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किसानों को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला, कृषि मंत्री ने कही यह बात

सिंघू बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की शनिवार को अहम बैठक होगी। इसमें किसान आंदोलन को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है। किसान नेताओं की मानें तो एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समिति गठन के लिए केंद्र सरकार को पांच नाम भेजे जाएं या नहीं-इस पर भी फैसला लिया जा सकता है। बैठक में लंबित मांगों पर चर्चा होगी। इनमें फसलों के एमएसपी पर कानूनी गारंटी, किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए मुआवजा आदि मुद्दे शामिल हैं। एसकेएम की कोर समिति के सदस्य दर्शनपाल ने बताया कि बैठक में लंबित मांगों पर चर्चा के साथ ही आंदोलन के भविष्‍य को लेकर बातचीत होगी।

… तभी खत्म हो सकता है आंदोलन- चंढूनी

भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरूनाम सिंह चढ़ूनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने साफतौर पर कहा है कि कृषि कानून के बाद अब राज्य सरकारों को किसानों के खिलाफ दर्ज मामले खत्म करने होंगे। साथ ही MSP पर बात करनी होगी। शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा देना होगा। इसके बाद ही किसानों का आंदोलन खत्म होगा। इससे पहले एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में चढ़ूनी ने यहां तक कह दिया था कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर किसान आंदोलन को खत्म ही नहीं करना चाहते हैं। वो किसानों के हितों की बात ही नहीं करते हैं। 

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। उन्होंने लिखा है कि 4 दिसंबर की संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में सभी किसान संगठन सर्वसम्मति से अहम फैसला लेंगे। सरकार टेबल पर आयेगी तो हम किसानों की शहादत से जुड़े सभी तथ्य सामने रखेंगे।

बार्डर पर SKM की बैठक पर मोर्चा के नेता ने दिए ये संकेत 

यदि कुछ अप्रत्याशित नहीं हुआ तो चार दिसंबर को बार्डर पर होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आंदोलन खत्म करने का एलान हो सकता है। मोर्चा के नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि मोर्चा ने 21 नवंबर को छह मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। सरकार संसद में एमएसपी गारंटी कानून बनाने पर प्रतिबद्धता बताए। कमेटी गठित कर इसकी ड्राफ्टिंग क्लियर करे और समय सीमा तय करे। किसानों पर दर्ज मुकदमे रद करे, आंदोलन में मारे गए लोगों के आश्रितों को मुआवजा और उनका पुनर्वास, शहीद स्मारक बनाने को जगह दे तो फिर किसानों को इतनी भीषण ठंड में सड़कों पर बैठकर आंदोलन करने का शौक नहीं है। उनके साथ बहुत बड़ी संख्या में बुजुर्ग हैं, ठंड में सभी को परेशानी हो रही है। लेकिन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।

बंद हो गए धरनास्थल पर चल रहे सबसे बड़े लंगर

कुंडली और टीकरी बार्डर के धरनास्थल पर चल रहे सबसे बड़े लंगर किसान आंदोलन खत्म होने से पहले ही बंद हो गए हैं। यह लंगर पूरे एक साल चले। अब आंदोलन खत्म होने की उम्मीद जगने पर अप्रवासी भारतीय डाक्टरों के समूह ने लंगर बंद कर दिए और सामान समेटकर धरनास्थल से चले गए। कैलिफोर्निया के डाक्टराें संगठन कुंडली और टीकरी बार्डर पर दो लंगर चला रहा था। इन लंगरों में रोजाना दस हजार लोग खाना खाते थे। सात एनआरआइ डाक्टर मिलकर कुंडली और टीकरी बार्डर पर लंगर चला रहे थे। इस संगठन में पांच डाक्टर पंजाब के, एक अंबाला और एक कैलिफोर्निया का डाक्टर शामिल था। संगठन को हार्ट स्पेशलिस्ट डा. स्वमन सिंह चला रहे थे।

एमएसपी पर कोई संशय नहीं : तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कोई संशय नहीं है। एमएसपी पहले भी थी और आगे भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसपी में और पारदर्शिता लाने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। तोमर ने यह बात शुक्रवार रात ग्वालियर में मीडिया से चर्चा में कही। तोमर दो दिवसीय प्रवास पर अपने गृहनगर ग्वालियर आए हैं। तोमर ने कृषि कानून विरोधी आंदोलन में मृत किसानों के आश्रितों को मुआवजा देने संबंधी राहुल गांधी के बयान पर कहा कि उन्हें उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गंभीरता से नहीं लेते हैं। मैं उनके बयान पर कोई टिप्पणी करना नहीं चाहता हूं।

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Ghanshyam Chandra

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