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उत्‍तराखंड में युवाओं का इंजीनियरिंग के प्रति रुझान तेजी से घट रहा है

आकाश ज्ञान वाटिका। बीटेक पास करने के बाद निजी क्षेत्र में बेहद कम मानदेय मिलने के कारण प्रदेश में युवाओं का इंजीनियरिंग के प्रति रुझान तेजी से घट रहा है। इस वर्ष युवाओं ने इंजीनियरिंग का मोह छोड़ आइटीआइ को तरजीह दी है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष आइटीआइ में 18 से 20 फीसद अधिक दाखिले हुए, जबकि प्रदेश के 92 सरकारी व निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 60 फीसद सीटें रिक्त रह गई हैं। जिसकी रिपोर्ट राजभवन ने तलब की और जिस पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। निर्धारित समय तक प्रदेश में आइटीआइ की लगभग सभी सीटें भर चुकीं हैं। आरक्षित श्रेणी की जो सीटें रिक्त हैं, उन्हें सामान्य श्रेणी से भरने के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा गया है।

विदित रहे कि पहली बार आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण छात्र-छात्रओं को ईडब्ल्यूएस का लाभ देते हुए प्रदेश की 88 आइटीआइ में 780 सीटें आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण छात्र-छात्रओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें से करीब डेढ़ सौ सीटें ही भरी हैं। प्रदेश भर की आइटीआइ की 7912 सीटों के लिए 11501 छात्र-छात्रओं को मेरिट में स्थान दिया गया था। नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) के तहत संचालित प्रदेशभर के 88 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) की काउंसिलिंग के लिए 15293 छात्र-छात्रओं ने आवेदन किया था, विभाग के प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने मेरिट लिस्ट छात्र-छात्रओं की च्वाइस फिलिंग के आधार पर तैयार की। प्रदेश में एनसीवीटी आइटीआइ के 32 ट्रेडों में दाखिला हुए। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) के तहत संचालित ट्रेडों में इस बार छात्रों को प्रवेश परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ा। आठ से 11 अगस्त तक छात्रों ने ऑनलाइन काउंसिलिंग में पंजीकरण, च्वाइस फिलिंग व च्वाइस लॉक की। इसकी पुष्टि प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के उपनिदेशक जेएस नेगी ने की।

पंकज गुप्ता (अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड) का कहना है कि उत्तराखंड व्यावसायिक परीक्षा परिषद की ओर से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र जैसे देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी स्थित आइटीआइ में अधिक से अधिक ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। इसका सीधा लाभ उद्योगों को मिलता है। नजदीक की कंपनियां आइटीआइ में ही कैंपस साक्षात्कार आयोजित कर युवाओं को अपनी कंपनी में रोजगार देती है। ’

प्रदेशभर की आइटीआइ में वर्तमान में 32 ट्रेड संचालित होते हैं। जिसमें ड्रॉफ्ट्समैन सिविल एवं इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्टिशियन, फिटर, स्टूमेंट्स मैकेनिक, मशीनिस्ट, स्टेनोग्राफी, वायरमैन, रेफरीजरेशन एंड एयर कंडीशन फैशन टेक्नोलॉजी, स्टोनोग्राफर इंग्लिश, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, प्लंबर, आपरेटर, स्वीविंग टेक्नोलॉजी, फैशन डिजाइनिंग टेक्नोलॉजी,कम्प्यूटर ऑपरेटर, ड्रेस मेकिंग, प्लंबर, पेंटर, ब्यूटीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि है। प्रदेश में सबसे अधिक दून स्थित निरंजपुर आइटीआइ में 20 के अलावा अल्मोड़ा व हल्द्वानी राजकीय आइटीआइ में 17-17, काशीपुर आइटीआइ में 15, जबकि हरिद्वार आइटीआइ में 10 ड्रेट संचालित किए जा रहे हैं।

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Ghanshyam Chandra

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