Breaking News :
>>नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश>>पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण>>प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी>>राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम>>उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी>>भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज>>रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई>>‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर मंथन>>मुख्यमंत्री धामी की दो टूक संदेश—सड़कें गड्ढामुक्त हों, विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई>>वसुंधरा ताल में स्थापित हुई पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियल झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती>>खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त>>FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद>>ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच>>देहरादून में मतदाता जागरूकता गतिविधियां तेज, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए निर्देश>>स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को ढाई करोड़ स्वीकृत>>विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर>>अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीवीआईपी की भूमिका की जांच की मांग, कांग्रेस ने गांधी पार्क में किया मौन सत्याग्रह>>प्रदेश में मौसम फिर लेगा करवट, बारिश के साथ बर्फबारी के आसार>>डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त होने पर महाराज ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रीय

महाराष्ट्र की UCC समिति से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा,प्रश्नावली को लेकर समिति में मतभेद

 मुंबई – महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति को लेकर विवाद सामने आया है। समिति के सदस्य और पूर्व न्यायाधीश आर.सी. चव्हाण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जनता से सुझाव लेने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली और समिति की बैठक में एक गैर-सदस्य व्यक्ति की कथित मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई है।

महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति का उद्देश्य राज्य में यूसीसी लागू करने से जुड़े नियम और सिफारिशें तैयार करना है। समिति की दूसरी ऑनलाइन बैठक के कुछ घंटे बाद 19 सितंबर को न्यायमूर्ति चव्हाण ने अपना इस्तीफा भेजा, जिसे राज्य सरकार ने सोमवार को स्वीकार कर लिया।

इस्तीफे से पहले भेजे गए ईमेल में चव्हाण ने बैठक के एजेंडे का जिक्र करते हुए कहा कि यूसीसी को लेकर जनता की राय जानने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया जाना था। उन्होंने बताया कि तीन सदस्यों ने इस पर सुझाव दिए थे। इनमें लोगों से कुछ सवालों के जवाब केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में लेने और प्रश्नावली की पेशेवर समीक्षा कराने का सुझाव भी शामिल था।

चव्हाण के मुताबिक, समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई ने उनके द्वारा अंतिम रूप दी गई प्रश्नावली को पहले ही प्रसारित कर दिया था। साथ ही बताया गया था कि वेबसाइट तैयार होने के बाद प्रश्नावली को उस पर अपलोड किया जाएगा।

चव्हाण ने बैठक में समिति के सदस्य नहीं होने वाले एक व्यक्ति की कथित मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, उस व्यक्ति ने राज्य सरकार के अधिकारियों की ओर से तैयार वेबसाइट में बदलाव की जरूरत बताई। इसके बाद समिति की अध्यक्ष ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया।

पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि समिति के सदस्य नहीं होने के बावजूद वह व्यक्ति बैठक में किस भूमिका से शामिल हुआ था। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें समिति के कामकाज को लेकर अलग तरह से सोचने का अवसर मिला।

इस्तीफा देते हुए चव्हाण ने कहा कि वह समिति से अपनी सीट छोड़ रहे हैं, ताकि सरकार खाली पद को जल्द भर सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समिति से अलग होने के बाद एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में वह अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।

Loading

error: Content is protected !!