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घर में जमा पानी बन सकता है मलेरिया की वजह, बरसात में ऐसे करें मच्छरों की रोकथाम

बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। इस मच्छर के शरीर में मौजूद प्लाज्मोडियम परजीवी इंसान के खून में पहुंचकर संक्रमण पैदा करता है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार न होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए मलेरिया के लक्षणों को पहचानना और इससे बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मलेरिया का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

आइए जानते हैं कि मलेरिया किन लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है, संक्रमण होने पर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और इससे बचाव के लिए कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं।

इन लोगों के लिए गंभीर हो सकता है मलेरिया

मलेरिया का संक्रमण कुछ लोगों के लिए अधिक जोखिम भरा हो सकता है। मधुमेह, कैंसर और एचआईवी से पीड़ित मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मलेरिया का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों में भी इस बीमारी के कारण गंभीर जटिलताएं होने की आशंका रहती है।

मलेरिया का संक्रमण होने पर प्लाज्मोडियम परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। गंभीर मामलों में यह मस्तिष्क सहित शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मस्तिष्क से संबंधित मलेरिया की स्थिति में मरीज को दौरे पड़ने, बेहोशी और अन्य गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। विशेष रूप से पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

मलेरिया होने पर खानपान का रखें ध्यान

मलेरिया होने पर शरीर में कमजोरी और पानी की कमी की समस्या हो सकती है। ऐसे में मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है। भोजन में विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केवल खानपान के सहारे मलेरिया का इलाज संभव नहीं है।

मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच कराकर निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स लेना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेने से बचना चाहिए। समय पर उपचार से बीमारी के गंभीर होने की आशंका को कम किया जा सकता है।

मलेरिया से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने और उनके पनपने की जगहों को नियंत्रित करना है। मादा एनोफिलीज मच्छर आमतौर पर साफ पानी में प्रजनन करते हैं। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें।

घर में रखी पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य बर्तनों की नियमित सफाई करें। पानी से भरे बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करके अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद ही उनमें दोबारा पानी भरें। घर के आसपास मौजूद गड्ढों और नालियों में पानी जमा होने से रोकें।

जहां पानी जमा होने से रोकना संभव न हो, वहां स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उपाय अपनाएं। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग से कीटनाशकों के छिड़काव के लिए संपर्क करें। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।

मच्छरों से बचाव के लिए करें ये काम

मलेरिया फैलाने वाले मच्छर मुख्य रूप से शाम और रात के समय सक्रिय होते हैं। ऐसे में इस दौरान मच्छरों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें और शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।

सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छर रोकने वाली जालियां लगवाना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा घर के आसपास पानी जमा होने की स्थिति पर नियमित रूप से नजर रखें।

बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ आसपास के वातावरण को साफ रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों और मेडिकल रिपोर्ट्स पर आधारित है। मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराएं।

(साभार)

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