Breaking News :
>>सीडीओ अभिनव शाह ने विकासनगर के चार गांवों में पहुंचकर किया फसल का स्थलीय निरीक्षण, किसानों से संवाद कर जानीं समस्याएं>>भूमियाधार में 70 मीटर गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, एक की मौत; चार घायल>>विकास के साथ अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा उत्तराखण्डः सीएम धामी>>लॉन्ग वीकेंड पर उमड़ी भारी भीड़, कैंची धाम और पहाड़ों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए विशेष निर्देश जारी>>हथनी पर्वत की 80 मीटर गहरी खाई में गिरने से व्यक्ति की मृत्यु, SDRF ने बरामद किया शव>>कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रयासों से भीमताल विधानसभा में विकास को मिली रफ्तार, 7 पुलों के लिए ₹8.74 करोड़ स्वीकृत>>गो पालन योजना का दायरा बढ़ा, अब सामान्य वर्ग के पशुपालक भी होंगे लाभान्वित>>एसएसपी दून के निर्देशों पर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा ऑडिट के लिए दून पुलिस ने चलाया अभियान>>सेवा, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता, जन-जन तक पहुंच रही सरकार- हेमंत द्विवेदी>>ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा>>सहस्त्रधारा में 50 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने त्वरित रेस्क्यू कर तीनों घायलों को निकाला सुरक्षित>>सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया>>कांग्रेस पार्षद ने उठाया खौफनाक कदम, फंदे से लटककर की आत्महत्या>>सरस फूड फेस्टिवल में दिखेगा देशभर की महिलाओं के हुनर और स्वाद का संगम>>बेडरूम में रखें ये पौधे, कमरे का माहौल रहेगा शांत और नींद के लिए बनेगा बेहतर वातावरण>>अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, खिड़कियां टूटीं, पुजारी-श्रद्धालु थे अंदर>>Mental Health Tips: आपकी ये छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे बन सकती हैं मानसिक तनाव की वजह, आज ही करें सुधार>>‘दृश्यम 3’ की धांसू ओपनिंग, पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर की इतने करोड़ की कमाई>>हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री धामी से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव>>भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
लाइफ स्टाइल

क्या आप भी लेते हैं ज्यादा स्ट्रेस, अगर हां, तो जान लीजिये इसके नुकसान

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, यही कारण है कि मेंटल हेल्थ की समस्याओं के कारण शारीरिक स्वास्थ्य और शारीरिक समस्याओं के कारण मेंटल हेल्थ पर असर हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को स्ट्रेस को कंट्रोल रखने की सलाह देते हैं। अगर आप भी तनाव के शिकार हैं तो समय रहते इसे कंट्रोल करने के उपाय कर लीजिए, ये संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रेस एक शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रिया है जो तब होती है जब आप किसी चुनौतीपूर्ण या खतरनाक स्थिति का सामना करते हैं। यह प्रतिक्रिया शरीर को फाइट मोड में ले जाती है, जहां से कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं और आपको उस समस्या से निपटने में मदद करते हैं।

पर क्या आप जानते हैं कि बहुत अधिक या लंबे समय तक बने रहने वाले तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल की अधिकता होती है जिसका संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।

गड़बड़ तो नहीं रहता है पाचन?

पाचन से संबंधित समस्याओं को आमतौर पर खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी की दिक्कत के रूप में जाना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक बने रहने वाली पाचन की दिक्कतें इस बात का भी संकेत हो सकती हैं कि आप स्ट्रेस का शिकार है?

जॉन्स हॉप्किंस की रिपोर्ट के मुताबिक तनाव का पाचन प्रणाली पर सीधा असर पड़ता है। इतना ही नहीं लंबे समय तक बने रहने वाली स्ट्रेस की समस्या के कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) और पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अक्सर एसिडिटी-कब्ज, गैस या अपच बनी रहती है और सामान्य दवाओं से लाभ नहीं मिल रहा है तो ये स्ट्रेस का भी संकेत हो सकता है।

हार्ट बीट बढ़ना भी हो सकता है स्ट्रेस का संकेत

स्ट्रेस का आपके हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक तनाव की समस्या हृदय रोगों (जैसे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन तेज़ होना, हार्ट अटैक) का खतरा बढ़ा देती है।

असल में तनाव की स्थिति ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं कोर्टिसोल की अधिक कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाने वाली हो सकती है। ये सभी स्थितियां दिल की बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

क्रॉनिक स्ट्रेस से डिप्रेशन, एंग्जायटी डिसऑर्डर, और नींद की समस्याएं भी बढ़ जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग अधिक तनाव में रहते हैं उनमें डिप्रेशन होने का जोखिम अधिक रहता है। इससे दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त की भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। डिप्रेशन मेंटल हेल्थ की गंभीर समस्या है जिसका शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर होता है।

स्ट्रेस के कारण होने वाली अन्य समस्या

लंबे समय तक बनी रहने वाली स्ट्रेस की समस्या आपको संपूर्ण स्वास्थ्य को कई और प्रकार से भी प्रभावित करने लगती है।
अमेरिकल साइकोलॉजी एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक अगर आप तनाव का शिकार रहते हैं तो ये प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। इससे संक्रमण, एलर्जी और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्ट्रेस के कारण कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने से भूख भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इससे वजन बढ़ने और मोटापे की भी दिक्कत हो सकती है।

(साभार)

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!