Breaking News :
>>रंगवाली पिछौड़ा>>उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 461.87 करोड़ की जरूरत: सतपाल महाराज>>पर्यटन और तीर्थ स्थलों से जुड़ेंगे आदर्श संस्कृत ग्राम, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश>>जिलाधिकारी द्वारा पांच करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं, नवाचारी प्रोजेक्ट, जिला योजना एवं 20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा>>रोज की दाल-सब्जी से हो गए हैं बोर? महाराष्ट्र के इस तीखे टमाटर ठेचे से बढ़ाएं खाने का स्वाद>>उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही राज्य सरकार- मुख्यमंत्री>>इस्तांबुल एयरपोर्ट ने रचा इतिहास, हीथ्रो को पछाड़ बना दुनिया का सबसे कनेक्टेड एयरपोर्ट>>टमाटर की कीमतों ने पकड़ी रफ्तार, एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़े मंडी में भाव>>बांग्लादेश में डेंगू का कहर, 90 हजार से ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंचे; 281 लोगों की मौत>>दिग्गज फुटबॉलर पेड्रो रोड्रिग्ज ने फुटबॉल को कहा अलविदा, 39 की उम्र में खत्म किया शानदार सफर>>नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष शपथ अभियान अब 18 अक्टूबर तक>>बागपत के खेकड़ा बाजार में एक परचून की दुकान में लगी भीषण आग, दो की मौत>>सुबह मुनक्का खाना कितना फायदेमंद? जानें इसके पोषक तत्व और सेवन का सही तरीका>>जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी>>8 अक्टूबर से शुरू होगा मतदाता पंजीकरण का विशेष अभियान>>वर्ल्ड स्किल्स में रजत पदक जीत पार्थ वोहरा ने बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव>>पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, हल्द्वानी में निकली मशाल सेवा ज्योति यात्रा>>मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए नैनीताल में विशेष अभियान>>संस्कृत ग्रामों में सालभर नियमित रूप से आयोजित हों संस्कृत आधारित गतिविधियां – मुख्यमंत्री>>आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक
देश

भारत और चीन के बीच फिर बैठक हुई लेकिन इस बार भी दोनों पक्ष किसी नतीजे पर पहुंचते नहीं दिख रहे

भारत और चीन के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच गुरुवार को फिर बैठक हुई लेकिन पिछली चार बैठकों की तरह इस बार भी दोनों पक्ष किसी नतीजे पर पहुंचते नहीं दिख रहे हैं। डब्ल्यूएमसीसी (Working Mechanism for Consultation and Coordination, WMCC) की बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान कोई भी उम्मीद जगाता नहीं दिखा। चीन के विदेश मंत्रालय का देश शाम को जारी किया गया बयान भी यही संकेत दे रहा है। दोनों ही देशों की ओर से जारी बयान में आपसी सहमति बनने और शीघ्रता से सैनिकों की वापसी की बात कही गई है।

भारत की दोटूक, पहले सैनिकों को वापस बुलाए चीन

जानकारों की मानें तो चीन के रवैए में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। भारत ने फिर साफ किया है कि चीनी सैनिकों की पूर्वी लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से पूर्ण वापसी से ही शांति बहाली संभव होगी। इस बात के भी संकेत है कि इस मसले पर बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के साथ भी चीनी विदेश मंत्रालय एवं अन्य अधिकारियों की बातचीत जारी है। गुरुवार की बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि संयुक्त सचिव (पूर्व एशिया) और चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा एवं सामुद्रिक विभाग के महानिदेशक के नेतृत्व में बातचीत हुई।

सैनिकों की वापसी पर दोनों पक्ष रजामंद

यह बातचीत सीमा विवाद सुलझाने के लिए पहले से गठित वर्किग मैकेनिज्म फॉर कंसलटेशन एंड कोआर्डिनेशन (डब्लूएमसीसी) के तहत हुई। विदेश मंत्रालय की मानें तो दोनों ही पक्षों के बीच सीमा विवाद पर खुल कर और गहराई से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने कहा है कि विदेश मंत्रियों और विशेष प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत और बनी सहमति के आधार पर ही आगे कोई नतीजा निकाला जाना चाहिए। दोनों पक्ष इस बात के लिए भी तैयार हैं कि पूर्व में बनी सहमति के आधार पर ही सैनिकों की पूरी तरह से वापसी शीघ्रता से होनी चाहिए।

आगे जारी रहेगी बातचीत

यही नहीं दोनों देशों के अधिकारियों ने दोहराया है कि समूचे द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर अमन एवं शांति जरूरी है। आगे भी सैन्य एवं कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रहने की सहमति बनी है। डब्लूएमसीसी के तहत भी आगे विमर्श जारी रखा जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से भी सीमा पर हालात की सकारात्मक समीक्षा करने की बात कही गई है। मई 2020 के पहले हफ्ते में चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के बाद यह डब्लूएमसीसी की चौथी बैठक थी। यही नहीं हर बैठक के बाद कुछ इसी तरह के बयान आए हैं।

अब तक की वार्ताओं को नहीं निकला खास नतीजा

अब तक पांच बार कमांडर स्तरीय वार्ता का भी कोई खास नतीजा नहीं निकला है। 15 जून 2020 को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद के गलवन घाटी के कुछ हिस्सों से चीनी सैनिकों ने कुछ ढांचा और सामान पीछे किया था लेकिन उसके बाद मामला जस का तस है। सूत्र बताते हैं कि चीनी सैनिकों की संख्या भी काफी बढ़ चुकी है। यही नहीं भारतीय एजेंसियों ने भी चीनी वायुसेना की तैयारियों को कैद किया है। चीन की चालबाजियों को देखते हुए भारत ने भी अपनी तरफ से तैयारियों में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!