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उत्तराखण्ड

रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की समीक्षा, बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश

रुद्रप्रयाग:  प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर जिला कार्यालय सभागार में आपदा प्रबंधन, मानसून तैयारियों, पुनर्वास कार्यों और श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहते हुए आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री ने जनपद के आपदा संवेदनशील क्षेत्रों, बंद एवं बाधित सड़क मार्गों, राहत एवं बचाव दलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ एवं क्यूआरटी की उपलब्धता, आवश्यक मशीनरी, हेलीपैडों की स्थिति, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों तथा केदारनाथ पैदल मार्ग एवं यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने लंबे समय से बंद पड़े सड़क मार्गों को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मार्गों को शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों पर मलबा आने या मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में इंपैनल की गई मशीनों को तत्काल प्रभावित स्थानों पर भेजा जाए। साथ ही मशीनरी और उपकरणों की उपलब्धता एवं लोकेशन की अद्यतन जानकारी रखने को कहा।

जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर

बैठक में अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा समेत अन्य बाजार क्षेत्रों में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित विभागों को प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी न हो।

संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी के निर्देश

मंत्री ने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क मार्गों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सिंचाई नहरों, आयुष अस्पतालों, पंचायत भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली।

आपदा से प्रभावित विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के पुनर्स्थापना कार्यों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

आपदा के दौरान लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी- कौशिक 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। संभावित आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और विशेषज्ञों की सहायता से तैयारियों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में भारतीय सेना, एनडीआरएफ समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों का महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, पर्याप्त मशीनरी की उपलब्धता, त्वरित राहत-बचाव और बाधित मार्गों को शीघ्र खोलना विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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