Breaking News :
>>एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, हरभजवाला से बाईपास तक अवैध निर्माण सील>>मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली से लेकर फार्मर रजिस्ट्री तक दिए कड़े निर्देश>>ऋषिकेश में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेता जेई रंगे हाथ गिरफ्तार>>नैनीताल में दर्दनाक सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, पांच की मौत>>चाय के साथ सिगरेट पीना पड़ सकता है भारी, जान लीजिये इसके नुकसान>>द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से खुले>>बंगाल के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य, राज्य सरकार का बड़ा फैसला>>मुख्यमंत्री धामी ने पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की पुण्यतिथि पर किया उन्हें याद>>‘करुप्पु’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन, 6 दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा>>भीषण गर्मी से तप रहा दून, तापमान हुआ 40 के पार>>पैनेसिया हॉस्पिटल अग्निकांड- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने जाना मरीजों एवं घायल पुलिसकर्मियों का हाल>>उत्तराखंड में हीट वेव से निपटने को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट>>अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, रोहित-कोहली की हुई वापसी>>हीट वेव से निपटने को DEOC 24×7 अलर्ट मोड पर, चिकित्सा एवं रेखीय विभागों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी>>‘कॉकटेल 2’ का नया सॉन्ग ‘माशूका’ हुआ रिलीज, शाहिद-कृति के डांस मूव्स ने जीता दिल>>11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में फंसा हेलीकॉप्टर, महिला पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा>>देहरादून के पैनेसिया हॉस्पिटल में लगी भीषण आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत>>उत्तराखंड में भीषण गर्मी का कहर, दून में 40 डिग्री के करीब पहुँचा तापमान>>पूर्व सीएम खंडूड़ी के निधन पर उपराष्ट्रपति ने जताया शोक, आवास पर पहुँच कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि>>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि
स्वास्थ

ठंड शुरू होते ही बच्चों में क्यों बढ़ जाती हैं खांसी-जुकाम की समस्या, आइये जानते हैं इसके कारण

सर्दियों की शुरुआत होते ही बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और कान दर्द जैसी दिक्कतों के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड का मौसम संक्रमणों के प्रसार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है, जिससे छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती, ऐसे में तापमान में मामूली गिरावट भी उन्हें बीमार कर सकती है।

माता-पिता के लिए यह चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि इस मौसम में बच्चों की त्वचा रूखी हो जाती है, होंठ फटने लगते हैं और बार-बार सर्दी लगने की समस्या आम हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड और शुष्क हवा नाक की म्यूकस लाइनिंग को कमजोर कर देती है, जिससे वायरस शरीर में आसानी से प्रवेश कर पाते हैं। साथ ही बच्चे स्कूल और घर जैसे बंद स्थानों में ज्यादातर समय बिताते हैं, जहाँ एक-दूसरे से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है।

क्यों बार-बार बीमार पड़ते हैं बच्चे?

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और शुष्क हवा ऐसे हालात पैदा कर देती है जो वायरस को सक्रिय रखने में मदद करते हैं।

कम तापमान में फ्लू जैसे कई वायरस लंबे समय तक जीवित रहते हैं।

बच्चे बार-बार हाथ-मुंह-नाक को छूते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित होने की प्रक्रिया में होने के कारण बच्चे वयस्कों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

घरों में लगातार हीटर चलने से हवा सूख जाती है, जो श्वसन तंत्र पर असर डालती है।

सर्दियों में कमजोर हो जाती है इम्यूनिटी

विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, जिससे विटामिन-D का स्तर घट जाता है। ठंड के कारण बच्चे बाहर कम खेलते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और बच्चे तेजी से संक्रमण की चपेट में आते हैं।

कैसे रख सकते हैं बच्चों को सुरक्षित?
1. पोषक आहार सबसे जरूरी

फल, सब्जियां और विटामिन-C से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे संतरा, कीवी, अमरूद आदि बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। जिंक से भरपूर ड्राई फ्रूट्स और दालें भी संक्रमण से रक्षा करने में मदद करती हैं।

2. नियमित शारीरिक गतिविधि

हल्की एक्सरसाइज या खेलकूद बच्चे के रक्त संचार और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

3. स्वच्छता के नियम सख्ती से अपनाएं

– हाथ कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से धोना
– चेहरे और नाक-मुंह को छूने से बचना
– स्कूल से लौटने के बाद हाथ और चेहरा धोना
छोटे बच्चों के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

4. गर्म कपड़े और सही तापमान का ध्यान रखें

विशेषज्ञ कहते हैं कि ठंड में बच्चों को लेयरिंग में कपड़े पहनाना सबसे प्रभावी तरीका है।
बाहर जाते समय टोपी, दस्ताने और मफलर जरूर पहनाएं।
घर के अंदर हवा अधिक सूखी न हो, इसके लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग फायदेमंद है।

5. सूप और गरम पेय से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

अदरक, शहद, तुलसी और लहसुन जैसे प्राकृतिक तत्व वाली चीजें शरीर को गर्म रखती हैं और इम्यूनिटी मजबूत करती हैं।
सर्दियों में गरम सूप, दाल और हर्बल टी बच्चों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है।

6. नींद पूरी होनी चाहिए

नींद की कमी सीधा इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। डॉक्टरों के अनुसार:

शिशु: 12–16 घंटे

बच्चे (6–12 वर्ष): 9–12 घंटे

किशोर: 8–10 घंटे
नींद बच्चों की रोज़मर्रा की प्रतिरोधक क्षमता में अहम भूमिका निभाती है।

भीड़भाड़ से दूरी रखें: विशेषज्ञ की सलाह

मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि मौसम बदलते ही बच्चों की दिनचर्या और आहार में छोटे-छोटे बदलाव बहुत ज़रूरी हैं।
वे सलाह देते हैं कि—

बच्चों को गुनगुना पानी दें

पोषण का खास ध्यान रखें

मौसम के अनुसार गर्म कपड़े पहनाएं

घर में बीमार व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कम ले जाएं

डॉ. दीपक कहते हैं कि यदि बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हों, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि यह कमजोर प्रतिरक्षा का संकेत हो सकता है।

(साभार)

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!