Breaking News :
>>पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन>>गलत तकिया बन सकता है गर्दन दर्द की वजह, जानें सही तकिया चुनने का तरीका>>सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ स्तर पर करें निस्तारण- सीईओ>>मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास>>त्यौहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, चीनी-चावल के बढ़े दाम>>ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी , बोले- समझौते का ये आखिरी मौका>>भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘स्पाइडर मैन : ब्रांड न्यू डे’, 5 दिनों में पार किया 280 करोड़ का आंकड़ा>>पिथौरागढ़ में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ, लोगों ने ली राहत की सांस>>मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएं- विजय कुमार>>एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश>>मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ>>सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत>>मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ>>ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान>>लो बीपी में ज्यादा नमक खाना सही या गलत? जानिए क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स>>12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 11 सितंबर तक करें आवेदन>>2036 ओलंपिक मेजबानी का संकल्प लेकर कावड़ उठाएंगी रेखा आर्या>>कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा देश>>सावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब>>बारिश के साथ बढ़ा डेंगू का खतरा, 40 अस्पतालों में 1,662 बेड किए गए आरक्षित
ताज़ा खबरेंदेश

BSP सांसद सतीश मिश्र ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-‘अन्नदाताओं को कहा जा रहा है राष्ट्र का शत्रु’

आकाश ज्ञान वाटिका, 5 फ़रवरी 2021, शुक्रवार। किसान आंदोलन को लेकर आज भी संसद में हंगामे का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की ओर से किसान आंदोलन पर बयान आने के बाद सरकार ने इसका विरोध किया है और दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साजिश के आरोप में एफआइआर फाइल कर दी है। किसान आंदोलन के मुद्दे को लेकर आज भी संसद में हंगामा हो रहा है।

राज्यसभा में आज बोलते हुए बीएसपी सांसद सतीश मिश्र ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थलों के पास नाके तय कर दिए गए हैं। मुझे लगता है कि सरकार ने पाकिस्तान की सीमा पर इस तरह की तैयारी नहीं की होगी जैसा कि वह दिल्ली की सीमाओं पर कर रही है। अन्नदाताओं को राष्ट्र का शत्रु कहा जा रहा है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अहंकार को दूर करें और तीन कानूनों को निरस्त करें।

उन्होंने आगे कहा कि किसानों को दबाने के लिए आपने (सरकार) खाई खोद दी है। आपने यह उनके लिए नहीं, बल्कि खुद के लिए किया है। आपने उनके पानी और बिजली की आपूर्ति और यहां तक ​​कि शौचालयों को हटा दिया, यह सोचे बिना कि महिलाएं भी हैं। यह एक मानवाधिकार उल्लंघन है।

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर शुरू हुई चर्चा गुरुवार को किसानों के मुद्दों के आसपास सिमट गई। हालांकि पहले दिन के मुकाबले यह ज्यादा रोचक हो गई है। विपक्ष ने कृषि कानूनों व उसके विरोधियों के आंदोलन के मुद्दे पर जहां सरकार की घेराबंदी की, वहीं सत्ता पक्ष ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा, हम किसानों के मित्र हैं और उनकी आय दोगुनी करने के प्रति संकल्पित भी हैं। माना जा रहा है कि इस चर्चा का शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब दे सकते हैं।

इस दौरान भाजपा की ओर से कांग्रेस छोड़कर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, जब मोदी के नेतृत्व में पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था, तो कुछ लोग सिर्फ सवाल पूछ रहे थे। लाकडाउन क्यों किया। अनलाक क्यों किया। शायद उन्हें पता नहीं है कि यह ऐसा लाकडाउन था, जहां एक व्यक्ति के अनुरोध पर पूरे देश की जनता स्वेच्छा से उसके साथ खड़ी हो गई। वहीं एक लाकडाउन 1975 में था, जब इमरजेंसी लागू की गई थी जो देश की जनता पर थोपा गया था और देश को जेलखाना बना दिया गया था। सिंधिया ने कांग्रेस को उसके घोषणा पत्र की याद दिलाते हुए कहा, जुबान बदलने की आदत बंद करनी होगी। चित भी मेरी, पट भी मेरी। देश के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलेगा। जो कहा है कि उस पर खड़े रहिए।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए जनता दल (सेक्यूलर) के सांसद व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा, सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विचार करना चाहिए और कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। चर्चा के दौरान पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने आंकड़ों के साथ बताया कि संप्रग सरकार के समय सिर्फ 236 करोड़ रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में दिए जाते थे, जबकि हम 10,500 करोड़ की एमएसपी दे रहे हैं। प्रधान ने गन्ना किसानों के भुगतान समेत किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि का भी जिक्र किया।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!