Breaking News :
>>मुख्यमंत्री धामी ने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास>>क्रॉप कटिंग प्रयोग में ग्रामीणों के साथ खेत में उतरीं जिलाधिकारी>>सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की जनता चाहती है स्थायित्व और विकास>>खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- रेखा आर्या>>कोटद्वार के बालागंज-लूथापुर में 2.47 किमी सड़क निर्माण का शिलान्यास>>TMC नाम-चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगी अंतिम फैसले की समयसीमा>>ट्रंप के फैसले को कोर्ट का झटका, सीएनएन समेत तीनों मीडिया संस्थानों की व्हाइट हाउस में एंट्री बहाल>>CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, 48 घंटे में कदम नहीं उठाने पर आंदोलन की चेतावनी>>पर्वतारोहियों का साहस, अनुशासन और टीम भावना युवाओं के लिए प्रेरणादायी- मुख्यमंत्री>>टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेषन के रूप में विकसित करने को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक>>NEET UG फर्जी दस्तावेज मामले में एक और गिरफ्तारी, एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 5.58 लाख रुपये बरामद>>दिशा सालियान केस में पिता सतीश आज CBI को सौंपेंगे अहम सबूत, आरोपितों से जल्द पूछताछ की मांग>>हर बार खाना खाने के बाद क्यों फूल जाता है पेट? जानिए गैस बनने की असली वजह>>कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और M3M फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू>>लंबित वादों की अब होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग, डीएम ने सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित करने के दिए निर्देश>>इमरान हाशमी की ‘गनमास्टर जी9’ का ‘अफसाना बनाया आपने’ सॉन्ग हुआ रिलीज>>यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा- चलती बस में लगी भीषण आग, नौ यात्रियों की मौत>>निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- जिलाधिकारी>>‘सेवा सेतु’ शिविर में 645 ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ>>रामदेव और बृजभूषण के बीच विवाद खत्म, मुलाकात में दूर हुई गलतफहमी
उत्तराखण्ड

प्रदेश में अब कक्षा एक से पढ़ाई जाएगी संस्कृत, 100 करोड़ रुपये के बजट का रखा जाएगा प्रस्ताव 

संस्कृत विद्यालयों में छात्रों की घटती संख्या को देखते हुए लिया गया निर्णय 

देहरादून। प्रदेश में अब कक्षा एक से संस्कृत पढ़ाई जाएगी। संस्कृत विद्यालयों में छात्रों की घटती संख्या और कक्षा छह से संस्कृत शुरू होने पर छात्रों को होने वाली कठिनाई को देखते हुए विभाग की ओर से यह निर्णय लिया गया है। संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक गैरोला के मुताबिक, इसके लिए हर जिले में कक्षा एक से पांचवीं तक के पांच विद्यालयों को मान्यता दी जाएगी। हर जिले में एक संस्कृत गांव बनाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए 10 जिलों में गांव चिह्नित किए जा चुके हैं, जबकि अन्य में इसकी प्रक्रिया चल रही है।

संस्कृत शिक्षा सचिव ने चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी जिले के कई संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया, संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। बालिकाओं के साथ ही एससी, एसटी के छात्रों को संस्कृत शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके लिए हर जिले में शिविर लगाए जाएंगे। बताया, कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान देखने में आया कि इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं है, लेकिन छात्र संख्या कुछ कम दिखी। संस्कृत शिक्षा निदेशक आनंद भारद्वाज बताते हैं कि समग्र शिक्षा के तहत 1265 करोड़ रुपये का बजट है, लेकिन संस्कृत शिक्षा के लिए बजट नहीं हैं। कहा, संस्कृत शिक्षा के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा जाएगा। वहीं, प्रयास किया जाएगा कि इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील समेत कुछ अन्य सुविधाएं मिलें।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!