Breaking News :
>>मानकों के विपरित संचालित 96 होमस्टे के डीएम सविन बंसल ने किए पंजीकरण निरस्त>>इलेक्ट्रिक स्कूटर से उपनल मुख्यालय पहुंचे मंत्री गणेश जोशी, किया औचक निरीक्षण>>गांव, गरीब और युवाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता- कैबिनेट मंत्री भरत सिंह>>उच्च शिक्षा विभाग में किताबों का संकट दूर करेगी ई-लाइब्रेरी- डाॅ. धन सिंह रावत>>कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक>>‘वेलकम टू द जंगल’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, 26 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को होगी परीक्षा>>उत्तराखंड के प्रत्येक विकासखण्ड में बनेगा एक आदर्श कृषि गांव, सीएम धामी ने दिये निर्देश>>सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, स्टांप चोरी और अवैध रजिस्ट्रियों का हुआ खुलासा>>​शिक्षा के मंदिर में अनैतिक गतिविधियां अक्षम्य, दोषियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई- कुसुम कंडवाल>>सीएम धामी के निर्देशों के बाद एमडीडीए ने शुरू की ‘तेल बचाओ मुहिम’>>सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने चयनित लोगों को सौंपे नियुक्ति पत्र>>मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र>>आम लोगों की मेहनत की कमाई लूटने वालों को नहीं बख्शा जायेगा- डाॅ. धन सिंह रावत>>महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक और मौका मिलेगा- रेखा आर्या>>चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन>>‘मां इंटी बंगारम’ की नई रिलीज डेट का एलान, इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां>>मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक>>जनसेवा के मूल मंत्र पर चलने वाली पार्टी है भाजपा- महाराज
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट “सूर्यधार बैराज परियोजना” की विशेष जाँच हेतु सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को दिये लिखित आदेश

आकाश ज्ञान वाटिका, मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020, देहरादून। “सूर्यधार बैराज परियोजना” मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। उक्त बात आज यहाँ प्रदेश के सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज ने इस परियोजना की सचिव सिंचाई को विशेष जाँच के लिखित आदेश देते हुए कही।

सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित शासन द्वारा माँगी गई आख्या पर विभाग द्वारा दिए गए उत्तर का विश्लेषण करने पर पाया गया कि सूर्यधार बैराज के निर्माण में कई स्तर पर गड़बडियाँ हैं जिसकी जाँच हेतु आज सिंचाई मंत्री द्वारा विशेष आदेश दिए हैं।

[box type=”shadow” ]“सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई एवं इस सलाह का क्या औचित्य था”  :  सिंचाई मंत्री, सतपाल महाराज

सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज ने आज भोगपुर स्थिति मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट “सूर्यधार बाँध परियोजना” निर्माण की विशेष जाँच के आदेश देते हुए कहा है कि “1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख रूपये का अभी तक भुगतान किया जा चुका है। संभवतः अभी और भी किया जाना है।” श्री सतपाल महाराज ने अपने आदेश में कहा कि विचारणीय विषय यह है कि डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊँचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया। इन सबके बावजूद टेंडर को पुनरीक्षित(Revise) कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया।

सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई एवं इस सलाह का क्या औचित्य था

श्री सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊँचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है। तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी। यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई एवं इस सलाह का क्या औचित्य था। श्री सतपाल महाराज ने अपने आदेश में कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई ? यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जाँच के आदेश दिए हैं।

बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया

सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी जाँच की जाए कि जब अनुबंध पुरानी ऊँचाई 8 मीटर के आधार पर किया गया, बढ़ी हुई ऊँचाई के आधार पर नहीं, जबकि निविदा आमंत्रित करने से पूर्व ही ऊँचाई बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा चुका था, जो कि प्रमुख अभियंता के मौखिक निर्देश के क्रम में हुआ। श्री सतपाल महाराज ने कहा कि विभागीय कार्यों को कराए जाने का आधार विभागीय सेड्यूल ऑफ रेट होता है, बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया, वह भी निविदा की लागत का आंकलन करने में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी भी जाँच की जाएगी।

[highlight]सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जाँच के आदेश देते हुए कहा, सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये एवं इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये, जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ रूपये का कराया गया, जो कि योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड़ से लगभग 12 करोड़ रूपये अधिक है। स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड़ रूपये अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।[/highlight][/box]

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गाँवों की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी। इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी। ज्ञात हो कि 27 अगस्त 2020 को सूर्यधार बैराज निर्माण परियोजना का सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना लागत बढ़ने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जाँच की बात कही थी।

साभार : निशीथ सकलानी, मीडिया प्रभारी, 
श्री सतपाल महाराज, माननीय सिंचाई, पर्यटन
एवं संस्कृति मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!