Breaking News :
>>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी के जन्मदिवस पर 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, मुख्यमंत्री धामी ने 7.52 करोड़ के स्नान घाट का किया लोकार्पण>>कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल>>खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण>>औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग>>ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की कार्रवाई, 17 वारंटी गिरफ्तार>>विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना>>18 सितंबर को 140 विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम धामी, युवाओं के विजन पर होगा मंथन>>मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु चलाया जाएगा अभियान>>नेहरू कॉलोनी में नकबजनी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार>>परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन>>सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ का ट्रेलर हुआ रिलीज>>बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी- जिलाधिकारी>>भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला आज>>पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में कार्यक्रम, मंदिरों में पूजा से लेकर ‘आशीर्वाद का दीया’ तक आयोजन>>EPF की नई सीमा से पंजाब के करीब दो लाख कर्मचारियों को फायदा, उद्योग पर बढ़ेगा खर्च>>नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर खण्ड स्तरीय समिति गठित>>केंद्र के मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें, लिखित गारंटी लें: उमर अब्दुल्ला>>देहरादून में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश>>अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन स्थानों पर सीलिंग, दो जगह ध्वस्तीकरण>>मसूरी में गढ़वाल सभा भूमि एवं भवन हेतु सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार प्रकट करते गढ़वाल सभा के पदाधिकारी
उत्तराखण्डताज़ा खबरें

उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना कोरोना काल के बाद से नहीं हो पाई शुरू, पढ़िए पूरी खबर

आकाश ज्ञान वाटिका, 9 अप्रैल 2021, शुक्रवार, देहरादून। उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना कोरोना काल के बाद से शुरू नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि उड़ान सेवा के तहत शुरू की गई देहरादून से पिथौरागढ़ हवाई सेवा और देहरादून से टिहरी, श्रीनगर तथा गौचर हेली सेवा कुछ दिनों तक चलने के बाद अब तक बंद पड़ी हुई है। दरअसल, प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से उड़ान योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत प्रदेश में दो फिक्सड विंग हवाई सेवा और 13 स्थानों से हेली सेवाओं का संचालन किया जाना है। इसमें देहरादून से पंतनगर और देहरादून से पिथौरागढ़ की हवाई सेवा संचालित होनी थी, जो बीते एक साल से संचालित नहीं हो रही है। हेली सेवाओं में सरकार ने वर्ष 2019 के अंत में नई टिहरी, चिन्यालीसौड़, गौचर, श्रीनगर व देहरादून को शुरू किया। ये हवाई सेवाएं भी कोरोना काल के बाद से ही बंद पड़ी हुई हैं।

पिछली त्रिवेंद्र सरकार ने जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्ट व नाकारा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना बनाई। इसके लिए बाकायदा शासनादेश जारी किया गया। विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई कि 50 साल से अधिक उम्र के ऐेसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर शासन को सौंपी जाए, ताकि इन कर्मचारियों की कुंडली खंगाली जा सके। जिन पर गंभीर आरोप हों और इतिहास भी ठीक न हो, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए। सरकार का आदेश मिलते ही विभागों में सूचियां को बनाने का काम शुरू हुआ लेकिन जाने क्यों कुछ दिनों बाद ही इससे नजरें फेर ली गईं। इससे नाकारा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। शासन ने रिमाइंडर भेजा तो कागजी प्रक्रिया फिर शुरू हुई। अब प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन होने के बाद से पूरी प्रक्रिया लंबित पड़ी हुई है। अब शासन व कर्मचारी, दोनों की नजरें ही नए सरकार के रुख पर टिकी हुई है।

उत्तराखंड योग प्रदेश के रूप में अब तेजी से पहचान बना रहा है। हरिद्वार, ऋषिकेश समेत आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश-विदेश से साधक योग सीखने आते हैं। सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से एक योजना योग प्रशिक्षितों को रोजगार देने की है। वर्ष 2016 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने 21 जून, यानी विश्व योग दिवस के दिन 20 हजार योग प्रशिक्षितों को रोजगार देने का एलान किया। इसके लिए योजना भी बनाने की बात कही गई। स्कूलों में योग को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने पर सहमति बनी। सरकार के इस कदम से योग प्रशिक्षितों को इस क्षेत्र में रोजगार मिलने को लेकर आस भी जगी। अभी स्थिति यह है कि प्रदेश में योग प्रशिक्षितों की संख्या 25 हजार से अधिक पहुंच चुकी है, लेकिन पांच साल पहले की गई घोषणा धरातल पर उतर ही नहीं पाई है।

प्रदेश सरकार ने केंद्र की तर्ज पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग का एकीकरण का निर्णय लिया। कहा गया कि इससे युवाओं के कल्याण के कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए वर्ष 2018 में कवायद शुरू की गई। कैबिनेट से इसका प्रस्ताव भी पारित कराया गया। शासन के अधिकारियों ने तो अधिकारिक आदेश से पहले ही दोनों विभागों के अधिकारियों में कार्यविभाजन भी कर डाला। इसे लेकर कर्मचारियों में विरोध शुरू हो गया। ऐसे में शासन द्वारा दोनों विभागों के कार्मिकों से आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए गए। इस पर अधिकांश कर्मचारियों ने एकीकरण को लेकर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया है। कहा गया कि दोनों विभागों की कार्यशैली बिल्कुल अलग है। खेल अलग विधा है और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को खेल का अनुभव नहीं है। बढ़ते विरोध को देखते हुए फिलहाल सरकार ने इससे कदम पीछे खींचे हुए हैं।

Loading

Ghanshyam Chandra

AKASH GYAN VATIKA (www.akashgyanvatika.com) is one of the leading and fastest growing web News Portal which provides latest information about the Political, Social Activities, Environmental, entertainment, sports, General Awareness etc. I, GHANSHYAM CHANDRA, EDITOR, AKASH GYAN VATIKA provide News and Articles about the abovementioned subject and also provide latest/current state/national/international News on various subject.
error: Content is protected !!