Breaking News :
>>रक्षाबंधन समारोह में लगभग 20 हजार बहनों ने मंत्री गणेश जोशी की कलाई पर बाँधा रक्षा सूत्र>>श्री दरबार साहिब पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, जल्द होगा एसएमआई अस्पताल का 100 करोड़ से अधिक बकाया भुगतान>>रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया संकल्प>>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को बल: शिवराज सिंह चौहान ने कहा- एक राष्ट्र-एक चुनाव आज देश की जरूरत>>सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान डूबे व्यक्ति की तलाश में उतरी SDRF, 2 किलोमीटर दूर मिला शव>>उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 80 सड़कें बंद; 28 अगस्त तक मौसम खराब रहने के आसार>>उत्तराखंड में आयुष सेतु पोर्टल की शुरुआत, अब ऑनलाइन मिलेंगी कई सुविधाएं>>मसूरी में बारिश के बीच माल रोड पर गिरा पेड़, होटल की छत और रेलिंग क्षतिग्रस्त>>एनईपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय तैयार करेंगे समयबद्ध रोडमैप>>बार-बार मांसपेशियों में खिंचाव? सिर्फ थकान नहीं, यह भी हो सकता है कारण>>दो आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश, दो के नोटिस निरस्त>>12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव>>डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश>>सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश>>देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री>>आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश>>रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण>>‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव>>दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले>>क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
उत्तराखण्ड

हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा प्रहार, 10 पर मुकदमा, पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की संस्तुति

धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह पर मेजर पनिशमेंट, एसडीएम की तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश

विजिलेंस जांच में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप प्रथम दृष्टया साबित, सरकार का संदेश- ‘भ्रष्टाचारियों को नहीं मिलेगी राहत’

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का कड़ा संदेश दिया है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में भूमि खरीद में गंभीर अनियमितताओं, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के बाद सरकार ने 10 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने का फैसला किया है। साथ ही तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी को सेवा से बर्खास्त किए जाने की संस्तुति तथा तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मेजर पनिशमेंट की कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मुख्यमंत्री धामी ने मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमि विक्रेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने को मंजूरी दे दी है। इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सबसे कड़े कदमों में से एक माना जा रहा है।

इन 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
जांच में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियंता एवं प्रभारी अधिशासी अभियंता आनंद सिंह मिश्राण, संपत्ति लिपिक वेदपाल और मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इनके अलावा भूमि विक्रेता सुमन देवी, जितेंद्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह के खिलाफ भी अभियोग दर्ज किया जाएगा। विजिलेंस जांच में सामने आया कि भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। जांच रिपोर्ट में इसे सुनियोजित अनियमितता और पद के दुरुपयोग का मामला माना गया है।

डीएम पर मेजर पनिशमेंट, एसडीएम भी नहीं बचे
सरकार ने तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) की संस्तुति की है। वहीं उस समय के एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार के अधीन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

शुरुआत से सख्त रहे मुख्यमंत्री
हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह और नगर आयुक्त वरुण चौधरी समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और वित्तीय ऑडिट के माध्यम से पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास किया गया। जांच पूरी होने के बाद अब सरकार ने दोषियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया है।

भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया है कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जनधन के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चाहे अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि वह जनहित और सरकारी धन के साथ खिलवाड़ करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।

हरिद्वार भूमि घोटाला : एक नजर में

1- 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी
2- पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी की बर्खास्तगी की संस्तुति
3- तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह पर मेजर पनिशमेंट
4- तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह की 3 वेतनवृद्धियां रोकी जाएंगी
5- विजिलेंस जांच में धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप प्रमाणित
6- मुख्यमंत्री धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
7- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!