Breaking News :
>>सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ़ कालेज में वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आगाज, “नशे को ना और खेल को हाँ” का संदेश>>कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जाँच के आदेश>>नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन>>‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल>>मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹ 1.11 लाख करोड़ का बजट>>इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, 5 लोगों की मौत>>कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी>>गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प>>आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान>>पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : एस जयशंकर>>टी20 विश्व कप 2026 : भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम>>विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले मुख्यमंत्री धामी>>आईसीसी टी20 विश्व कप 2026- भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला आज>>फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ का रोमांटिक गाना ‘छाप तिलक सब छीनी’ हुआ रिलीज>>हरिद्वार कार्यक्रम में धामी ने गिनाईं केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां>>सीआईएमएस कॉलेजे में स्टूडेंट कैबिनेट का गठन, नर्सिंग व पैरामेडिकल के हेड बॉय-हेड गर्ल चुने गए>>केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह>>गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत>>चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ>>किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
सम्पादकीय

सीट बंटवारे पर कांग्रेस की नई रणनीति

आकाश ज्ञान वाटिका, सोमवार, 30 अक्टूबर 2023, देहरादून। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में सीट बंटवारे की चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने इसके लिए मना किया हुआ है। शरद पवार के घर पर 13 सितंबर को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में इस बारे में बात उठी थी लेकिन बैठक शामिल हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कह दिया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद इस बारे में बात होगी। उसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने यह भी कह दिया कि विपक्षी गठबंधन की अगली यानी चौथी बैठक तीन दिसंबर को 5 राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद ही होगी। अब कांग्रेस ने सीट बंटवारे को लेकर नई रणनीति का संकेत दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमेटी में सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं होगी।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस राज्यवार सीट बंटवारा चाहती है और यह भी चाहती है कि कांग्रेस के प्रदेश नेता हर राज्य में सीट बंटवारे पर बात करें। अगर कांग्रेस इस बात पर अड़ती है तो फिर कोऑर्डिनेशन कमेटी में सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं हो पाएगी क्योंकि उसमें 13 सदस्य हैं और हर राज्य में सबकी मौजूदगी या रूचि नहीं है। मिसाल के तौर पर जेएमएम के सदस्य की महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश में सीट बंटवारे में कोई रूचि नहीं होगी और न डीएमके को झारखंड में कोई रूचि होगी। सो, अगर कांग्रेस की राज्य इकाइयों को सीट बंटवारे के लिए कहा जाता है तो कोऑर्डिनेशन कमेटी में सिर्फ चुनावी रणनीति और साझा न्यूनतम कार्यक्रम आदे के बारे में चर्चा होगी। इसके समन्वयक या संयोजक की भी कोई भूमिका नहीं रह जाएगी।

अगर कांग्रेस की इस रणनीति पर टिकट बंटवारे की बात होती है तो इसका मतलब है कि बिहार में राजद, जदयू, कांग्रेस और लेफ्ट के नेता बैठ कर सीटों का बंटवारा करेंगे। उसमें ‘इंडिया’ गठबंधन की बाकी दो दर्जन पार्टियों का कोई रोल नहीं होगा। इसी तरह हर राज्य में जो मजबूत प्रादेशिक पार्टी है वह कांग्रेस या किसी दूसरी ऐसी पार्टी के साथ बात करेगा, जिसकी उस राज्य की राजनीति में मौजूदगी होगी। जिन राज्यों में गठबंधन तय नहीं है, जैसे उत्तर प्रदेश में तो उन राज्यों में ‘इंडिया’ के बड़े नेता प्रादेशिक पार्टियों के साथ बात करेंगे और उनको गठबंधन में लाने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस की इस रणनीति में एक पेंच ऐसी पार्टियों के साथ तालमेल का है, जिनकी अखिल भारतीय मौजूदगी है या जिनका एक से ज्यादा राज्यों में मजबूत संगठन है। जैसे एनसीपी के नेता महाराष्ट्र से बाहर गोवा, गुजरात, मेघालय आदि राज्यों में भी सीट की मांग कर सकते हैं। कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ अगर सीटों का तालमेल होता है तो वह भी राज्यवार मुश्किल लगता है कि क्योंकि सीपीएम और सीपीआई का संगठन अब भी कई राज्यों में है। बहरहाल, कांग्रेस की यह रणनीति प्रादेशिक पार्टियों को चिंता में डालने वाली है क्योंकि प्रदेश संगठनों से बातचीत में एक कॉमन या पूरे देश का एजेंडा बनाने में दिक्कत होगी। अगर यह बात राष्ट्रीय स्तर पर होती तो विपक्ष के बड़े नेता कांग्रेस पर दबाव बना सकते थे और भाजपा को हराने की दुहाई देकर उसके साथ मोलभाव कर सकते थे। राज्यों में यह थोड़ा मुश्किल होगा।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!