न्यूज़ पोर्टल के विज्ञापन रेट पर पुनर्विचार की माँग, संचालकों ने महानिदेशक सूचना से लगाई गुहार

डिजिटल मीडिया की बढ़ती भूमिका के बीच वर्तमान विज्ञापन दरों को बताया अव्यावहारिक
पोर्टल संचालन के खर्च, पत्रकारों के हित और डिजिटल पत्रकारिता की चुनौतियों को ध्यान में रखकर दरें तय करने की माँग
आकाश ज्ञान वाटिका, मंगलवार, 25 अगस्त 2026, हल्द्वानी। हिमालयन डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के बैनर तले न्यूज़ पोर्टल संचालकों की एक अति आवश्यक बैठक मीडिया सेंटर हल्द्वानी में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के लिए न्यूज़ पोर्टलों की इनपैनलमेंट प्रक्रिया तथा सूचना महानिदेशालय द्वारा निविदा में निर्धारित खुले विज्ञापन की बेस दर को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद पोर्टल संचालकों ने वर्तमान विज्ञापन दरों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्धारित दरें डिजिटल मीडिया संस्थानों के संचालन में आने वाले वास्तविक खर्चों की तुलना में बेहद कम हैं और इन दरों पर गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को निरंतर जारी रखना चुनौतीपूर्ण होगा।
सोमवार, 24 अगस्त को सूचना महानिदेशालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए न्यूज़ पोर्टलों के इनपैनलमेंट की निविदा खोले जाने के बाद डिजिटल मीडिया से जुड़े संचालकों एवं पत्रकारों में निर्धारित विज्ञापन दरों को लेकर चर्चा तेज हो गई। बैठक में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में न्यूज़ पोर्टलों की संख्या के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता का दायरा भी तेजी से बढ़ा है। आज बड़ी संख्या में लोग समाचारों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, न्यूज़ पोर्टल और सोशल मीडिया आधारित समाचार माध्यमों पर निर्भर हैं। ऐसे में डिजिटल मीडिया संस्थानों को भी प्रिंट एवं अन्य पारंपरिक माध्यमों की तरह व्यावहारिक और सम्मानजनक विज्ञापन दर उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक न्यूज़ पोर्टल को संचालित करने में समाचार संकलन, पत्रकारों एवं संवाददाताओं का मानदेय, कार्यालय संचालन, कैमरा एवं अन्य तकनीकी उपकरण, वेबसाइट सर्वर, डोमेन, इंटरनेट, डिजिटल सुरक्षा, वीडियो निर्माण, फोटो एवं वीडियो कवरेज तथा समाचारों के प्रचार-प्रसार सहित अनेक प्रकार के खर्च होते हैं। इसके अलावा पत्रकारों द्वारा समाचार कवरेज के लिए यात्रा एवं अन्य संसाधनों पर भी लगातार व्यय किया जाता है। ऐसे में निर्धारित विज्ञापन दरें पोर्टल संचालन की वास्तविक लागत के अनुरूप होना जरूरी है।
संचालकों ने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता केवल व्यवसाय का माध्यम नहीं बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर शहरों तक स्थानीय समस्याओं, जनहित के मुद्दों, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुँचाने में न्यूज़ पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कई बार डिजिटल पोर्टल ऐसे स्थानीय विषयों को प्रमुखता से सामने लाते हैं, जिन्हें बड़े मीडिया संस्थानों में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता।
बैठक में सर्वसम्मति से महानिदेशक सूचना से अपील की गई कि वर्ष 2026 के लिए निर्धारित खुले विज्ञापन दर पर पुनर्विचार किया जाए। पोर्टल संचालकों ने माँग की कि विज्ञापन दरों का निर्धारण डिजिटल मीडिया के वास्तविक संचालन खर्च, समाचार कवरेज की लागत, पोर्टल की पहुँच, पाठकों की संख्या, तकनीकी संसाधनों और पत्रकारिता के स्तर को ध्यान में रखकर किया जाए।
संचालकों ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया को प्रोत्साहित करने की दिशा में स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि छोटे एवं मध्यम स्तर के स्थानीय न्यूज़ पोर्टल भी आर्थिक दबाव के बावजूद निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता कर सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञापन दरों में व्यावहारिक सुधार होने से न केवल पोर्टल संचालकों को राहत मिलेगी, बल्कि इससे पत्रकारों एवं संवाददाताओं के लिए रोजगार और बेहतर कार्य परिस्थितियाँ भी सुनिश्चित की जा सकेंगी।
बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि सूचना महानिदेशालय न्यूज़ पोर्टल संचालकों की समस्याओं और माँगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्धारित विज्ञापन दरों की समीक्षा करेगा तथा डिजिटल मीडिया के हित में व्यवहारिक एवं न्यायसंगत दरें निर्धारित की जायेंगी।
बैठक में गिरीश जोशी, तारा जोशी, ईश्वरी दत्त भट्ट, महेंद्र सिंह नेगी, धर्मानंद खोलिया, सुरेश पाठक, दिनेश पांडेय, हर्ष रावत, अंकित साह, जीवन राज, सचिन जोशी, मोहन कांडपाल, अकरम सिद्दीकी सहित दर्जनों न्यूज़ पोर्टल संचालक एवं पत्रकार मौजूद रहे।
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