Breaking News :
>>विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 1882 मतदेय स्थलों पर घर-घर पहुँच रहे बीएलओ>>देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू>>मोदी सरकार के 12 साल : मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार>>मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण>>मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बाँटे नियुक्ति पत्र>>कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुँचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही>>देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा>>फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज>>फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक>>दहेज की माँग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त>>विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा के हो पुख्ता इंतजाम : डाॅ. धन सिंह रावत>>समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश>>जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री>>​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल>>जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी>>मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश>>2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री>>दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत>>‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए>>ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
उत्तराखण्डदेहरादून

देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में ब्लूबेरी फार्मिंग की नई पहल, किसानों को मिलेगा लाभ

80 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे 500 ब्लूबेरी पौधे, किसानों का मिलेगा बड़ा लाभ

नाबार्ड द्वारा निर्मित पॉली हाउस पर ही की जाएगी ब्लूबेरी की खेती

जिला योजना में शामिल ब्लूबेरी पायलट मिशन, जिला प्रशासन का विशेष फोकस

ब्लूबेरी फार्मिंग को बनाया जाएगा सफल मॉडल, किसानों के साथ खड़ा रहेगा प्रशासन : जिलाधिकारी

आकाश ज्ञान वाटिका, मंगलवार, 9 जून 2026, देहरादून। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जनपद में पहली बार ब्लूबेरी खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन और उद्यान विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों के विकल्प विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा सहसपुर क्षेत्र की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद ब्लूबेरी उत्पादन के लिए इसे उपयुक्त पाया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सहसपुर ब्लॉक के 10 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को 500 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती के लिए 500 ब्लूबेरी पौधे 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को वैज्ञानिक खेती, पौधों के रखरखाव, सिंचाई प्रबंधन तथा उत्पादन तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला प्रशासन किसानों की उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य करेगा, ताकि उन्हें उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे क्लस्टर स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। इससे देहरादून को ब्लूबेरी उत्पादन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दून बासमती ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, उसी प्रकार ब्लूबेरी खेती भी किसानों के लिए आय का नया और लाभकारी स्रोत बन सकती है।

मुख्य उद्यान अधिकारी डी.के. तिवारी ने बताया कि ब्लूबेरी एक हाई-वैल्यू फसल है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1,000 से 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फलों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ब्लूबेरी की व्यावसायिक संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से सहसपुर ब्लॉक के चयनित गांवों में पॉलीहाउस स्थापित किए जाएंगे, जिनमें ब्लूबेरी की खेती की जाएगी। ब्लूबेरी के पौधे लगभग दो वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसानों में से 10 किसानों ने इस खेती को अपनाने की इच्छा जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नवाचार आधारित ऐसी योजनाएं किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करेंगी। साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा मिलेगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!