Breaking News :
>>पूर्व DGP अशोक कुमार को हाईकोर्ट में देना पड़ा इस्तीफे का भरोसा, 3 हफ्ते में छोड़ेंगे VC पद>>त्यूणी में 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक की मौत, दो घायल>>सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को एमडीडीए ने किया नमन>>नमो क्रिकेट लीग में CM धामी ने खिलाड़ियों संग खेला क्रिकेट, युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ>>पूल्ड आवास परिसर की बाल वाटिका को मिला नया स्वरूप, बच्चों के लिए किया गया लोकार्पण>>घंटों बैठे रहने वालों के लिए जरूरी खबर, रोजाना इतने कदम चलने से कम हो सकता है सेहत का खतरा>>गांधी-शास्त्री जयंती पर बंदियों को विधिक अधिकारों की दी जानकारी>>नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें- आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद>>लखनऊ एयरपोर्ट जाने से पहले जान लें पार्किंग के नए रेट, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना>>भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास>>भारत में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, 100 में 39 वयस्क प्रभावित; बच्चों में भी 35.4% अनुमान>>सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को एमडीडीए ने किया नमन>>एफबीआई के शिकंजे में अमेरिकी इंजीनियर, हूती विद्रोहियों को मदद देने का गंभीर आरोप>>अदाणी पोर्ट्स की कार्गो हैंडलिंग में जोरदार उछाल, सितंबर में 11% बढ़ा कारोबार>>डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, मैग्नीशियम की कमी पूरी करने में मिल सकती है मदद>>बिग बॉस 20 में मिड-वीक एविक्शन ने चौंकाया, रीति तिवारी हुई घर से बेघर>>जन्मदिन पर लवलीना ने रचा इतिहास, चीन की मुक्केबाज को 5-0 से हराकर जीता स्वर्ण पदक>>महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया भावपूर्ण स्मरण>>मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि>>देहरादून में श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई गांधी जयंती और शास्त्री जयंती
उत्तराखण्ड

अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फिर झटका, सभी की जमानत याचिकाएं खारिज

प्रदेश सरकार की मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को नहीं मिली राहत, न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी मजबूती से खड़ी

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने इसे अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम बताते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत सजा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले की शुरुआत से ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

मजबूत जांच और चार्जशीट पर जोर

जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें करीब 100 गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। सरकार का दावा है कि अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज होती रहीं और वे सुनवाई के दौरान जेल में रहे।

इसी मामले में अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सरकार ने इसे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया का परिणाम बताया है।

परिवार की मांगों के अनुसार लिए गए फैसले

सरकार के अनुसार, पूरे मामले में अंकिता के माता-पिता और परिवार की मांगों को प्राथमिकता दी गई। परिजनों की मांग के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं में तीन बार बदलाव किया गया। वहीं, परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए।

परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा अंकिता के भाई और पिता को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया।

‘वीआईपी’ मामले पर सरकार ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सरकार ने बयान में अंकिता हत्याकांड से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ प्रकरण को लेकर कांग्रेस और अन्य संगठनों पर भी निशाना साधा। सरकार का कहना है कि यदि किसी के पास इस संबंध में ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों अथवा न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

बयान में आरोप लगाया गया कि बिना ठोस प्रमाण के सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाकर मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।

सरकार ने गिनाईं अपनी कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में कार्रवाई केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रही। गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, अभियोजन की पैरवी, परिवार की मांग पर अधिवक्ता बदलने, आर्थिक सहायता और रोजगार देने जैसे कदम उठाए गए।

सरकार ने दोहराया कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंकिता भंडारी मामले में भी सरकार ने परिवार के साथ खड़े रहने और न्यायिक प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग जारी रखने की बात कही है।

Loading

error: Content is protected !!