Breaking News :
>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं>>महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट>>मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण>>एशियाई पैरा खेलों में भारत का जलवा, मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड तो अवनि लेखरा को मिला सिल्वर>>देहरादून में दुकान से चोरी का 24 घंटे में खुलासा, 5 हजार रुपये और चांदी के सिक्कों के साथ आरोपी गिरफ्तार>>अब खुली मिठाई पर भी लिखनी होगी निर्माण और एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से उत्तराखंड में नया नियम लागू>>डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल, लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह>>10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट>>वजन नियंत्रण और दिल की सेहत के लिए उपयोगी हो सकती है इलायची, जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका>>महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया कन्या पूजन>>विमान में बम की धमकी से मचा हड़कंप, तेल अवीव-वियना फ्लाइट की सोफिया में इमरजेंसी लैंडिंग>>अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस>>ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज>>मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन पहुंचे उत्तराखण्ड, कल लेंगे राज्यपाल पद की शपथ>>त्योहारी सीजन में FDA का बड़ा एक्शन, राजपुर रोड के नामी कैफे-रेस्टोरेंट में छापेमारी>>कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दुर्गाष्टमी पर मां भगवती और महादेव की कि पूजा-अर्चना,प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की>>देहरादून में पुलिस का बड़ा सत्यापन अभियान, 487 किरायेदारों की जांच; 5.38 लाख रुपये का जुर्माना>>मुख्यमंत्री धामी ने चम्पावत को दी 96 करोड़ की 16 विकास योजनाओं की सौगात, हर ग्राम सभा को मिलेंगे 10 लाख रुपये>>विकसित उत्तराखण्ड की यात्रा में प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी>>मुख्यमंत्री धामी की श्रमिक स्वास्थ्य पहल बनी दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा, उत्तर प्रदेश की टीम ने किया उत्तराखण्ड के मॉडल का अध्ययन
उत्तराखण्ड

जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सभी तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही किया जाए भवन को जर्जर घोषित- जिलाधिकारी

देहरादून। जनपद में जर्जर और संभावित रूप से असुरक्षित भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को ऐसे भवनों का प्राथमिकता के आधार पर चिन्हीकरण करने और उनकी तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन को जर्जर या गिरासू घोषित करने से पहले उसकी संरचनात्मक स्थिति का विशेषज्ञों से गहन परीक्षण कराया जाए। भवन की मजबूती, सुरक्षा और आसपास रहने वाले लोगों पर संभावित खतरे समेत सभी तकनीकी एवं विधिक पहलुओं का आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों के साथ नगर निगम और नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए। सूची में भवन की मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक सुरक्षा तथा आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी शामिल करने को कहा गया है।

डीएम ने नगर निगम, नगर पालिका परिषदों, लोक निर्माण विभाग और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को संयुक्त रूप से विशेषज्ञ तकनीकी टीमें गठित करने के निर्देश दिए। इन टीमों के माध्यम से भवनों का तकनीकी सर्वेक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभावित रूप से खतरनाक भवनों के कारण किसी भी तरह की दुर्घटना या जनहानि न हो, इसके लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। विशेष रूप से अत्यधिक जर्जर और संवेदनशील भवनों के मामले में तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हीकरण और जांच की पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भवनों को गिरासू घोषित करने की कार्रवाई निर्धारित तकनीकी मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजयनाथ शुक्ला, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र ज्वान्ठा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढोंडियाल, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेमलाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

Loading

error: Content is protected !!