‘‘कैलाश’’ : एक संघर्षमय जीवन की कहानी

साभार : ऑनरी कैप्टेन श्याम सुन्दर कांडपाल (से.नि.) मो. : 9289342948
बहुत गरीबी में गुजर रहा था, “कैलाश का घर / परिवार
कैलाश ने बहुत संघर्ष किया, हम जानते हैं पर कभी उसने अपना दुःख नहीं बताया : ऑनरी कैप्टेन श्याम कांडपाल (से.नि.)
आकाश ज्ञान वाटिका, बुधवार, 23 अप्रैल 2025, देहरादून। आज मैं एक चरित्र को जोड़ना चाहता हूँ जो हमेशा याद आता हैं, उसका नाम था ‘‘कैलाश’’। कैलाश के पिताजी का स्वर्गवास जल्दी हो गया था और उसकी ईजा (माताजी) उसे गोद में लेकर घर के सारे काम करती थी। उसका एक बड़ा भाई भी था। घर बहुत गरीबी में गुजर रहा था। यहाँ पर एक बात जोर देकर कहना चाहता हूँ कि पहाड़ के गाँव में अन्न की कमी भी कभी किसी को नहीं थी। हाँ, पैसे की जरूर कमी थी इसलिए परेशानी होती थी। कैलाश हमारे साथ ही बड़ा हो रहा था और हमारे साथ ही खेलता था। उसके बड़े भाई की नौकरी लग गई थी और शादी भी हो गई थी, परंतु कैलाश और उसकी ईजा (माताजी) के लिए गरीबी जस की तस थी। मुझे याद है मेरी दादी माँ जो बहुत ही उदार दिल की थी तथा कैलाश की ईजा की बहुत मदद करती थी। कैलाश के स्कूल का खर्च नहीं निकल पा रहा था तो उसने गाँव के एक दादाजी के रोजमर्रा के काम काज में हाथ बंटवाकर, एक प्रकार से नौकरी सी कर ली थी। वह दादाजी के लिए पानी और लकड़ी ला देता था बदले मैं दादाजी उसके स्कूल की फीस भर देते थे और कितबें भी खरीद देते थे। उसके घर का सामंजस्य बहुत खराब था ।
कैलाश बहुत होनहार था और उसने हाई स्कूल की परीक्षा पास कर ली, जिसे पास करना उन दिनों बहुत कठिन होता था। कैलाश बहुत ही उदास रहता था, उसे अपना भविष्य अंधकारमय लगता था। घर से परेशान, वह खेलने भी नहीं आता था। जब हम खेलते थे वह दादाजी के काम करता था। तब हम उसके दुःख को नहीं समझ सकते थे। जब उसकी हालत बहुत खराब हो गई तो वह हरिद्वार चला गया और हम भी अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए। उसकी ईजा का भी स्वर्गवास हो गया था। कहते हैं कैलाश तभी घर आया था। में भी नौकरी के सिलसिले में घर से बाहर ही रहता था और कभी मुलाकात नहीं हुई। लोग बताते थे कि कैलाश ने शादी कर ली तथा किसी सेठ के घर में रहता है और उनकी सेवा करता है। कैलाश ने बहुत संघर्ष किया, हम जानते हैं पर कभी उसने अपना दुःख नहीं बताया। समय चलता गया जो कि समय की आदत है, एक दिन कैलाश इस दुनिया से चला गया। इस खबर से मुझो बहुत निराशा हुई। कहते हैं वह जिस जगह रहता था वहा कोई दुर्घटना हो गई थी। जब भी उसकी बात होती है, तो मन कहता है कि क्या उसको इस दुनिया में केवल संघर्ष के लिए ही भेजा था। उसका परिवार कहाँ होगा और किस हालत में होगा, यह बात हमेशा दिल में रहती है, पर इसका उत्तर किसी के पास नहीं है।

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