Breaking News :
>>“ऑपरेशन प्रहार” के तहत जुआरियों पर दून पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक>>7 मई को रिलीज होगा ‘बंदर’ का टीजर, मेकर्स ने की घोषणा>>कांवली रोड पर तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मजदूर की मौत>>कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगी, प्रति यात्री खर्च बढ़कर 2.09 लाख रुपये हुआ>>प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं- मुख्य सचिव>>अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं- कुसुम कंडवाल>>खेल सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया हिमाद्री आइस रिंक- रेखा आर्या>>मुख्यमंत्री धामी से मिले कृषि मंत्री गणेश जोशी, मसूरी क्षेत्र के विकास कार्यो पर की चर्चा>>जागेश्वर धाम परियोजना में रोपवे को किया जाए शामिल- मुख्य सचिव>>चालान के नाम पर ₹1.20 लाख की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार>>कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले पंतनगर विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कश्यप>>श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए- मुख्यमंत्री>>अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 200 करोड़ के पार>>गढ़वाल राइफल्स के स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने सभी जवानों को दी शुभकामनाएं>>सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं- सीएम धामी>>पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी>>ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का बड़ा एक्शन, बहुमंजिला इमारत सील>>सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम का औचक निरीक्षण, पुराने विलेख पत्र जब्त>>कृषि मंत्री गणेश जोशी ने डिजिटल भुगतान प्रणाली (सीबीडीसी) के अनुदान वितरण प्रक्रिया का किया शुभारम्भ>>भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार, 500 नए सेंसर लगाने की योजना
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

सदन के पटल पर रखा गया उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम-2016 संशोधन विधेयक

पंचायत रिकार्ड नहीं सौंपने पर पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं होगी जेल

आकाश ज्ञान वाटिका, 30 नवम्बर 2022, बुधवार, देहरादून। उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम-2016 संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा गया। इसके तहत विभिन्न धाराओं में लघु उल्लंघनों पर कारावास की सजा दिए जाने संबंधी व्यवस्था में संशोधन किया गया है। इसके तहत अर्थदंड का प्रावधान यथावत रखा गया है, जबकि जेल भेजे जाने का प्रावधान हटा दिया गया है।

विधेयक के पास होने के बाद त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था में कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद बस्ता (पंचायत रिकार्ड) नहीं सौंपने पर पंचायत प्रतिनिधियों को सजा नहीं होगी जबकि जुर्माने प्रावधान को बरकरार रखा गया है। जुर्माने की राशि 10 हजार से 50 हजार तक रहेगी। उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम (संशोधन) विधेयक-2022 विधानसभा में पारित होने के बाद कानून का रूप ले लगेगा। 

इसके साथ उत्तराखंड जिला योजना समिति अधिनियम 2007 की धारा 6 में संशोधन का विधेयक भी सदन के पटल पर रखा गया है। विधेयक के पास हो जाने के बाद क्षेत्र पंचायत प्रमुख अपने जिले की जिला योजना समिति की बैठकों में नियमित रूप से प्रतिभाग कर सकेंगे। अभी तक उत्तराखंड जिला योजना समिति अधिनियम-2007 की धारा-6 की उपधारा (4) में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को अपने जिले की जिला योजना समिति में प्रतिभाग किए जाने की रोस्टर व्यवस्था है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!