Breaking News :
>>अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच>>लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल>>कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव>>लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड>>अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज>>ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: ब्रेकथ्रू हुई 10 किमी लंबी दूसरी सबसे बड़ी टनल>>ग्रास्टनगंज, कुम्भीचौड़ एवं सनेह-लालपानी में 2.64 किमी मोटर मार्गों का होगा कायाकल्प- ऋतु खण्डूड़ी भूषण>>बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज>>जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख>>गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता>>केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण>>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत>>चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस>>ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी>>प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों से की मुलाकात>>आज और कल दिल्ली में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, बदलेगा कई ट्रेनों का मार्ग>>7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप>>उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास>>नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद>>सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
देश

भारत के बड़े शहर भू-धंसाव की चपेट में, खतरे में करोड़ों की आबादी

औद्योगिक विकास और अव्यवस्थित निर्माण बन रहे आपदा का कारण

नई दिल्ली। दुनिया भर के प्रमुख तटीय शहरों में ज़मीन के तेजी से धंसने का खतरा गंभीर होता जा रहा है। समुद्र के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी और शहरी विकास के कारण कई शहरों की ज़मीन हर साल एक सेंटीमीटर या उससे अधिक की दर से नीचे जा रही है। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के दर्जनों महानगर इस संकट से प्रभावित हैं, जिससे बाढ़, जलभराव और ढांचागत अस्थिरता जैसे खतरे सामने आ रहे हैं।

भारत के भी कई बड़े शहर इस समस्या की चपेट में हैं। मुंबई, चेन्नई, सूरत, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में लाखों लोग ऐसी ज़मीन पर रह रहे हैं, जो साल दर साल नीचे धंस रही है। यह खुलासा सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक विस्तृत अध्ययन में हुआ है। शोध के मुताबिक 2014 से 2020 के बीच दुनियाभर में लगभग 7.6 करोड़ लोग ऐसी जगहों पर रह रहे हैं, जहां जमीन सालाना कम से कम 1 सेंटीमीटर धंसी है।

मुंबई के किंग्स सर्कल स्टेशन सहित कई इलाके हर साल औसतन 2.8 सेंटीमीटर तक धंस रहे हैं। करीब 62 लाख लोग ऐसे क्षेत्रों में बसे हैं, जहां हर साल जमीन खतरनाक दर से नीचे जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण अनियंत्रित भूजल दोहन, भारी निर्माण गतिविधियाँ और मेट्रो परियोजनाओं का बोझ है।

गुजरात का औद्योगिक शहर सूरत भी इस संकट से अछूता नहीं है। करंज क्षेत्र में जमीन हर साल 6.7 सेंटीमीटर की दर से नीचे जा रही है, जिससे करीब 41 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।

चेन्नई के कुछ हिस्सों में ज़मीन हर साल औसतन 0.01 से 3.7 सेंटीमीटर तक नीचे जा रही है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 12 लाख लोग इस भू-धंसाव के दायरे में हैं।

अहमदाबाद के पीपलाज क्षेत्र में भू-धंसाव की गति 4.2 सेंटीमीटर प्रति वर्ष तक है, जिससे 34 लाख से अधिक लोग खतरे में हैं।

कोलकाता के भाटपाड़ा क्षेत्र में सालाना 2.6 सेंटीमीटर तक ज़मीन धंस रही है। यहां 17 लाख लोगों के सामने संरचनात्मक अस्थिरता और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!