Breaking News :
>>नौ माह का प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए 15 आरक्षी, पुलिस लाइन में पासिंग आउट सेरेमनी>>पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से न रहे वंचित- डीएम>>जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दिये परिसंपत्तियों की नियमित समीक्षा के निर्देश>>तकनीकी खराबी के बाद लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट वापस हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित लौटी>>त्यूणी में टोंस नदी से 46 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद>>15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, जिलों में तेज हुआ मरम्मत अभियान>>हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का किया शुभारंभ, CM धामी बोले- ज्ञान के साथ संस्कार जरूरी>>25 सूत्रीय कार्यक्रम के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें अधिकारी : मुख्य विकास अधिकारी>>‘प्रेम कीटाणु’ का ट्रेलर रिलीज, प्यार और गलतफहमी के बीच उलझी वीर पहाड़िया-अपराशक्ति खुराना की कहानी>>मुख्य सचिव ने किया आईआईएम काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमिपूजन>>आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण अंग- मुख्यमंत्री धामी>>मीराबाई चानू ने किया कमाल, 198 किलो उठाकर रचा इतिहास, एशियाड में भारत को दिलाया रजत पदक>>गंगा में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, 11 लोग डूबे, चार को बचाया, एक का शव बरामद>>MBECL पर ED का शिकंजा, तीन राज्यों में 16-17 ठिकानों पर छापेमारी>>निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार>>नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना>>राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश>>नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक>>हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी>>प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
उत्तराखण्ड

संन्यासी होना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है: बाबा रामदेव

हरिद्वार: संन्‍यासी होना दुनिया का सबसे बड़ा उत्तरदायित्व है और मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि। समस्त ऋषि ज्ञान परंपरा व संपूर्ण भारतवर्ष के लिए है गौरव का विषय है। पतंजलि योगपीठ के ऋषि ग्राम में योग गुरु बाबा रामदेव की प्रेरणा से प्रथम बार आयोजित सन्यास दीक्षा कार्यक्रम को संबोधित करते योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि संन्यास परंपरा हमारे पूर्वज ऋषि ऋषिकायों की वह आदर्श गरिमामयी और वर्णनीय परंपरा है, जिसमें वसुधैव कुटुंबकम की भावना को आधार बनाकर एक पिंड में सिमटी हुई चेतना को पूरे ब्रह्मांड में विस्तृत कर देना होता है। अर्थात यह मार्ग सेल्फ रियलाइजेशन से कलेक्टिव रियलाइजेशन का तथा व्यष्टि से समष्टि के उत्थान का है।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि हमारे पूर्वज ऋषि ऋषिकावों की पवित्र सनातन, गरिमामयी और व्रणीय संन्यास परंपरा एक आध्यात्मिक व्यक्ति, आध्यात्मिक परिवार, आध्यात्मिक समाज और आध्यात्मिक भारत बनाने के लिए आधार हैं। शास्त्र कहते हैं कि जिस कुल खानदान में एक भी व्यक्ति संन्यासी हो जाता है तो उसका सारा कुल पवित्र हो जाता है।

जननी कृतार्थ हो जाती है और उसके संन्यास के प्रताप से संपूर्ण वसुंधरा पुण्यों से भर जाती है। पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले 25 वर्षों से मां भारती की सेवा में अनेक प्रयास किए गए उन्हीं प्रयासों में एक वैदिक ऋषि ज्ञान परंपरा के प्रकल्प के रूप में वैदिक गुरूकुलम वैदिक कन्या गुरुकुलम है, जहां दिव्य आत्माएं ऋषि ज्ञान परंपरा को आत्मसात करती है। उसका लक्ष्य समष्टि को दिव्यता से भर देना और बदले में अपने लिए कुछ ना चाहना अर्थात ब्रह्मचर्याश्रम से सीधे संन्यास आश्रम का भ्रमण करना और ब्रह्मचर्य काल में अर्जित शक्तियों का उपयोग लोक कल्याण के लिए करना।

उन्होंने कहा कि 2050 तक भारत को विश्व की आध्यात्मिक व आर्थिक महाशक्ति के रूप में प्रतिष्ठापित करने के लिए पूर्ण पुरुषार्थ करने का संकल्प लें। संन्यास दीक्षा से पूर्व सेवा व्रतियों ने मुंडन संस्कार कराया। विरजा होम में हिस्सा लिया। विरजा होम में दीक्षित होने वाले अपने अंदर की अशुद्धि को पूर्ण त्याग कर पूर्ण जीवन जीने का संकल्प लेते हैं। विरजा होम के बाद मधुअर्क भी दिया गया इसे स्वयं योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने वितरित किया। गत बुधवार से चल रहे चतुर्वेदी यज्ञ का विधिवत समापन भी हुआ।

दीक्षा संन्यास का अगला कार्यक्रम वीआइपी घाट पर होगा, जिसमें दीक्षा लेने वाले सेवा प्रतियों को 108 बार अभिषेक किया जाएगा। साथ ही उन्हें योग गुरु बाबा रामदेव संन्यास दीक्षा देकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बताते चलें कि विभिन्न प्रांतों के 88 जीवनदायिनी सेवाब्रती संयास ले रहे हैं। इनमें 37 महिला और 51 पुरुष हैं। इनमे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, वाल्मीकि दलित सेवाव्रती शामिल है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!