Breaking News :
>>रेलटेल के शेयरों में 6% का उछाल, ₹290 के पार पहुंचा भाव>>बॉक्स ऑफिस पर ‘आवारापन 2’ का जलवा, 100 करोड़ के पार हुई फिल्म की कमाई>>देहरादून में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद आरोपी गिरफ्तार>>हर महीने के पहले मंगलवार को होगी समन्वय बैठक, जिलों की समस्याओं का तेजी से होगा समाधान>>केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं पर सरकार की पैनी नजर, प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश ने की वर्चुअल समीक्षा>>सीमाद्वार जलभराव पर डीएम सख्त, 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश>>ऋषिकेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती, बिना मानचित्र निर्माण को किया सील>>तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं>>उत्तराखंड में सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ-2026, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं>>रूम फ्रेशनर की खुशबू के पीछे छिपा खतरा? ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती हैं ये परेशानियां>>मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा>>‘जन नायकन’ की OTT रिलीज डेट तय, 21 अगस्त से ZEE5 पर होगी स्ट्रीम>>सोमेश्वर के धौलाघाट में श्रम विभाग का विशाल किट वितरण कार्यक्रम आयोजित>>पीपलकोटी टनल हादसा: लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10>>कृषि यंत्र सब्सिडी की फाइल बढ़ाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार>>सीओ नीरज-निहारिका सेमवाल की मुसीबतें बढ़ी>>अजमेरी बाजार में कई दुकानों लगी भीषण आग, करीब 20 मिनट बाद पहुंची दमकल टीम>>SDRF ने बीन नदी में फंसे दो यात्रियों और जंगल में फंसे छह छात्रों को सकुशल निकाला>>मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की अहम बैठक>>सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से करें निस्तारणः जिलाधिकारी
उत्तराखण्डताज़ा खबरेंस्वास्थ

डॉ० एन.एस. बिष्ट की सलाह : ‘डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों में डेंगू की निगेटिव रिपोर्ट के चलते लक्षणों को नजरअंदाज न करें

सीनियर फिजीशियन डॉ० एनएस बिष्ट ने कहा, ‘बुखार के गंभीर रोगियों को डेंगू की तरह दिया जाय इलाज’

सीनियर फिजीशियन डॉ० एनएस बिष्ट का बड़ा बयान, “डेंगू से पीड़ित मरीजों की रिपोर्ट आ रही है निगेटिव”

आकाश ज्ञान वाटिका, 17 सितम्बर 2022, शनिवार, देहरादून। राज्य के सरकारी अस्पताल बुखार के रोगियों से पटे पड़े हैं। जैसा कि पहले से ही अंदेशा ही था कि सितंबर के महिने में डेंगू अपने चरम पर पहुंच चुका है। मगर इस बार डॉक्टर काफी दुविधा में दिख रहे हैं, कारण है डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों में डेंगू की रिपोर्ट का निगेटिव आना या एक साथ ऐंटीजन और दोनों ऐंटीबॉडी का भी पॉजिटिव आ जाना या फिर टाइफाइड की जाँच का पॉजिटिव होना।

जिला अस्पताल कोरोनेशन में सीनियर फिजीशियन डॉ० एन.एस. बिष्ट का कहना है कि अस्पताल आने वाला हर दूसरा व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। 10 में से 9 मरीज डेंगू के लक्षणों वाले बुखार से पीड़ित हैं लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जाँच कराने पर इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव के बजाय निगेटिव आ रही है। यानि मरीाजों में डेंगू पॉजिटिव दर काफी कम है जबकि डेंगू के लक्षण बहुत ज्यादा। डॉ० एन.एस. बिष्ट का कहना है कि अब क्योंकि कोविड-19 ढलान पर है और बाकी वायरल के बुखार ज्यादा गंभीर नहीं होते, ऐसे में बुखार के गंभीर रोगियों को नेगेटिव रिपोर्ट पर भी डेंगू की ही तरह इलाज देना चाहिए ताकि नेगेटिव रिपोर्ट की वजह से किसी मरीज़ के इलाज में लापरवाही न हो।

क्यों आ रही है डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव ? जानिए
इसका एक कारण है : बुखार की मियाद का सही से पता न चल पाना

डॉ० एन.एस. बिष्ट के मुताबिक डेंगू की जाँच सही न आ पाने का कारण डेंगू से दोबारा संक्रमण या फिर टाइप 2 और 4 से संक्रमण हो सकता है। चूँकि 2019 में डेंगू का संक्रमण दुनियाँ में सबसे ज्यादा मामले लेकर आया तो तीन साल बाद यह दोबारा संक्रमण वाले मामलों की तादाद ज्यादा हो सकती है। डॉ० बिष्ट के मुताबिक समय-पूर्व और समय के बाद जाँच कराने से भी निगेटिव रिपोर्ट आ सकती है। जैसे कि एस-1 टेस्ट शुरुआत में नहीं कराने या फिर बुखार छूटने के बाद दोबारा बुखार आने पर कराने से नेगेटिव ही आएगा क्योंकि एंटीज़न टेस्ट 7 दिन के बाद नेगेटिव हो जाता है। एंटीबॉडी टेस्ट 7 दिन से पहले नेगेटिव ही रहता है। बुखार की मियाद का सही से पता न चल पाना इसका एक कारण है

डॉ० एन.एस. बिष्ट के मुताबिक डेंगू मरीजों के पूरे शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, बेचौनी, निम्न रक्तचाप, उल्टी, मचली आना, शरीर निढाल हो जाना, त्वचा में हल्की लालिमा या चकत्ते (Rashes), इस फीवर आउटब्रेक के मुख्य लक्षण हैं। नेगेटिव रिपोर्ट के बाद भी स्वेत रक्त कणों की संख्या या टीएलसी के आधार पर बुखार के गंभीर रोगियों का इलाज डेंगू की तरह ही होना चाहिये। डॉ० बिष्ट का कहना है कि टीएलसी डेंगू मरीजों में काफी कम हो सकता है, 2000 से भी कम, साथ ही पित्त की थैली के आसपास पानी जमा होने लगता है। लीवर इंजाएम भी समान्य तौर पर बढ़े हुए मिलते हैं।

➲ इलाज में पेरासिटामोल के अलावा कोई भी दावा नुकसान पहुँचा सकती है।
➲ मरीज़ के शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।
➲ इसके साथ ही रक्तचाप कम नहीं होने दें।
➲ बेचौनी, थकावट, खड़े नहीं हो पाना निम्न रक्तचाप के मुख्य लक्षण हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!