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उत्तराखण्ड

विशेष गहन पुनरीक्षण की आयोग की टीम ने की समीक्षा

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने देहरादून में की। टीम ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह और पुनरीक्षण कार्य से जुड़े सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर प्रगति की जानकारी ली।

आयोग की टीम ने पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता और गंभीरता बनाए रखने पर जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से प्रारूप-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण में पूरी सावधानी और निष्पक्षता बरतने को कहा गया। मृत्यु या स्थानांतरण के आधार पर किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले बीएलओ और संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) से जानकारी का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए गए।

टीम ने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अब तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से दोबारा संपर्क किया जाए। ऐसे मतदाताओं को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटने न पाए।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में चल रहे पुनरीक्षण कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। वहीं वर्ष 2003 की मतदाता सूची के विवरण में विसंगति मिलने या आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 96,187 ऐसे मतदाता भी चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में नाम रखने का विकल्प दिया जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी देंगे और उनकी स्वेच्छा के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राकेश तिवारी, अपर्णा ढौंडियाल, रविन्द्र ज्वांठा, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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