Breaking News :
>>हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (HIMS) जौलीग्रांट बना आईसीएमआर का क्षेत्रीय केंद्र>>बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश>>रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण>>एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित>>“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट>>राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ>>संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त>>सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा>>अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधायें देने पर जोर>>एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश>>श्रीनगर में 3 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधायें>>कुणाल खेमू की ‘वाइब’ का टीजर जारी, स्पाई मिशन में दिखेगा कॉमेडी और एक्शन का तड़का>>पौड़ी में सीता सर्किट के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये मंजूर>>युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें : रेखा आर्या>>मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान>>एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद>>राखी के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं देहरादून की महिलायें>>रुद्रप्रयाग में गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत, ई-केवाईसी के लिए 23 अगस्त तक बढ़ी तारीख>>कंघी करते ही गुच्छों में निकल रहे बाल? जानें हेयर फॉल के पीछे छिपे बड़े कारण>>कानून व्यवस्था मजबूत करने को जिला बदर की कार्रवाई, छ: अपराधियों पर छ: माह की रोक
उत्तराखण्ड

कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों का किया उत्पीड़न तो होगी कड़ी कार्रवाई- कुसुम कण्डवाल

पहले विभागीय आईसीसी कमेटी में करें शिकायत, निवारण ना मिले तो महिला आयोग का दरवाजा खटखटाएं

महिला के अधिकारों की जागरूकता के लिये डी०ए०वी० की बड़ी पहल, आईसीसी कमेटी ने आयोजित कराई कार्यशाला

देहरादून। डी.ए.वी. (पी.जी.) महाविद्यालय, देहरादून के दीनदयाल सभागार में “कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के लिये गठित आन्तरिक शिकायत समिति (आई.सी.सी.) हेतु दिशा निर्देश” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

डी.ए.वी. पीजी महाविद्यालय की आई.सी.सी. द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा” विशाखा एवं अन्य बनाम राजस्थान एवं अन्य (JT1997 (7) SC384)” में निर्धारित कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय पहल है ऐसी कार्यशाला का आयोजन सभी संस्थानों को कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज के समय मे ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे है जिनमे महिलाओं का कार्यस्थल पर विभिन्न प्रकार से उत्पीड़न किया जाता है, कही महिला को मानसिक तौर पर कही उसके कार्यो को लेकर या उसकी मजाक बनाकर उस पर तंज कसे जाते है या कही तो महिला कर्मचारी का शारीरिक (सेक्सुअल) तौर पर भी उत्पीड़न किया जाता है।

उन्होंने कहा मैं उन लोगो को यह बता देना चाहती हूं कि यदि किसी के भी द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाएगा तो वह यह ध्यान रखें कि उन्हें बख्शा नही जाएगा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किसी के साथ भी होता है कि उसका कार्यस्थल में उत्पीड़न किया गया है तो सबसे पहले वह विभागीय आईसीसी कमेटी में शिकायत करे, और यदि उन्हें उस शिकायत का निवारण उस कमेटी से ना मिले तो वह पीड़िता महिला आयोग का दरवाजा खटखटा सकती है।

उन्होंने बताया कि में उत्तराखण्ड में पहली बार महिलाओं के सर्वागीण विकास एवं उत्थान के लिये महिला नीति बनाई गयी है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को विधिक सहायता दिलाने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। महिला स्वयं को कमजोर न समझे आयोग उनके साथ हर संभव मदद के लिए खड़ा है।

डी.ए.वी. पीजी कॉलेज की आई.सी.सी. कमेटी की अध्यक्ष प्रो० सविता रावत ने महाविद्यालय में गठित कमेटी का विवरण एवं कार्य का लेखा प्रस्तुत किया। प्रो० सुनील कुमार, प्राचार्य ने महाविद्यालय में अनुशासन एवं सकारात्मक वातावरण बनाये रखने हेतु कालेज प्रशासन एवं विभिन्न समितियों द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही सभी से अपेक्षा की कि इन मानकों के प्रति सजग रहेंगे।

कार्यशाला की रिसोर्सपर्सन अंजना गुप्ता, उपमुख्य प्रोबेसन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग ने मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित निर्देशों एवं कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 (रोकथाम, निशेध एवं निवारण) के अनुरूप संस्थानों में गठित आन्तरिक शिकायत समिति के उद्देश्य, यौन उत्पीड़न की परिभाषा दिशा-निर्देशों को लागू करने हेतु शक्तियां एवं जिम्मेदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो० शिखा नागलिया एवं डा० प्रतिमा सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया।

कार्यक्रम में बलवीर उनियाल (एन.जी.ओ.) प्रतिनिधि, प्रो० अशोक श्रीवास्तव, प्रो० एच०एस० रंधावा, प्रो० सविता भट्ट, प्रो रश्मि त्यागी, डा० रामविनय सिंह, डा० ओनिमा शर्मा, डा० पीयूश मिश्रा, डा० अनूप मिश्रा, डा० एम.एम. जस्सल, डा० रवि दीक्षित, प्रो० कौशल कुमार, प्रो० राखी उपाध्याय प्रो० पूनम मिश्रा, डा० रीना तिवारी, डा० रूपाली बहल,जी०के० सिंह, दिनेश गौड़, महेन्दर सिंह एवं छात्र/छात्राऐं कार्यशाला में उपस्थित रहे।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!