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सस्पेंस खत्म: भूपेश बघेल होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री, कल लेंगे शपथ

रायपुर/नई दिल्ली। आखिरकार सस्पेंस खत्म हुआ और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल की बैठक में बघेल के नाम पर मुहर लगी है। सोमवार को बघेल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। चार प्रमुख नेताओं- भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत के नाम पर मंथन के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बघेल के नाम पर मुहर लगाई।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी का भेजा गया लिफाफा खोला और भूपेश बघेल का ऐलान किया। इस दौरान वहां मंच पर पीएल पुनिया, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत भी मौजूद थे। इसके साथ बैठक में सभी विधायक थे। मुख्यमंत्री का सुरक्षा दस्ता छत्तीसगढ़ पीसीसी दफ्तर पहुंच गया है।

विधायक दल के नेता चुने गए बघेल
विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जैसे ही भूपेश बघेल के नाम की घोषणा की, वहां मौजूद बघेल समर्थक उत्साह से झूम उठे। इस दौरान भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव साथ बैठे दिखे। कांग्रेस पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने सभी विधायकों से देर रात तक बात की। इतने दिनों से मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन हो रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष से चर्चा हुई, फिर राज्य के वरिष्ठ नेताओं से भी बात हुई। खड़गे ने आगे कहा कि यह फैसला बहुत कठिन था, क्योंकि सभी ने पार्टी के लिए काम किया है। सभी बराबर हैं, दिक्कत तब होती है कि जब बराबर में चुनना होता है। राहुल गांधी ने सारे लोगों को धन्यवाद किया है और उन्होंने अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में लेने को कहा, जहां सभी ने सर्वसहमति से भूपेश बघेल को चुना।

टीएस सिंहदेव और बघेल समर्थकों में झड़प
इस बीच मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के समर्थकों के बीच टकराव की खबर भी सामने आई है। रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर दोनों पक्षों ने जमकर नारेबाजी की है। यहां तक की कार्यालय का गेट भी तोड़ दिया है। नाराज समर्थकों ने पुलिस के साथ भी झड़प की है।

11 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में बहुमत के साथ चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस को सीएम चुनने में 5 दिन लग गए। इस दौरान दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के घर सीएम के प्रमुख चार दावेदारों भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत की लगातार बैठक होती रही, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।

जानिए कौन है भूपेश बघेल?
भूपेश बघेल…प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। 23 अगस्त, 1961 को जन्मे बघेल कुर्मी जाति से आते हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। वह छत्तीसगढ़ में कुर्मी समाज के साल1996 से वर्तमान तक संरक्षक बने हुए हैं। 1999 में मध्य प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे हैं।

अक्टूबर 2017 में कथित सीडी कांड में भूपेश के खिलाफ रायपुर में एफआईआर हुई और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल जाना पड़ा। अक्टूबर में ही भूपेश बघेल नए विवाद में पड़ गए थे। एक सभा के दौरान भाजपा पर निशाना साधते वक्त उनके मुंह से लड़कियों के लिए आपत्तिजनक शब्द निकल गए थे। इससे सभा में उपस्थित महिलाएं बीच कार्यक्रम में ही उठकर चली गईं थीं।

बघेल का सियासी सफर

जब छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था, उस 80 के दशक में भूपेश ने राजनीति की पारी यूथ कांग्रेस के साथ शुरू की। दुर्ग जिले के रहने वाले भूपेश दुर्ग के यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने।

पहली बार 1993 में विधायक बने थे बघेल
1994-95 में भूपेश बघेल को मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने।
1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भूपेश कांग्रेस से दुर्ग की पाटन सीट से उम्मीदवार बने और जीत दर्ज की।
अगला चुनाव भी वे पाटन सीट से जीते।
मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार के वक्त भूपेश कैबिनेट मंत्री बने।
2000 में जब छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना और पाटन छत्तीसगढ़ का हिस्सा बना तो भूपेश छ्त्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे और कैबिनेट मंत्री बने।
2003 में कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश को विपक्ष का उपनेता बनाया गया।
2004 में लोकसभा चुनाव में भूपेश को दुर्ग से उम्मीदवार बनाया गया, लेकिन भाजपा के ताराचंद साहू से हार गए।
अक्टूबर 2014 में बघेल को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।
ढाई-ढाई साल का फार्मूला क्या है?
भले ही भूपेश बघेल के नाम मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया है, लेकिन अंदरुनी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार दो नेताओं को संतुष्ट करने के लिए ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पर फैसला होने की बात सामने आई थी। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो, हाईकमान ने इसमें लोकसभा चुनाव को देखते हुए एक नाम जातिगत समीकरण और दूसरा नाम घोषणापत्र के वादों को पूरा करने के हिसाब से तय किया। सूत्रों का यह भी कहना है, अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा कि ढाई साल बाद कांग्रेस सरकार का मुख्यमंत्री बदल सकता है। यह हाईकमान और दावेदारों के बीच की बात है। बाकी दो दावेदार नेताओं को यह आश्वस्त किया गया है कि उन्हें मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण विभाग मिलेंगे।

रेस में कौन-कौन शामिल था

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की रेस में टीएस सिंहदेव का नाम सबसे आगे चल रहा था। इसके अलावा भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू और चरणदास महंत का नाम भी रेस में था। हालांकि विधायक दल की बैठक में बघेल के नाम पर मुहर लगी है।

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Ghanshyam Chandra

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