Breaking News :
>>नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना>>राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश>>नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक>>हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी>>प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति>>ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन>>एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम>>अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री>>एशियन गेम्स 2026- श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारत ने जीता स्वर्ण पदक>>जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम>>UP-बिहार समेत चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव का ऐलान, 23 अक्टूबर को मतदान>>ओट्स सेहतमंद है, लेकिन ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका>>महाराष्ट्र की UCC समिति से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा,प्रश्नावली को लेकर समिति में मतभेद>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया>>वेदांता एल्युमिनियम का ग्लोबल जलवा, वित्त वर्ष 2025-26 में किया 3.5 अरब डॉलर का निर्यात>>सात साल बाद फिर बड़े पर्दे पर लौट रही ‘एवेंजर्स: एंडगेम’, एडवांस बुकिंग में मचा रही धूम>>दूषित पेयजल मामले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 इंजीनियर निलंबित>>आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं की जानकारी के साथ बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां- रेखा आर्या>>आईएसबीटी के कायाकल्प को मिली रफ्तार, 27.50 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में>>भारत के प्रथम गाँव माणा से नशामुक्त भारत अभियान का आगाज
उत्तराखण्ड

पहाड़ में जल्द दिखेगा कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम

ऋषिकेश: बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम अब पहाड़ों में भी नजर आएगा। परियोजना के द्वितीय चरण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलने और भूमि हस्तांतरण के बाद आरवीएनएल (रेल विकास निगम लि.) ने कार्यों को गति देनी शुरू कर दी है। जल्द ही ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल टनल, पुल और स्टेशन निर्माण का कार्य धरातल पर दिखाई देने लगेगा।

पहाड़ पर रेलगाड़ी दौड़ाने की यह स्वप्निल परियोजना धीरे-धीरे आकार लेने लगी है। आरवीएनएल ने इसके लिए दो चरणों में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मांगी थी।

पहले चरण में देहरादून वन प्रभाग व दूसरे चरण में ऋषिकेश से आगे टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिलों से संबंधित वन प्रभागों के क्षेत्रों में वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति शामिल थी। देहरादून वन प्रभाग में तो करीब दो वर्ष पूर्व ही भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी और रेल विकास निगम ने यहां काम भी शुरू कर दिया था।

ऋषिकेश में परियोजना के पहले न्यू ऋषिकेश स्टेशन सहित श्यामपुर बाईपास मार्ग पर रोड अंडर ब्रिज, देहरादून मार्ग पर रोड ओवर ब्रिज व चंद्रभागा नदी पर स्टील गार्डर ब्रिज भी आकार लेने लगा है। आरवीएनएल के परियोजना निदेशक ओपी मालगुड़ी ने बताया कि ऋषिकेश से आगे के कार्यों के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय बीती 20 फरवरी को हरी झंडी दे चुका है।

निगम को कुल 500.5996 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित कर दी गई है। इसमें 173.0313 हेक्टेयर भूमि धरातल पर और 327.5683 हेक्टेयर भूमि भूमिगत शामिल है। स्वीकृति के बाद आगे के कुछ कार्यों के लिए टेंडरिंग की प्रक्रिया पूर्ण भी हो चुकी है।

पहले बनेंगी एप्रोच और एडिट रोड 

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर कुल 18 टनल (सुरंग) बनेंगी। मगर, सुरंगों के निर्माण से पूर्व उनके इनलेट और आउटलेट तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाई जानी हैं। इसके लिए आरवीएनएल ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली है।

वहीं, बड़ी सुरंगों का काम जल्द से जल्द पूरा हो, इसके लिए बीच-बीच में भी सुरंग खोदने का काम किया जाएगा। ऐसे स्थानों तक पहुंचने के लिए एडिट रोड बनाई जा रही हैं। इसके लिए भी निगम जल्द निविदाएं जारी करेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर बनने वाली 18 सुरंगों के निर्माण कार्य को नौ पैकेज में विभाजित किया गया है।

इसके अलावा सुरंगों के मुहाने तक विद्युत लाइन बिछाने के लिए भी उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन को धन आवंटित कर दिया गया है। एप्रोच व एडिट रोड के अलावा पावर सप्लाई का काम पूरा होने के साथ ही सुरंगों की खुदाई का काम भी शुरू किया जाएगा।

कार्यों में आएगी तेजी 

रेल विकास निगम के परियोजना निदेशक ओपी मालगुड़ी के मुताबिक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से द्वितीय चरण की स्वीकृति मिलने के बाद आगे होने वाले कार्यों में तेजी आ जाएगी। फिलहाल हमें टनल तक पहुंचने के लिए एप्रोच और एडिट रोड की जरूरत है, जिन पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। अन्य कार्यों के लिए भी शीघ्र टेंडर निकाले जाएंगे।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर एक नजर

-कुल लागत 16216.31 करोड़ रुपये।

-रेल लाइन की कुल लंबाई 126 किमी।

-रेल लाइन पर कुल 18 सुरंगें व 16 पुल होंगे

-सबसे बड़ी सुरंग सवा 15 किमी लंबी, जबकि सबसे छोटी सुरंग 220 मीटर लंबी होगी।

-छह किमी से अधिक लंबी सुरंग पर एक निकासी टनल भी बनाई जाएगी।

-प्रत्येक सुरंग की चौड़ाई आठ गुणा दस डाईमीटर होगी।

-सुरंगों के भीतर लाइट व वेंटिलेशन की भी पूरी व्यवस्था होगी।

-रेल लाइन का मात्र 26 किमी हिस्सा ही बाहर होगा, शेष 105 किमी रेल लाइन सुरंगों से गुजरेगी।

-ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक कुल 16 रेलवे स्टेशन होंगे।

-रेल परियोजना के तैयार होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचने में करीब ढाई घंटे का वक्त लगेगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!