Breaking News :
>>जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन को लेकर जिला प्रबंधन समिति की बैठक>>मुख्यमंत्री धामी ने शहीद ऊधम सिंह को दी श्रद्धांजलि>>SDRF ने कांगड़ा घाट पर डूब रहे दो युवकों का किया सकुशल रेस्क्यू>>‘संत रविदास के विचार आज भी समाज को जोड़ने की प्रेरणा देते हैं’— ऋतु खण्डूडी भूषण>>दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश बर्त्वाल को मिला प्रिंसिपल एक्सीलेंस अवार्ड-2026>>शिक्षिका सृष्टि की संदिग्ध मौत पर भड़कीं महिला आयोग की अध्यक्ष, दिए सख्त जांच के निर्देश>>कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- 17 पदकों के साथ 10वें स्थान पर भारत>>सुबह उठते ही होता है सिरदर्द? तो इसे हल्के में न लें, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत>>भिवंडी में दर्दनाक हादसा- चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, छह की मौत>>कांवड़ मेले के चलते हरिपुरकलां क्षेत्र के स्कूल 11 अगस्त तक बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई- जिलाधिकारी>>कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की, चाय की ब्रांडिंग और किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने के दिए निर्देश>>प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) बनी उत्तराखंड समेत देश के गरीब के लिए संजीवनी : डॉ. नरेश बंसल>>कृषि मंत्री जोशी ने ली रेशम विभाग की विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी, दिए अहम निर्देश>>आजादी के जश्न में रंगेगा देहरादून, परेड ग्राउंड में गूंजेगा राष्ट्रगान>>गुंडा एक्ट में जिलाबदर किये गए अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार>>विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मालन, सुखरौ एवं खोह नदियों का किया निरीक्षण>>मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए सख्त निर्देश>>अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, सभी प्रारूपों से संन्यास का किया ऐलान>>‘रामायण’ का दमदार ट्रेलर रिलीज, रावण के अवतार में यश ने बटोरी सुर्खियाँ>>स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियाँ तेज
देशविज्ञान एवं प्राद्यौगिकी

चंद्रयान – २ अभियान सफलता की ओर आगे बढ़ा – इसरो ने चंद्रयान – 2 के लैंडर ‘विक्रम’ की लोकेशन पता लगा लिया है

  • इसरो ने चंद्रयान – 2 के लैंडर ‘विक्रम’ की लोकेशन पता लगा लिया है।
  • चंद्रयान – 2 के ऑर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर लैंडर ‘विक्रम’ की थर्मल तस्वीरें ली हैं।
  • अभी तक लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क नहीं स्थापित हो सका है।
  • ‘विक्रम’ ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था।
  • ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया था।

नई दिल्ली: रविवार, ८ सितम्बर। चंद्रयान – २ अभियान में एक कदम और आगे बढ़ते हुए, चाँद से भारतवर्ष के लिए यह खुशखबरी आयी है कि ‘इसरो ने चंद्रयान – 2 के लैंडर ‘विक्रम’ की चाँद की सतह पर लोकेशन पता लगा लिया है।’ अब चंद्रयान -२ मिशन ९५ फ़ीसदी नहीं बल्कि ९९ फ़ीसदी सफल माना जायेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चीफ के. सिवन ने कहा है कि ‘इसरो ने चंद्रयान – 2 के लैंडर ‘विक्रम’ की लोकेशन पता लगा ली है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान – 2 के ऑर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर लैंडर ‘विक्रम’ की थर्मल तस्वीरें ली हैं । हालांकि इसरो चीफ ने कहा है कि अभी तक लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क नहीं स्थापित हो सका है। संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, जल्दी ही संपर्क स्थापित किया जाएगा।’ आकाश ज्ञान वाटिका परिवार की ओर से भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन इसरो के वैज्ञानिकों एवं समस्त भारतवासियों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें। आज वैज्ञानिकों की श्रेष्ठ बुद्धिमता व लगन के कारण ही हमारा देश विज्ञान एवं तकनिकी के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में आता हैं।

 

ज्ञात रहे कि चंद्रयान-२, चंद्रयान-1 के बाद भारत का दूसरा चन्द्र अन्वेषण अभियान है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने विकसित किया है। अभियान को जीएसएलवी संस्करण 3 प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपित किया गया। इस अभियान में भारत में निर्मित एक चंद्र कक्षयान, एक रोवर एवं एक लैंडर शामिल हैं। इन सब का विकास इसरो द्वारा किया गया है। भारत ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से भारतीय समयानुसार अपराह्न 02:43 बजे सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया। चंद्रयान-2 लैंडर और रोवर ने चंद्रमा पर लगभग 70° दक्षिण के अक्षांश पर स्थित दो क्रेटरों मज़िनस सी और सिमपेलियस एन के बीच एक उच्च मैदान पर उतरने का प्रयास किया । पहिएदार रोवर चंद्र सतह पर चलेगा और जगह का रासायनिक विश्लेषण करेगा। पहिएदार रोवर चन्द्रमा की सतह पर चलेगा तथा वहीं पर विश्लेषण के लिए मिट्टी या चट्टान के नमूनों को एकत्र करेगा। आंकड़ों को चंद्रयान-2 कक्षयान के माध्यम से पृथ्वी पर भेजा जायेगा। लेकिन ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था। सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चाँद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!