Breaking News :
>>पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया>>अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव>>‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म>>नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक>>जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश>>पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए>>शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री>>दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान>>यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ>>योगी सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ सुगम आवागमन की सुविधा पर भी जोर>>कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट>>बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा>>जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी>>देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव>>‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा>>मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत>>स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, 37वें से 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी>>विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 29,929 मतदाता जांच में पाए गए अपात्र>>मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त>>संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
स्वास्थ

पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

पेट में दर्द या भारीपन को अक्सर लोग गैस, कब्ज या अपच से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार यह सामान्य परेशानी हो सकती है, लेकिन अगर पेट या जांघ के ऊपरी हिस्से यानी ग्रोइन में दर्द के साथ कोई उभार या गांठ नजर आने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह हर्निया का संकेत हो सकता है।

हर्निया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के अंदर मौजूद कोई अंग या ऊतक पेट की कमजोर मांसपेशियों की दीवार से बाहर की ओर निकलने लगता है। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकता है। खासतौर पर जब आंत का कोई हिस्सा हर्निया में फंस जाए और उसकी रक्त आपूर्ति प्रभावित होने लगे।

क्या होता है हर्निया?

हर्निया तब विकसित होता है जब पेट की मांसपेशियों या ऊतकों की दीवार कमजोर हो जाती है और अंदर का कोई हिस्सा उस कमजोर जगह से बाहर की तरफ उभरने लगता है। पेट या ग्रोइन में दिखाई देने वाला उभार इसका सबसे आम संकेत माना जाता है।

कुछ लोगों में यह समस्या जन्म से मौजूद कमजोरी के कारण हो सकती है, जबकि कई मामलों में उम्र बढ़ने, मांसपेशियों के कमजोर होने या पेट के अंदर लगातार बढ़ते दबाव के कारण हर्निया विकसित हो सकता है।

किन कारणों से बढ़ सकता है खतरा?

हर्निया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक कब्ज रहने और शौच के दौरान बार-बार जोर लगाने से पेट के अंदर दबाव बढ़ सकता है। इसी तरह लगातार खांसी, अधिक वजन, भारी सामान उठाना और ऐसी गतिविधियां जिनमें पेट की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जोखिम बढ़ा सकती हैं।

कुछ लोगों में पेट की दीवार कमजोर होने की समस्या जन्मजात भी होती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ शरीर के ऊतकों में आने वाली कमजोरी भी एक कारण हो सकती है।

इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हर पेट दर्द हर्निया नहीं होता, लेकिन कुछ खास लक्षण इसकी ओर इशारा कर सकते हैं। जैसे—

पेट या ग्रोइन में गांठ या उभार दिखाई देना
खांसने या छींकने पर उभार का ज्यादा स्पष्ट होना
वजन उठाने या जोर लगाने पर दर्द बढ़ना
लंबे समय तक खड़े रहने पर भारीपन या असहजता महसूस होना
लेटने पर उभार या दर्द में राहत मिलना
ग्रोइन के आसपास जलन, खिंचाव या दबाव महसूस होना

अगर इस तरह के लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

अचानक तेज दर्द हो तो तुरंत लें मेडिकल मदद

हर्निया की सबसे गंभीर स्थिति तब हो सकती है, जब उसमें आंत का हिस्सा फंस जाए। अगर उभार अचानक बड़ा या बेहद दर्दनाक हो जाए, तेज पेट दर्द होने लगे, पेट फूलने के साथ मतली या उल्टी हो या बुखार आ जाए, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में आंत तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

हर्निया के जोखिम को कम करने के लिए शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखना, कब्ज से बचना और भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करना मददगार हो सकता है। लगातार खांसी जैसी समस्या होने पर उसका इलाज कराना भी जरूरी है। भारी वजन उठाते समय सही तकनीक का इस्तेमाल करना भी महत्वपूर्ण है।

ध्यान रखें कि पेट में होने वाले हर दर्द को हर्निया नहीं कहा जा सकता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल जानकारी और विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण में चिकित्सकीय परामर्श लें।

(साभार)

Loading

error: Content is protected !!