Breaking News :
>>‘ऑपरेशन सफेद सागर का टीजर हुआ जारी, जानिए कब रिलीज़ होगी वेब सीरीज>>गुरुवाणी और देववाणी संस्कृत का दिव्य संगम- राज्यपाल>>सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान- मुख्यमंत्री धामी>>नई खेल नीति में स्पेशल कैटेगरी के खिलाड़ियों के लिए होंगे विशेष प्रावधान- रेखा आर्या>>डीएम प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण>>भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज>>24 जुलाई को रिलीज होगा ‘रामायण’ का ट्रेलर, मेकर्स ने की घोषणा>>अग्निवीर रैलियों के सुचारू आयोजन हेतु सेना और उत्तराखंड सरकार के बीच समन्वय बैठक>>दावे-आपत्तियों के निस्तारण में मानसून के चलते मतदाता को न हो परेशानी- सीईओ>>मसूरी रोड पर 50 मीटर गहरी खाई में गिरे स्कूटी सवार का एसडीआरएफ ने किया सफल रेस्क्यू>>ई-ऑफिस व्यवस्था प्रभावी एवं सुगम बनाने के डीएम ने दिए निर्देश>>देहरादून महायोजना-2041: जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य>>देहरादून महायोजना-2041 : जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य>>उत्तराखंड में ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ बना सुशासन की नयी पहचान>>‘टीएमसी को खत्म करना है तो पहले मुझे मारना होगा’- ममता बनर्जी>>दांत दर्द से हैं परेशान? जानिए घर पर राहत पाने के आसान और असरदार उपाय>>शिक्षा विभाग की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल ने वैश्विक मंच पर फहराया परचम>>देहरादून महायोजना-2041 : जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य>>देहरादून में 10 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद>>कांवड़ मेला-2026 की तैयारियां तेज, ऋषिकेश में पुलिस और अन्य सम्बन्धित विभागों की समन्वय बैठक
उत्तराखण्ड

यहां अधिकारी कुपोषित बच्चों को लेंगे गोद, जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

देहरादून । देवभूमि के आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 20 हजार से अधिक कुपोषित बच्चों को हष्ट-पुष्ट बनाने की दिशा में सरकार गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों से अपील की कि वे अपने सामाजिक दायित्व के तहत दो-दो कुपोषित बच्चों को गोद लें। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों के परिवारों की भोजन की आदत, आर्थिकी और सामाजिक पृष्ठभूमि का भी विस्तृत अध्ययन किया जाए। उन्होंने कुपोषित बच्चों की माताओं को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

 उत्तराखंड में में संचालित 20066 आंगनबाड़ी केंद्रों में 20 हजार से अधिक कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा मलिन बस्तियों के बच्चों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा कहीं अधिक बैठेगा। हालांकि, बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के मद्देनजर राष्ट्रीय पोषण मिशन समेत कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। फिर भी कुपोषण के दंश से अभी तक निजात नहीं मिल पाई है।

अब सरकार ने इसे लेकर गंभीरता से कदम उठाने की ठानी है। इस कड़ी में कुपोषित बच्चों के परिवारों की आर्थिकी दुरुस्त करने के मद्देनजर उन्हें मनरेगा से जोड़ने पर फोकस किया जा रहा है। भुगतान न होने की जांच के निर्देश मनरेगा की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि कई जगह ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों की शिकायतें हैं कि मनरेगा में समय पर भुगतान नहीं होता। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को प्रकरणों की जांच के निर्देश दिए।

उन्होंने मनरेगा के कार्यों के सोशल ऑडिट को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने, मनरेगा में भूमि उत्पादकता में सुधार, मत्स्य पालन, बंजर भूमि विकास, पशुबाड़ा निर्माण, उद्यानीकरण, रेशम, वनीकरण के जरिये आजीविका में सुधार पर खास फोकस करने के लिए भी कहा। सिक्योर सॉफ्टवेयर की लॉन्चिंग बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत तैयार होने वाले आगणनों में एकरूपता और त्रुटिहीनता के मद्देनजर सिक्योर सॉफ्टवेर की लॉन्चिंग की। यह सॉफ्टवेयर देहरादून जिले से प्रारंभ किया गया है। बताया गया कि 15 जनवरी तक इसे सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा।

पिरुल एकत्रीकरण को केंद्र को भेजेंगे प्रस्ताव राज्य में फायर सीजन के दौरान जंगल की आग का सबब बनने वाली चीड़ की पत्तियों यानी पिरुल के एकत्रीकरण कार्य को मनरेगा में शामिल करने के मद्देनजर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा के तहत राज्य में सगंध खेती और ऐरामा क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे। शिवांश खाद को करेंगे प्रोत्साहित मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत वर्मी कंपोस्ट के साथ ही राज्य में शिवांश खाद को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इसके तहत राज्य के 15 ऑर्गनिक ब्लाकों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस खाद का निर्माण व उपयोग शुरू किया जाएगा।

यह भी दिए निर्देश 

-हरिद्वार के करतापुर गांव में देशी गाय के संरक्षण-संव‌र्द्धन के साथ दिल्ली तक हो दूध की मार्केटिंग

-प्रत्येक जिले में अल्मोड़ा जिले के कोसी मॉडल को अपनाते हुए दो से तीन नदियों को करें पुनर्जीवित

-राज्य में गोशालाओं व पशुगृहों को सुविधाजनक और आरामदायक बनाया जाए

-वन पंचायतों में संगध खेती व जड़ी-बूटी उत्पादन को बने कार्ययोजना

-पिथौरागढ़, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग में ट्राउट मछली पालन पर हो खास फोकस

-मनरेगा में उद्यान विभाग के अंर्तगत विकसित किए जाएं अखरोट क्लस्टर

-राज्य में ग्रामीण हाट के लिए भूमि की व्यवस्था और नए हाट बनाए जाएं

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!