस्ताक्षरित इस कानून के बाद अमेरिकी प्रशासन को रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की व्यापक शक्ति मिल गई है।

नए कानून का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान रूसी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खरीद करने वाले कुछ देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की व्यवस्था है। इस प्रावधान के संभावित दायरे में रूस के बड़े ऊर्जा खरीदारों में शामिल भारत और चीन भी आ सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों पर स्वतः 100 प्रतिशत शुल्क लागू नहीं होगा। टैरिफ लगाना है या नहीं और इसकी दर कितनी होगी, इसका फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति करेंगे।

रूसी ऊर्जा खरीद पर बढ़ेगा अमेरिकी दबाव

कानून के तहत उन देशों पर कार्रवाई की जा सकती है, जो कानून लागू होने से पहले के 12 महीनों में कुल खरीद के आधार पर रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के शीर्ष पांच खरीदारों में शामिल रहे हों।

इस प्रावधान से अमेरिका को रूस के ऊर्जा कारोबार से जुड़े देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का अतिरिक्त अधिकार मिलेगा। कानून राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में निर्धारित प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार भी देता है।

गैस खरीद को लेकर विशेष छूट का प्रावधान

प्राकृतिक गैस से जुड़े टैरिफ के मामले में कानून में एक विशेष अपवाद रखा गया है। यदि किसी देश का रूसी गैस आयात संबंधित अवधि में रूस के कुल गैस निर्यात के 15 प्रतिशत से कम रहा हो और उस देश ने रूसी गैस की खरीद कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हों, तो उसे गैस संबंधी शुल्क से छूट मिल सकती है।

रूस की ‘शैडो फ्लीट’ भी कानून के निशाने पर

नए कानून में रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े लोगों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें ऐसे जहाजों और उनसे जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया जा सकता है, जिन पर रूसी ऊर्जा कारोबार को जारी रखने या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद करने के आरोप हैं।

इसके अलावा रूस के रक्षा उद्योग से जुड़े सहयोगियों और प्रतिबंधों से बचने में सहायता करने वाले विदेशी पक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई का रास्ता कानून में रखा गया है।

30 दिन के भीतर प्रभावी होगा कानून

व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने H.R. 5334 को कानून का रूप दिया है। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन के भीतर प्रभावी होगा।

नए प्रावधानों के लागू होने के बाद रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देशों के साथ अमेरिकी व्यापार पर संभावित अतिरिक्त शुल्क का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, भारत या चीन पर वास्तविक टैरिफ लगाया जाएगा या नहीं और यदि लगाया गया तो उसकी दर क्या होगी, यह अमेरिकी राष्ट्रपति के आगामी फैसले पर निर्भर करेगा।

Loading

error: Content is protected !!