Breaking News :
>>पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश>>पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा के लिए तैयारियां पूर्ण, जिला प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम>>अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य की स्थिति का संज्ञान लेने पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष>>आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश>>सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास>>मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा>>भारत-जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज का आगाज आज, जानें कब और कहां देखें पहला मुकाबला>>स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर एवं वन क्षेत्र में चलाया स्वच्छता अभियान>>दुनियाभर में गूंजेगी भगवान राम की गाथा, रिलीज हुआ ‘रामायण’ का ग्लोबल ट्रेलर>>‘जेलर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा>>तय समय में सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल आयुक्त सख्त>>देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस>>तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण>>हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज>>अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी>>हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव>>मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी>>नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान>>पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज>>उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना कोरोना काल के बाद से नहीं हो पाई शुरू, पढ़िए पूरी खबर

आकाश ज्ञान वाटिका, 9 अप्रैल 2021, शुक्रवार, देहरादून। उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना कोरोना काल के बाद से शुरू नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि उड़ान सेवा के तहत शुरू की गई देहरादून से पिथौरागढ़ हवाई सेवा और देहरादून से टिहरी, श्रीनगर तथा गौचर हेली सेवा कुछ दिनों तक चलने के बाद अब तक बंद पड़ी हुई है। दरअसल, प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से उड़ान योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत प्रदेश में दो फिक्सड विंग हवाई सेवा और 13 स्थानों से हेली सेवाओं का संचालन किया जाना है। इसमें देहरादून से पंतनगर और देहरादून से पिथौरागढ़ की हवाई सेवा संचालित होनी थी, जो बीते एक साल से संचालित नहीं हो रही है। हेली सेवाओं में सरकार ने वर्ष 2019 के अंत में नई टिहरी, चिन्यालीसौड़, गौचर, श्रीनगर व देहरादून को शुरू किया। ये हवाई सेवाएं भी कोरोना काल के बाद से ही बंद पड़ी हुई हैं।

पिछली त्रिवेंद्र सरकार ने जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्ट व नाकारा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना बनाई। इसके लिए बाकायदा शासनादेश जारी किया गया। विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई कि 50 साल से अधिक उम्र के ऐेसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर शासन को सौंपी जाए, ताकि इन कर्मचारियों की कुंडली खंगाली जा सके। जिन पर गंभीर आरोप हों और इतिहास भी ठीक न हो, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए। सरकार का आदेश मिलते ही विभागों में सूचियां को बनाने का काम शुरू हुआ लेकिन जाने क्यों कुछ दिनों बाद ही इससे नजरें फेर ली गईं। इससे नाकारा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। शासन ने रिमाइंडर भेजा तो कागजी प्रक्रिया फिर शुरू हुई। अब प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन होने के बाद से पूरी प्रक्रिया लंबित पड़ी हुई है। अब शासन व कर्मचारी, दोनों की नजरें ही नए सरकार के रुख पर टिकी हुई है।

उत्तराखंड योग प्रदेश के रूप में अब तेजी से पहचान बना रहा है। हरिद्वार, ऋषिकेश समेत आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश-विदेश से साधक योग सीखने आते हैं। सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से एक योजना योग प्रशिक्षितों को रोजगार देने की है। वर्ष 2016 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने 21 जून, यानी विश्व योग दिवस के दिन 20 हजार योग प्रशिक्षितों को रोजगार देने का एलान किया। इसके लिए योजना भी बनाने की बात कही गई। स्कूलों में योग को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने पर सहमति बनी। सरकार के इस कदम से योग प्रशिक्षितों को इस क्षेत्र में रोजगार मिलने को लेकर आस भी जगी। अभी स्थिति यह है कि प्रदेश में योग प्रशिक्षितों की संख्या 25 हजार से अधिक पहुंच चुकी है, लेकिन पांच साल पहले की गई घोषणा धरातल पर उतर ही नहीं पाई है।

प्रदेश सरकार ने केंद्र की तर्ज पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग का एकीकरण का निर्णय लिया। कहा गया कि इससे युवाओं के कल्याण के कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए वर्ष 2018 में कवायद शुरू की गई। कैबिनेट से इसका प्रस्ताव भी पारित कराया गया। शासन के अधिकारियों ने तो अधिकारिक आदेश से पहले ही दोनों विभागों के अधिकारियों में कार्यविभाजन भी कर डाला। इसे लेकर कर्मचारियों में विरोध शुरू हो गया। ऐसे में शासन द्वारा दोनों विभागों के कार्मिकों से आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए गए। इस पर अधिकांश कर्मचारियों ने एकीकरण को लेकर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया है। कहा गया कि दोनों विभागों की कार्यशैली बिल्कुल अलग है। खेल अलग विधा है और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को खेल का अनुभव नहीं है। बढ़ते विरोध को देखते हुए फिलहाल सरकार ने इससे कदम पीछे खींचे हुए हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!