Breaking News :
>>मोहनलाल की नई फिल्म के टाइटल का हुआ एलान, पोस्टर भी किया जारी>>एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील>>डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश>>श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य लीला ने मोहा मन, मध्यरात्रि में अभिषेक के साथ गूँजा “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की”>>‘अनघ (निष्पाप)–मेरी अपनी यात्रा’ : स्मृतियों की पगडंडी से जीवन के उजास तक>>10 सितंबर को आईटीआई श्रीनगर में आयोजित होगा लघु रोजगार मेला>>महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश>>नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित>>आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा>>देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट>>‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये>>शिक्षक : राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार>>शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी>>केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट>>भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है- मुख्यमंत्री>>महाराज ने की नेपाल के राजदूत से भेंट, हर संभव मदद कर दिया भरोसा>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत>>बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सीएम धामी से की मुलाकात, द्वितीय चरण की तैयारियों की दी जानकारी>>कोटद्वार में आधार सेवा केंद्र शुरू, अब आधार सेवाओं के लिए नहीं जाना पड़ेगा अन्य शहर>>बच्चे की हाइट नहीं बढ़ रही? सिर्फ खान-पान को न मानें वजह, इन संकेतों पर दें खास ध्यान
उत्तराखण्ड

ऑडिट रिपोर्ट ने खोली नगर निगम में वित्तीय अनियमितता की पोल

देहरादून : ‘बाड़ ही खेत को चर रही है’, यह कहावत देहरादून नगर निगम पर सटीक साबित हो रही है। आमदनी की कमी का रोना रो रहे राज्य के इस सबसे बड़े निकाय ने वित्तीय अनियमितता के चलते खुद को और सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। राजस्व ठेकों पर स्टांप शुल्क पर अनुबंध न कर सरकार को 23 लाख से ज्यादा राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं, पार्किंग ठेके और शो टैक्स में वसूली को लेकर आंख मूंदने का खामियाजा निगम को करीब साढ़े तेरह लाख के नुकसान के रूप उठाना पड़ा है।

भवन कर और भूमि कर की वसूली न होने से सिर्फ वित्तीय वर्ष 2014-15 में ही निगम को 2.44 करोड़ से ज्यादा की चपत लगी है। निगम के स्वामित्व की 183.93 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे के चलते 1246.15 करोड़ की हानि निगम को हो रही है। निर्माण कार्यों में अनियमितता का एक अनूठा कारनामा नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोलने को काफी है।

दर्शनीगेट में 94,921 लागत से कराए गए काम के लिए कार्यादेश 17 अक्टूबर, 2013 को निर्गत हुआ, लेकिन पत्रावली में यह कार्य 16 अक्टूबर, 2013 को यानी एक दिन पहले ही कार्य पूरा होना दर्शाया गया है। ठेकेदार को भुगतान की गई 89244 धनराशि के गबन का अंदेशा जताया जा रहा है।

देहरादून नगर निगम की वर्ष 2014-15 की ऑडिट रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट बयां करती है कि जिस निगम पर राजधानी को सुव्यवस्थित करने का जिम्मा है, वह खुद अव्यवस्था का शिकार तो है ही, कामकाज में नियमों व कायदे-कानूनों को खुलकर ताक पर रखा जा रहा है। राज्य की सबसे बड़ी शहरी पंचायत में प्रोक्योरमेंट की अनदेखी की गई।

ठेकेदारों पर मेहरबानी, निर्माण कार्यों में अनियमितता

निगम और ठेकेदारों के बीच संबंधों का असर विकास कार्यों के समय पर पूरा नहीं होने के रूप में सामने आ रहा है। देर से काम करने वाले ठेकेदारों के प्रति नरमी बरतते हुए निगम ने खुद को भी चूना लगा दिया।

निगम के वार्ड-24 में निगम निधि से दर्शनी गेट, झंडा मोहल्ला आदि गलियों में सीसी पैच का निर्माण कार्य मैसर्स मासूम अली एंड कंपनी से कराया गया। कुल 94,941 लागत का कार्यदेश बाद में जारी हुआ लेकिन काम को पहले ही पूरा कर लिया गया।

इसी तरह वार्ड-20 में कांवली रोड पर जीतू की दुकान के पास से सावित्री देवी के मकान तक सीसी सड़क व नाली का निर्माण कार्य ठेकेदार से कराया गया। 1,49,570 लागत से इस कार्य का आदेश एक जनवरी, 2013 को जारी हुआ, लेकिन यह कार्य दो माह के बजाय तीन माह बाद एक अप्रैल, 2013 को पूरा हुआ।

देरी के लिए नियमों के मुताबिक ठेकेदार से कुल लागत का 0.5 फीसद प्रति हफ्ते की दर से 2991 की क्षतिपूर्ति की कटौती नहीं की गई। वार्ड-46 में मूलचंद एन्क्लेव, माजरा में एसके जैन के मकान से हरिद्वार बाइपास तक कुल लागत 8,76,082 से नाली निर्माण का कार्य आदेश 15 दिसंबर, 2012 को जारी हुआ, यह कार्य छह माह के भीतर पूरा होने के बजाय नौ माह से ज्यादा वक्त में पूरा हुआ।

कार्य को पूरा करने की समय सीमा में सक्षम स्तर से वृद्धि नहीं की गई। इसके बावजूद निगम ने संबंधित ठेकेदार से दस फीसद कटौती के रूप में 87608 रुपये की वसूली नहीं की।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!