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बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग

बरिसल। बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक अखबार ‘समकाल’ के बरिसल ब्यूरो कार्यालय में शुक्रवार शाम वरिष्ठ पत्रकार पुलक चटर्जी का शव फंदे से लटका मिला। 57 वर्षीय चटर्जी ‘समकाल’ के बरिसल ब्यूरो चीफ रह चुके थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

बरिसल कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अल मामून-उल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मौत की वास्तविक वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चटर्जी को करीब तीन साल पहले ‘समकाल’ से हटा दिया गया था। वह बरिसल प्रेस क्लब के महासचिव भी रह चुके थे। इससे पहले उन्होंने कई वर्षों तक ‘जुगांतर’ अखबार के साथ काम किया था। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं।

घटना को लेकर बांग्लादेश की अवामी लीग ने शनिवार को कई सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। पार्टी ने दावा किया कि सामने आई तस्वीर में चटर्जी के दोनों पैर जमीन पर टिके, घुटने मुड़े और शरीर लगभग सीधा दिखाई दे रहा है। पार्टी ने इसे सामान्य आत्महत्या नहीं मानते हुए पूर्वनियोजित साजिश की आशंका जताई और इसकी जांच की मांग की।

अवामी लीग ने आरोप लगाया कि 2001 से 2006 के बीच बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के शासन के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा और पत्रकारों पर दबाव जैसी परिस्थितियां 2026 में फिर दिखाई दे रही हैं। पार्टी ने कहा कि पुलक चटर्जी उस दौर में पत्रकारिता कर रहे थे और उन्होंने उन घटनाओं को देखा तथा उनके बारे में लिखा था।

अवामी लीग ने चटर्जी को अल्पसंख्यक, पत्रकार और ‘समकाल’ के पूर्व ब्यूरो प्रमुख के रूप में संदर्भित करते हुए उनकी मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस के अनुसार मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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