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युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा, ये शुरुआती लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान

आजकल बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप भी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। लंबे समय तक तनाव में रहना, पर्याप्त नींद न लेना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती दौर में अक्सर कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में कई लोगों को लंबे समय तक इस समस्या का पता ही नहीं चलता। समय पर इसकी पहचान न होने पर हृदय और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में युवाओं के लिए इसके कारणों, संभावित लक्षणों और बचाव के उपायों को समझना बेहद जरूरी है।

युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर बढ़ने के क्या हैं कारण?

1. लगातार तनाव में रहना: पढ़ाई, नौकरी और निजी जीवन से जुड़ी परेशानियां युवाओं में मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम हो सकता है। तनाव के कारण लोग कई बार अस्वस्थ खानपान और अन्य खराब आदतें भी अपना लेते हैं।

2. पर्याप्त नींद न लेना: देर रात तक जागना और नियमित रूप से कम नींद लेना भी हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकता है। शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

3. शारीरिक गतिविधियों की कमी: आजकल ज्यादातर युवा लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं। शारीरिक मेहनत और व्यायाम की कमी से वजन बढ़ सकता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बढ़ जाता है।

4. अधिक नमक का सेवन: खाने में जरूरत से ज्यादा नमक का इस्तेमाल और चिप्स, पैकेटबंद स्नैक्स जैसे अधिक सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह बन सकता है।

5. मोटापा और बढ़ता वजन: शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने से हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ सकता है।

6. धूम्रपान और शराब का सेवन: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, अधिक मात्रा में शराब पीने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका रहती है।

7. आनुवंशिक कारण: यदि परिवार में माता-पिता या अन्य करीबी सदस्यों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रही है, तो युवाओं में भी इसका खतरा अधिक हो सकता है।

8. अन्य बीमारियां और दवाएं: किडनी से जुड़ी बीमारियां, हार्मोन संबंधी समस्याएं और कुछ दवाओं के सेवन से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है, क्योंकि अधिकतर मामलों में शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। यही वजह है कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। हालांकि, कुछ लोगों को निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं।

बार-बार सिरदर्द होना।
चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना।
आंखों से धुंधला दिखाई देना।
बिना किसी स्पष्ट कारण के थकान महसूस होना।
कभी-कभी नाक से खून आना।
सांस लेने में परेशानी होना।

ध्यान रहे कि ये लक्षण केवल हाई ब्लड प्रेशर के कारण ही नहीं होते। इनकी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर हाई बीपी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

यदि ब्लड प्रेशर बहुत अधिक हो और इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में दिक्कत अथवा अचानक नजर कमजोर होने जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

युवाओं को हाई बीपी से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने के लिए युवाओं को अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी बदलाव करने चाहिए।

नियमित व्यायाम करें: रोजाना पैदल चलना, साइकिल चलाना या अन्य शारीरिक गतिविधियां करना फायदेमंद हो सकता है।
नमक का सेवन सीमित रखें: भोजन में अतिरिक्त नमक डालने से बचें और अधिक नमक वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
पर्याप्त नींद लें: हर दिन पर्याप्त और नियमित नींद लेने की आदत डालें।
तनाव को नियंत्रित करें: योग, ध्यान और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालें।
वजन संतुलित रखें: संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
धूम्रपान से बचें: तंबाकू का सेवन छोड़ना हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
नियमित जांच कराएं: समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें, भले ही किसी तरह की परेशानी महसूस न हो।

यदि बार-बार जांच में ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक आता है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के बिना दवाएं शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण, जांच और उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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