युगांडा इंटरनेशनल चैलेंज में उत्तराखंड की बेटी अक्षिता का शानदार प्रदर्शन

महिला डबल्स में स्वर्ण और महिला सिंगल्स में रजत पदक जीतकर देश-प्रदेश का बढ़ाया गौरव
आकाश ज्ञान वाटिका, सोमवार, 5 अक्टूबर 2026, देहरादून। उत्तराखंड की प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी अक्षिता मनराल ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए युगांडा इंटरनेशनल चैलेंज (Uganda International Challenge 2026) में एक ही दिन दो अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। अक्षिता ने महिला डबल्स में स्वर्ण पदक और महिला सिंगल्स में रजत पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों, परिजनों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है।

अक्षिता मनराल ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर कम उम्र में ही खेल जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। Uganda International Challenge 2026 में उनका प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में अक्षिता मनराल और इशिता मेगी की जोड़ी ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सोनाली सिंह और रितिका ठाकेर की जोड़ी को कड़े मुकाबले में 18-21, 21-19 और 21-16 से पराजित किया। शुरुआती गेम में पिछड़ने के बाद अक्षिता और इशिता ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो गेम अपने नाम किए और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
महिला डबल्स का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। पहले गेम में प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने 21-18 से बढ़त बनाई, लेकिन अक्षिता और इशिता ने दबाव में आए बिना दूसरे गेम में शानदार संयोजन और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। दूसरे गेम को 21-19 से जीतकर उन्होंने मुकाबले में बराबरी की। निर्णायक तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 21-16 से जीत दर्ज की और अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
वहीं महिला सिंगल्स में भी अक्षिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। खिताबी मुकाबले में उनका सामना आयशा गांधी से हुआ। तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में अक्षिता ने पहला गेम 22-20 से जीतकर मजबूत शुरुआत की। हालांकि दूसरे गेम में आयशा गांधी ने 21-16 से वापसी की। निर्णायक तीसरे गेम में आयशा ने 21-7 से जीत दर्ज की। इस तरह अक्षिता को महिला सिंगल्स में रजत पदक प्राप्त हुआ।

एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में महिला डबल्स का स्वर्ण और महिला सिंगल्स का रजत पदक जीतना अक्षिता की बहुआयामी खेल प्रतिभा और निरंतर मेहनत को दर्शाता है। उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि उत्तराखंड की युवा बेटियां अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम हैं।
अक्षिता की प्रतिभा केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने कक्षा 12वीं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और प्रतिभा को देखते हुए कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं विकास परिषद, धर्मपुर शाखा द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया था। परिषद की ओर से उन्हें सम्मानित किए जाने के समय भी उनकी प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य की सराहना की गई थी।
आज अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में दो पदक जीतकर अक्षिता ने अपने परिवार, गुरुजनों और उन्हें प्रोत्साहित करने वाली संस्थाओं के विश्वास को और मजबूत किया है। उनकी सफलता विशेष रूप से उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
अक्षिता मनराल की इस उपलब्धि पर उनके पिता श्री शिव प्रताप सिंह मनराल, परिवारजनों, मित्रों, खेल प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं विकास परिषद, धर्मपुर शाखा से जुड़े लोगों ने भी अक्षिता की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अक्षिता की यह सफलता उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि प्रतिभा, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर स्थानीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचा जा सकता है। Uganda International Challenge 2026 में दो पदकों की यह उपलब्धि अक्षिता के खेल जीवन में निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उनका आत्मविश्वास और बढ़ाएगी।
अक्षिता मनराल को महिला डबल्स में स्वर्ण और महिला सिंगल्स में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनायें।
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