Breaking News :
>>हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील>>श्रीनगर से सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए मुख्यमंत्री धामी ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण>>सरकार ने अनुपूरक बजट में हर वर्ग के कल्याण पर फ़ोकस किया है: महाराज>>जिलाधिकारी ने छतरीधार स्थित ईवीएम गोदाम में चल रही एफएलसी प्रक्रिया का किया निरीक्षण>>ईरान से समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- युद्ध खत्म करने का फैसला मैं करूंगा>>बदलते मौसम में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए रखें खास ध्यान, खानपान से लेकर साफ-सफाई तक जरूरी>>एमएलसी चुनाव: अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- वोट से नहीं, खोट से जीतती है पार्टी>>एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक की लहर>>मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का ट्रेलर रिलीज, सात भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में देगी दस्तक>>मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास>>अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, तीन जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील>>त्योहारी सीजन में मिठाइयों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, छह नमूने जांच को भेजे>>भाजपा प्रदेश सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का कोटद्वार एवं सतपुली में कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत>>बर्मिंघम में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासी खूब झूमे उत्तराखण्ड के लोक गीतों पर>>त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क, श्रीनगर में प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण>>ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया जारी>>लगातार कब्ज की समस्या को न करें नजरअंदाज, त्वचा पर भी पड़ सकता है असर; एक्जिमा का बढ़ सकता है खतरा>>भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन हंगामा, कांग्रेस-उक्रांद का प्रदर्शन, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता>>सीएम धामी ने विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि>>बागेश्वर में बड़ा हादसा: गोमती नदी में गिरी स्कूटी, 25 वर्षीय युवक का शव बरामद
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भारत बंद करके यह अपनी आतंकवादी गतिविधियों को और बढ़ाना चाहते हैं’

आकाश ज्ञान वाटिका, 27 सितम्बर 2021, सोमवार, लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन के भारत बंद का उत्तर प्रदेश पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। गाजियाबाद को छोड़कर अन्य सभी शहरों में गतिविधियां सामान्य हैं। इसी बीच में इस बंद के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट ने राकेश टिकैत तथा भारत बंद कर रहे किसान नेताओं पर जमकर हमला बोला है।

भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि किसान नेताओं के इस भारत बंद से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि क्या भारत बंद करके राकेश टिकैत अपनी आतंकवादी गतिविधियों को और बढ़ाना चाहते हैं। भानु प्रताप ने कहा कि आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जा किया। लगता है कि राकेश टिकैट भी भारत में उस तरह की गतिविधियों को बढ़ाना चाहते हैं। इनकी सोच तो ठीक नहीं लगती है।

किसान यूनियनों के आज के भारत बंद को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर निशाना साधते हुए बंद को तालिबानी कदम बताया है। भानु प्रताप ने कहा कि राकेश टिकैत खुद को किसान नेता कहते हैं और फिर भारत बंद की घोषणा करते हैं, जो अर्थव्यवस्था और किसानों को प्रभावित करता है। इससे किसी का भला भी कैसे होता है। वह इसी तरह की गतिविधियों को जारी रखते हुए तालिबान के नक्शे कदम पर चलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक, जिला, मंडल और प्रदेश के सभी पदाधिकारियों का आह्वान करता हूं कि भारत बंद का कोई सहयोग ना करे और इसका विरोध करें। ऐसे संगठन जो आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं उनको सरकार दबाने की कोशिश करें।

भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत पर लगातार हमला बोलते रहते हैं। इससे पहले भी उन्होंने हमला बोला था। भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत को ठग बताया। उन्होंने कहा है कि राकेश टिकैत बिना ठगे कोई काम नहीं करते हैं। भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन कांग्रेस सरकार की फंडिंग से चल रहा है

यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्होंने टिकैत पर हमला बोला है। वह इससे पूर्व भी कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं। मार्च महीने में कि भानू प्रताप ने कहा था कि सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे संगठन कांग्रेस के खरीदे हुए और कांग्रेस के भेजे हुए थे। कांग्रेस इनको फंडिंग कर रही थी। इस बात का पता हमें 26 जनवरी को ही चल गया था। जब हमें मालूम पड़ा कि इन्होंने 26 जनवरी को पुलिस पर हमला किया और लाल किले पर दूसरा झंडा फहराया है। उसी दिन हमने अपना समर्थन वापस ले लिया और यह संकल्प लिया कि हम इनके साथ नहीं रहेंगे और हम आंदोलन खत्म कर वापस चले आए।

 भानु प्रताप सिंह और उनका संगठन 26 जनवरी से पहले किसान आंदोलन में शामिल था। गणतंत्र दिवस की हिंसा के बाद भानु प्रताप सिंह इस आंदोलन से अलग हो गए। इसके बाद भानु प्रताप सिंह तो राकेश टिकैत पर लगातार हमला बोलते रहते हैं। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हेंं आंदोलन स्थगित कर देना चाहिए। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जहां पर किसान एकत्र हैं वहां पर तो काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और शराब की बोतल मिल रही है। असली किसान आंदोलन में नहीं है, वहां केवल शराब पीने वाले और नोट लेने वाले लोग हैं।

देश में केन्द्र सरकार के तीन लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। इसका नेतृत्व राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान संगठन कर रहे हैं। यह लोग कृषि कानूनों को रद करने के अलावा किसी और भी फैसले पर राजी नहीं हैं। किसानों के इस आंदोलन का 26 नवंबर 2021 को एक वर्ष पूरा होने वाला है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार 17 सितंबर 2020 को अध्यादेश पारित कर नए कृषि कानून लाई थी

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!